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Fatehabad News: पांच घंटे तक गांव समैन में रहा तनाव का माहौल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jan 2023 10:59 PM IST
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There was tension in the village Saman for five hours.
गांव समैन में सामुदायिक केंद्र के बाहर खड़े ग्रामीण और तैनात पुलिसकर्मी। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद/समैन। पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के विरोध के चलते गांव समैन में शुक्रवार को पांच घंटे तक तनाव का माहौल बना रहा। हालत ऐसी रही कि मंत्री समर्थकों और सरपंच समर्थक ग्रामीणों के बीच टकराव का अंदेशा भी बना रहा। खुद एसपी आस्था मोदी को गांव में पहुंचकर निगरानी करनी पड़ी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचाना, टोहाना व भूना क्षेत्र के डीएसपी के नेतृत्व में फतेहाबाद व जींद जिले के 300 से अधिक पुलिसकर्मी गांव के सामुदायिक केंद्र के आसपास तैनात किए गए। सुबह 10 बजे शुरू हुआ गहमागहमी भरा माहौल दोपहर 3 बजे बाद शांत हुआ।
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दरअसल, 23 जनवरी के मधुर मिलन समारोह का न्योता देने के लिए पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली को गांव समैन में दोपहर 1 बजे आना था। इसके लिए सामुदायिक केंद्र को कार्यक्रम स्थल तय किया गया। मगर इससे पहले ही सरपंच रणबीर गिल ने ग्रामीणों के साथ बैठक करके जब तक ई टेंडरिंग का फैसला वापस नहीं होता तब तक गांव में किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं के नहीं आने देने का फैसला करवा लिया। चेतावनी दे दी गई कि अगर किसी नेता ने कार्यक्रम किया तो उसका विरोध होगा। इसके बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया।
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एक धड़ा मंत्री का कार्यक्रम करवाने पर अड़ गया
हालांकि, गांव समैन में पंचायत मंत्री का कार्यक्रम करवाने को लेकर सरपंच समर्थक और मंत्री समर्थक ग्रामीणों में काफी गहमागहमी भी हुई। एक धड़ा मंत्री का कार्यक्रम करवाने के पक्ष में था। इसलिए उन्होंने बिना किसी विरोध के कार्यक्रम होने देने की मांग की। जब मंत्री का कार्यक्रम सामुदायिक केंद्र में नहीं हो पाया तो मंत्री समर्थकों ने सरपंचों द्वारा 15 जनवरी को टोहाना में आयोजित किए जाने वाले सम्मेलन का विरोध करने की चेतावनी दी।
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डीएसपी ने समझाने की कोशिश की, लेकिन नहीं माने सरपंच
गांव समैन में नेताओं के आने के विरोध का फैसला होते ही पुलिस प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई। डीएसपी शाकिर हुसैन, अजायब सिंह व उचाना के डीएसपी नरसिंह ने सरपंच रणबीर गिल व उनके समर्थक ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया कि गांव में आ रहे मंत्री का विरोध न करें। मगर सरपंच ने स्पष्ट कह दिया कि किसी भी सूरत में सामुदायिक केंद्र में कार्यक्रम नहीं होने देंगे। एक के बाद एक गांवों का दौरा करने के बाद पंचायत मंत्री का काफिला गांव समैन की ओर चल पड़ा। इसी बीच पुलिस प्रशासन को गांव में सरपंच का चुनाव लड़ चुके जंगजीत सिंह उर्फ जग्गू के घर कार्यक्रम करवाना पड़ा। जहां पंचायत मंत्री ने शामिल होकर ग्रामीणों को 23 जनवरी को गांव बिढाईखेड़ा पहुंचने का न्योता दिया।
काले झंडे दिखाने के लिए लाइन में खड़े हो गए ग्रामीण
कार्यक्रम निपटा कर मंत्री जब अगले गांव भीमेवाला की ओर से बढ़ने लगे तो ग्रामीण सामुदायिक केंद्र के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए। जैसे ही मंत्री का काफिला गुजरा तो काले झंडे दिखाकर रोष जताने लगे। मंत्री का काफिला गुजरने के बाद धीरे-धीरे रोषित ग्रामीण अपने अपने घरों की ओर चले गए। तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।

कोट
हमारे पूरे गांव ने एकत्रित होकर बैठक की। पंचायती राज एक्ट को खत्म करने वाले ई टेंडरिंग के फैसले का सबने विरोध किया। ग्रामीणों ने मिलकर फैसला लिया कि जब तक ई टेंडरिंग का फैसला वापस नहीं होगा, तब तक किसी भी नेता को गांव में नहीं आने देंगे। जो आएगा, उसका विरोध होगा।
-रणबीर गिल, सरपंच, गांव समैन
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