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Fatehabad News: शहर के पार्कों का नहीं कोई रखवाला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jul 2024 02:21 AM IST
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There is no keeper of the city parks
फतेहाबाद। नगर परिषद में चल रही खींचतान के चलते शहर का विकास तो रुका ही है, लेकिन पार्कों का भी अब कोई रखवाला नहीं है। पार्कों को सामाजिक संस्थाओं को गोद दिया गया था लेकिन अनुबंध एक मई को खत्म हो गया है। ढाई माह बाद भी नगर परिषद ने दोबारा न तो संस्थाओं को गोद दिया और न ही पार्कों का खुद संभाल कर रहा है। हालात ये हैं कि पार्कों में गंदगी फैली हुई है और झूले तक टूटे हैं।
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सबसे ज्यादा असर मॉडल टाउन के पार्कों का है, यहां पर पपीहा समेत 14 पार्क हैं। यहां के पार्कों को पहले संभाल रही शिवपुरी सुधार सभा के अनुबंध को दो माह के लिए आगे बढ़ाया जाना था लेकिन नगर परिषद अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से फाइल ही गुम हो गई। शहर की संस्थाएं पार्क गोद लेकर संभालने को तैयार हैं, यहां तक आईएमए ने भी लिखित में दिया है बावजूद इसके ये हालात है। पपीहा पार्क में रोजाना 800 से 1000 लोग घूमने के लिए आते हैं, शहर का सबसे बड़ा पार्क इसे माना गया है। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट के भी ये ही हालात हैं। संवाद
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नगर परिषद के पास सिर्फ तीन माली
नगर परिषद के खुद के पास ही तीन माली हैं, इसके अलावा न ही नगर परिषद के पास कोई संसाधन है। इसके बावजूद नगर परिषद अधिकारी पार्कों की सुध को लेकर कोई योजना तैयार नहीं कर रहे हैं। यहां तक शहर के पार्कों को लेकर प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची समेत पार्षद भी खामोश हैं
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ये हैं शहर के मुख्य पार्क
रानी लक्ष्मी बाई पार्क, स्वर्ण जयंती हेरिटेज पार्क, संदूजा अस्पताल के सामने पार्क, डॉ. आंबेडकर पार्क, टैक्सी स्टैंड के पास पार्क, अरोड़ा होटल के सामने पार्क, शिवपुरी पार्क, मॉडल टाउन के 11 अन्य पार्क, जगजीवनपुरा में गुरुद्वारा के पास स्थित पार्क।
चार रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से नगर परिषद करता है भुगतान
शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय की तरफ से पार्कों की मरम्मत और साफ-सफाई के लिए संस्थाओं को गोद दिया जाता है। नगर परिषद प्रशासन संबंधित संस्था को चार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मासिक भुगतान करता है। हर साल इसमें बढ़ोतरी भी की जानी है।
आईएमए ने पार्क संभालने के लिए लिखित में भी दिया
मॉडल टाउन में दो पार्कों को संभालने के लिए आईएमए तैयार है। करीब 15 दिन से इस संबंध में लिखित में भी दिया गया है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। नगर परिषद प्रशासन इसको लेकर बहुत सुस्त है जबकि सबसे ज्यादा पार्क मॉडल टाउन में ही है।
-डॉ. पवन मेहता, प्रधान, आईएमए
संस्था ने एक माह पहले करवाया था अवगत
मॉडल टाउन में पपीहा पार्क को छोड़कर अन्य पार्कों की देखरेख शिवपुरी सुधार सभा कर रही थी। अनुबंध एक साल का था। अनुबंध खत्म होने से एक माह पहले ही नगर परिषद प्रधान, पार्षद और अधिकारियों को अवगत करवा दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। जब अनुबंध खत्म हुआ तो दो माह के लिए आगे बढ़ाने को लेकर संस्था की तरफ से औपचारिकताएं पूरी करके नगर परिषद को दे दी। बाद में इसे नगर परिषद ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। नगर परिषद ने सभा को लिखित में नहीं दिया कि अनुबंध आगे बढ़ाया जाता है, इस वजह से सभा को पीछे हटना पड़ा।
- सुनील सचदेवा, सचिव, शिवपुरी सुधार सभा
नगर परिषद कर्मचारियों से कराई जाए सफाई
मॉडल टाउन में 14 पार्क है और इन्हें जल्द से जल्द संस्थाओं को गोद दिया जाए। जब तक पार्कों को गोद नहीं दिया जाता है, तब तक नगर परिषद कर्मचारियों से इनकी सफाई करवाएं। करीब दो माह से इन पार्कों को संभालने वाला कोई नहीं है।

- अर्जुन कटारिया, पार्षद
कोट
पार्कों को जल्द से जल्द संस्थाओं को गोद देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस संबंध में वह नगर परिषद प्रधान, कार्यकारी अभियंता से भी बात करेंगी। प्रयास रहेगा कि उन्हीं संस्थाओं को प्राथमिकता दी जाए जिन्होंने पहले अच्छा काम किया है।
- सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद

कोट
पार्कों को लेकर अनुबंध खत्म होने संबंधी मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में नगर परिषद के अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।
- संजय बिश्नोई, जिला नगर आयुक्त
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