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Fatehabad News: मेहूवाला के जलघर की डिग्गी की 10 साल से नहीं सफाई, टीडीएस 2000 से अधिक

Sat, 17 Jan 2026 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 17 Jan 2026 11:36 PM IST
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The water tank of Mehuwala has not been cleaned for 10 years, TDS is more than 2000
गांव मेहूवाला के जलघर में बनी पानी डिग्गी में सफाई नहीं होने तली में जमा हुई गाद का दृश्य। संवा
फतेहाबाद। गांव मेहूवाला के जलघर में बनी डिग्गियों की करीब 10 साल से सफाई नहीं होने से ग्रामीण शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। दो डिग्गियों में से एक जर्जर हालत के कारण उसमें भूमिगत जल जमा हो रहा है। इसका टीडीएस स्तर 2000 से अधिक है। इसके बावजूद ग्रामीण मजबूरी में इस पानी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों में कर रहे हैं।
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टीडीएस की इतनी अधिक मात्रा से लोगों में रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि डिग्गी की नियमित सफाई न होने से इसमें गंदगी, काई और अन्य हानिकारक तत्व जमा हो चुके हैं। तली में दो फीट तक गाद जमा हो जाने के कारण पेयजल अशुद्ध हो गया है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में पेट संबंधी बीमारियों, त्वचा रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के मामले बढ़ रहे हैं।
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स्थानीय लोग कई बार जनस्वास्थ्य विभाग को समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि डिग्गी की तत्काल सफाई कर उसे पुनः सुरक्षित पेयजल भंडारण के लिए तैयार किया जाए, ताकि गांव के लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो और स्वास्थ्य जोखिम कम हो।
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जलघर में बने नई डिग्गी

गांव मेहूवाला के जलघर में पेयजल भंडारण के लिए दो डिग्गियां बनाई गई है। ग्रामीण दोनों डिग्गियों की तत्काल सफाई करवाने की मांग विभाग से कर रहे हैं। इसके साथ ही पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने और सेम की समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की भी गुहार लगा रहे हैं।

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गांव में जलघर का निर्माण 25 वर्ष पहले किया गया था। अब यह डिग्गियां जर्जर हो चुकी हैं। डिग्गी की तली में दरारें आ चुकी हैं। जब पानी का स्तर कम होता है तो भूमिगत जल जमा हो जाता है और सप्लाई के जरिये घरों तक पहुंच जाता है।

-राम सिंह कड़वासरा, ग्रामीण।

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नहरबंदी के दौरान दो डिग्गियां पूरी तरह से खाली थी। उस दौरान इनकी सफाई की जा सकती थी लेकिन विभाग के कर्मचारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इससे लोग अशुद्ध जल पीने को मजबूर हैं। जबकि ग्रामीण पेयजल की बिल अदा कर रहे हैं।

-सुरेंद्र, ग्रामीण।

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घरों में सप्लाई हो रहे पानी में कई बार बदबू आती है। वहीं सेम की समस्या होने के कारण डिग्गी में भूमिगत जल एकत्रित होता है। इससे पानी पीने के दौरान खारेपन का अहसास होता है। ऐसे में जल्द इस डिग्गी का मरम्मत कार्य करवाया जाए।

-बिहारी लाल, ग्रामीण।

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गांव की आबादी 7000 से अधिक है, अशुद्ध पेयजल नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों में पेट संंबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं। जलघर में दो डिग्गी हैं। ऐसे में बारी-बारी से दोनों की सफाई करवाई जानी चाहिए।


-सुरेश कुमार, ग्रामीण।

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6 महीने पहले ही ज्वाइन किया है। ऐसे में डिग्गी की सफाई पहले कब हुई थी इस बात की जानकारी नहीं है। जैसे ही नहरबंदी होगी मनरेगा मजदूरों से डिग्गी की सफाई करवाई जाएगी।

-मंदीप ओला, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग, भट्टू खंड।
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