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पहले पुरस्कार ले चुके स्कूलों को फिर किया विजेता घोषित
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मुख्यमंत्री स्कूल सुंदरीकरण प्रतियोगिता खंड स्तर पर ही विवादों में आ गई है। अधिकारियों ने शिक्षा विभाग के नियमों को ही ताक पर रखकर चहेते स्कूलों को विजेता घोषित कर दिया। विभाग ने ऐसे स्कूलों से आवेदन लेकर उन्हें विजेता बना दिया जो पहले ही पुरस्कार ले चुके हैं, तीन साल तक जिन्हें आवेदन ही नहीं करना था, उन से दोबारा आवेदन लेकर विजेता बना दिया गया। इसके अलावा एक ही कैंपस में चल रहे स्कूलों को भी नियमों को ताक पर रखकर विजेता बना दिया गया जबकि कैंपस में अगर तीन स्कूल चल रहे हैं तो उनमें से केवल एक ही स्कूल आवेदन कर सकता था। मंगलवार को रतिया एसडीएम ने सीनियर सेकेंडरी कैटेगरी में शामिल राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल अहरवां और कमाना का निरीक्षण किया। शिक्षा विभाग ने कमाना स्कूल को विजेता घोषित कर दिया था। गांव अहरवां की पंचायत ने एसडीएम को शिकायत दी थी कि उनका स्कूल सुंदर था लेकिन अधिकारियों ने मिलीभगत करके गांव कमाना के स्कूल को विजेता घोषित कर दिया। मंगलवार को दोनों स्कूलों का एसडीएम ने निरीक्षण किया लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है। वहीं अभी संयुक्त विजेता घोषित हिजरावां कलां और धीड़ मामले में अभी तक जांच शुरू नहीं हुई है जबकि जिला स्तरीय प्रतियोगिता शुरू हो चुकी है।
केस एक - खंड रतिया के राजकीय उच्च विद्यालय लाहली स्कूल को खंड स्तर पर प्रथम घोषित कर रखा है। जबकि 2016-17 में ये ही स्कूल जिला स्तर पर विजेता घोषित हो चुका है। नियम के मुताबिक स्कूल आवेदन नहीं कर सकता था। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने खंड रतिया में आवेदन न आने पर हाई स्कूल कैटेगरी के ही आवेदन लेने की अनुमति दी थी लेकिन अन्य कैटेगरी के भी तारीख बीत जाने के बाद आवेदन लिए गए।
केस दो - खंड भट्टू के राजकीय माध्यमिक विद्यालय गदली को खंड स्तर पर प्रथम घोषित किया है जबकि 2017-18 में इसी कैंपस का प्राइमरी स्कूल ने खंड और जिला स्तर पर प्रथम घोषित किया गया था। जबकि कैंपस दोबारा आवेदन ही नहीं कर सकता है। इसके लिए कम से कम तीन साल का अंतर होना जरूरी है।
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केस तीन - खंड फतेहाबाद में प्राइमरी कैटेगरी में राजकीय प्राथमिक पाठशाला हिजरावां कलां और धीड़ को संयुक्त विजेता घोषित किया गया है, दोनों ने ही आवेदन किया था। दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया गया। इसको लेकर विवाद भी शुरू हो चुका है।
जानिए क्या है पुरस्कार विजेता :
खंड स्तर - 50000 रुपये
जिला स्तर - 100000 रुपये
राज्य स्तर - 500000 रुपये
हमारे पास हाई स्कूलों के लिए कई आवेदन आए थे, कमेटी कों राजकीय हाई स्कूल सबसे ज्यादा सुंदर लगा इसलिए उसे विजेता घोषित कर दिया गया। गाइडलाइन में ऐसा कुछ नहीं है। - गोबिंद शर्मा, कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी, रतिया।
ऐसी कोई बात नहीं है, बेशक कैंपस एक है लेकिन स्कूल अलग-अलग हैं। गदली स्कूल ने मेहनत की थी तो कमेटी ने उसे विजेता घोषित किया है। किसी अन्य स्कूल का इस कैटेगरी से आवेदन ही नहीं आया था। -शशिप्रकाश, कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी, भट्टूकलां
अधिकारियों ने शिक्षा विभाग की ही गाइडलाइन को ताक पर रखकर मुख्यमंत्री स्कूल सुंदरीकरण प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया है। हर खंड में विवाद हो रहा है। चहेते स्कूलों को अधिकारी मौका दे रहे हैं, ऐसे में स्कूलों का मनोबल गिरता है। गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। -विकास टुटेजा, जिला प्रधान, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ।
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केस एक - खंड रतिया के राजकीय उच्च विद्यालय लाहली स्कूल को खंड स्तर पर प्रथम घोषित कर रखा है। जबकि 2016-17 में ये ही स्कूल जिला स्तर पर विजेता घोषित हो चुका है। नियम के मुताबिक स्कूल आवेदन नहीं कर सकता था। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने खंड रतिया में आवेदन न आने पर हाई स्कूल कैटेगरी के ही आवेदन लेने की अनुमति दी थी लेकिन अन्य कैटेगरी के भी तारीख बीत जाने के बाद आवेदन लिए गए।
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केस दो - खंड भट्टू के राजकीय माध्यमिक विद्यालय गदली को खंड स्तर पर प्रथम घोषित किया है जबकि 2017-18 में इसी कैंपस का प्राइमरी स्कूल ने खंड और जिला स्तर पर प्रथम घोषित किया गया था। जबकि कैंपस दोबारा आवेदन ही नहीं कर सकता है। इसके लिए कम से कम तीन साल का अंतर होना जरूरी है।
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केस तीन - खंड फतेहाबाद में प्राइमरी कैटेगरी में राजकीय प्राथमिक पाठशाला हिजरावां कलां और धीड़ को संयुक्त विजेता घोषित किया गया है, दोनों ने ही आवेदन किया था। दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया गया। इसको लेकर विवाद भी शुरू हो चुका है।
जानिए क्या है पुरस्कार विजेता :
खंड स्तर - 50000 रुपये
जिला स्तर - 100000 रुपये
राज्य स्तर - 500000 रुपये
हमारे पास हाई स्कूलों के लिए कई आवेदन आए थे, कमेटी कों राजकीय हाई स्कूल सबसे ज्यादा सुंदर लगा इसलिए उसे विजेता घोषित कर दिया गया। गाइडलाइन में ऐसा कुछ नहीं है। - गोबिंद शर्मा, कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी, रतिया।
ऐसी कोई बात नहीं है, बेशक कैंपस एक है लेकिन स्कूल अलग-अलग हैं। गदली स्कूल ने मेहनत की थी तो कमेटी ने उसे विजेता घोषित किया है। किसी अन्य स्कूल का इस कैटेगरी से आवेदन ही नहीं आया था। -शशिप्रकाश, कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी, भट्टूकलां
अधिकारियों ने शिक्षा विभाग की ही गाइडलाइन को ताक पर रखकर मुख्यमंत्री स्कूल सुंदरीकरण प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया है। हर खंड में विवाद हो रहा है। चहेते स्कूलों को अधिकारी मौका दे रहे हैं, ऐसे में स्कूलों का मनोबल गिरता है। गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। -विकास टुटेजा, जिला प्रधान, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ।