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Fatehabad News: पशु अस्पताल में डेढ़ घंटे तक नहीं मिला कुत्ते के पिल्ले को उपचार
Thu, 27 Feb 2025 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 27 Feb 2025 11:08 PM IST
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फतेहाबाद के पशु अस्पताल में घायल कुत्ते के बच्चे का इलाज करवाने गांव ढि़गसरा से युवक।
फतेहाबाद। शहर के जवाहर चौक इलाके में बने पशुओं के अस्पताल में वीरवार को डाॅक्टर न होने के कारण पशु पालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गांव ढिंगसरा से दो युवक एक कुत्ते पिल्ले को लेकर अस्पताल पहुंचे। लेकिन यहां पर आने के बाद डॉक्टर तक नहीं मिले। जब तक अधिकारियों को पता चला वे पिल्ले को लेकर जा चुके थे।
वहीं एक महिला भी एक बकरी को लेकर पहुंची। उसकी बकरी को भी उपचार नहीं मिला। दरअसल यहां पर जो डाॅक्टर थे वह अवकाश पर हैं। जवाहर चौक स्थित पशु अस्पताल में पहुंचे गांव ढिंगसरा के दिनेश ढाका व विकास ने बताया कि गांव के बस स्टैंड पर वे मौजूद थे तो उन्होंने देखा कि एक छोटा पिल्ला सड़क के किनारे दर्द से तड़प रहा था। किसी वाहन की चपेट में आने से उसकी गर्दन में चोट थी। जिस कारण वे उसे अपने साथ शहर के एकमात्र पशु अस्पताल में लेकर आए थे।
करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद भी वहां पर कोई भी इलाज करने वाला नहीं आया। दिनेश ने जब अस्पताल में बैठे कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि यहां पर जो डाक्टर है वो अवकाश पर है। इस कारण कुत्ते का इलाज नहीं हो सका। दिनेश ढाका ने बताया कि इस दौरान एक महिला भी बकरी लेकर पहुंची, लेकिन उसकी बकरी को भी इलाज नहीं मिला। रोष जताने के बाद वे घायल पिल्ला लेकर चले गए।
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वहीं कुछ समय बाद अयाल्की से डॉक्टर विकास शर्मा वहां पर पशुओं का इलाज करने पहुंचे। वहीं पशुपालन विभाग के उपनिदेशक सुखविंद्र सिंह ने बताया कि यहां पर जो डॉक्टर है वो अवकाश पर था। जैसे ही सूचना मिली तो अयाल्की से डॉक्टर को बुला लिया था, लेकिन वो लोग अपने साथ कुत्ते को लेकर चले गए थे।
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वहीं एक महिला भी एक बकरी को लेकर पहुंची। उसकी बकरी को भी उपचार नहीं मिला। दरअसल यहां पर जो डाॅक्टर थे वह अवकाश पर हैं। जवाहर चौक स्थित पशु अस्पताल में पहुंचे गांव ढिंगसरा के दिनेश ढाका व विकास ने बताया कि गांव के बस स्टैंड पर वे मौजूद थे तो उन्होंने देखा कि एक छोटा पिल्ला सड़क के किनारे दर्द से तड़प रहा था। किसी वाहन की चपेट में आने से उसकी गर्दन में चोट थी। जिस कारण वे उसे अपने साथ शहर के एकमात्र पशु अस्पताल में लेकर आए थे।
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करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद भी वहां पर कोई भी इलाज करने वाला नहीं आया। दिनेश ने जब अस्पताल में बैठे कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि यहां पर जो डाक्टर है वो अवकाश पर है। इस कारण कुत्ते का इलाज नहीं हो सका। दिनेश ढाका ने बताया कि इस दौरान एक महिला भी बकरी लेकर पहुंची, लेकिन उसकी बकरी को भी इलाज नहीं मिला। रोष जताने के बाद वे घायल पिल्ला लेकर चले गए।
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वहीं कुछ समय बाद अयाल्की से डॉक्टर विकास शर्मा वहां पर पशुओं का इलाज करने पहुंचे। वहीं पशुपालन विभाग के उपनिदेशक सुखविंद्र सिंह ने बताया कि यहां पर जो डॉक्टर है वो अवकाश पर था। जैसे ही सूचना मिली तो अयाल्की से डॉक्टर को बुला लिया था, लेकिन वो लोग अपने साथ कुत्ते को लेकर चले गए थे।