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Fatehabad News: तपती गर्मी में आसान नहीं गांव की डगर...
Sun, 21 May 2023 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 21 May 2023 12:17 AM IST
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पुराने बस स्टैंड के गेट पर धूप में ही बस में सवार होते यात्री।
फतेहाबाद। आग उगलती गर्मी के बीच ग्रामीण रूट पर जाने वाले यात्रियों की डगर आसान नहीं है। हालत ऐसी है कि 40 डिग्री तापमान में भी दोपहरी में यात्री सड़क किनारे धूप में खड़े होकर बस पकड़ते हैं। यात्रियों को सुविधा देने के नाम पर न रोडवेज प्रशासन गंभीर है और न ही नगर परिषद प्रशासन कोई बस क्यू शेल्टर बनाने के प्रति गंभीर है।
दरअसल, हिसार रोड पर शहर से बाहरी हिस्से में पांच एकड़ में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर नया बस स्टैंड बना दिया गया है। मगर कई ग्रामीण रूट की सवारियां अब भी पुराने बस स्टैंड से ही चढ़ती हैं। पुराना बस स्टैंड सवारियों के लिए बंद कर देने के कारण मजबूरन यात्रियों को सड़क किनारे धूप में खड़े होकर ही बस पकड़नी पड़ रही है। संवाद
इन गांवों की बसों का करते हैं इंतजार
पुराने बस स्टैंड से फतेहाबाद के नजदीक लगते गांवों अहलीसदर, हरिपुरा, दरियापुर, हिजरावां कलां, हांसपुर, नागपुर और दौलतपुर के यात्री बस पकड़ते हैं। यहां चारों तरफ धूल, मिट्टी की भरमार है। तपती गर्मी में यात्री इधर-उधर छाया तलाशते नजर आते हैं। कोई दीवार के साथ सट कर खड़ होता है, तो कोई पोल की छांव से गुजारा करता है। जिसे कहीं छाया नहीं मिलती, वह धूप में ही खड़ा रह जाता है। किसी को अपने रूट की बस का आधे घंटे तो किसी को एक घंटे तक भी इंतजार करना पड़ता है।
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बिलखते नजर आते हैं बच्चे, लाचार दिखते हैं मां-बाप
इस कड़ी धूप में खासतौर से महिलाओं और बच्चों को ज्यादा असुविधा होती है। धूप में बच्चे बिलखते नजर आते हैं, तो मां-बाप लाचार दिखते हैं। पास में ही रिक्शा खड़ी करने के लिए शेड भी लगा हुआ है, लेकिन उसके नीचे भी खुले में कपड़ा बेचने वाली महिलाओं के ठेले लगे हुए हैं।
नए बस स्टैंड जाएं तो पहले 20 रुपये खर्च करने पड़ेंगे : सतपाल
हिजरावां कलां निवासी सतपाल सिंह ने बताया कि मजबूरन उन्हें पुराने बस स्टैंड पर धूप में खड़ा रहना पड़ता है क्योंकि अगर नए बस स्टैंड पर जाकर बस पकड़ेंगे, तो पहले 20 रुपये खर्च करके ऑटो में वहां जाना पड़ेगा।
बस क्यू शेल्टर बनाना चाहिए : वीरेंद्र
नागपुर निवासी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन को पुराने बस स्टैंड के बाहर बस क्यू शेल्टर बनाना चाहिए ताकि लोग उसके नीचे छांव में खड़े होकर बस का इंतजार कर सकें।
एक शहर में दो बस स्टैंड तो चला नहीं सकते। पुराने बस स्टैंड के बाहर की जगह हमारी नहीं है। बस क्यू शेल्टर के लिए नगर परिषद प्रशासन को पत्र लिख सकते हैं। अगर वह मंजूरी दे देंगे, तो हम बना देंगे।
-शेर सिंह, महाप्रबंधक, फतेहाबाद डिपो, रोडवेज
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दरअसल, हिसार रोड पर शहर से बाहरी हिस्से में पांच एकड़ में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर नया बस स्टैंड बना दिया गया है। मगर कई ग्रामीण रूट की सवारियां अब भी पुराने बस स्टैंड से ही चढ़ती हैं। पुराना बस स्टैंड सवारियों के लिए बंद कर देने के कारण मजबूरन यात्रियों को सड़क किनारे धूप में खड़े होकर ही बस पकड़नी पड़ रही है। संवाद
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इन गांवों की बसों का करते हैं इंतजार
पुराने बस स्टैंड से फतेहाबाद के नजदीक लगते गांवों अहलीसदर, हरिपुरा, दरियापुर, हिजरावां कलां, हांसपुर, नागपुर और दौलतपुर के यात्री बस पकड़ते हैं। यहां चारों तरफ धूल, मिट्टी की भरमार है। तपती गर्मी में यात्री इधर-उधर छाया तलाशते नजर आते हैं। कोई दीवार के साथ सट कर खड़ होता है, तो कोई पोल की छांव से गुजारा करता है। जिसे कहीं छाया नहीं मिलती, वह धूप में ही खड़ा रह जाता है। किसी को अपने रूट की बस का आधे घंटे तो किसी को एक घंटे तक भी इंतजार करना पड़ता है।
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बिलखते नजर आते हैं बच्चे, लाचार दिखते हैं मां-बाप
इस कड़ी धूप में खासतौर से महिलाओं और बच्चों को ज्यादा असुविधा होती है। धूप में बच्चे बिलखते नजर आते हैं, तो मां-बाप लाचार दिखते हैं। पास में ही रिक्शा खड़ी करने के लिए शेड भी लगा हुआ है, लेकिन उसके नीचे भी खुले में कपड़ा बेचने वाली महिलाओं के ठेले लगे हुए हैं।
नए बस स्टैंड जाएं तो पहले 20 रुपये खर्च करने पड़ेंगे : सतपाल
हिजरावां कलां निवासी सतपाल सिंह ने बताया कि मजबूरन उन्हें पुराने बस स्टैंड पर धूप में खड़ा रहना पड़ता है क्योंकि अगर नए बस स्टैंड पर जाकर बस पकड़ेंगे, तो पहले 20 रुपये खर्च करके ऑटो में वहां जाना पड़ेगा।
बस क्यू शेल्टर बनाना चाहिए : वीरेंद्र
नागपुर निवासी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन को पुराने बस स्टैंड के बाहर बस क्यू शेल्टर बनाना चाहिए ताकि लोग उसके नीचे छांव में खड़े होकर बस का इंतजार कर सकें।
एक शहर में दो बस स्टैंड तो चला नहीं सकते। पुराने बस स्टैंड के बाहर की जगह हमारी नहीं है। बस क्यू शेल्टर के लिए नगर परिषद प्रशासन को पत्र लिख सकते हैं। अगर वह मंजूरी दे देंगे, तो हम बना देंगे।
-शेर सिंह, महाप्रबंधक, फतेहाबाद डिपो, रोडवेज