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Fatehabad News: विधायक ऐसा होना चाहिए, जो किसान, मजदूर व गरीब की आवाज को प्रमुखता से उठा सके
Fri, 27 Sep 2024 04:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 27 Sep 2024 04:52 PM IST
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गांव जांडली खुर्द में विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा करते ग्रामीण।
फतेहाबाद। विधानसभा चुनावों के लिए जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी चर्चा जाेरों पर हैं। ग्रामीण विधानसभा प्रत्याशियों के हार-जीत का आकलन कर रहे हैं। ऐसे में लोग पूर्व में रहे विधायकों के द्वारा गए विकास कार्याें को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
ग्रामीण चुनाव की बह रही हवा को लेकर भी मंथन कर रहे हैं। टोहाना विधानसभा क्षेत्र के 4000 मतदाताओं वाले गांव जांडली खुर्द में ग्रामीण हनुमान सिंह, रमेश कुमार, सत्यवान, नरेश कुमार, कृष्ण चंद्र, रामप्रसाद, अमृत लाल और सुरेश कुमार ने चुनावी चर्चा में भाग लेते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विधायक ऐसा होना चाहिए, जो सबको साथ लेकर चल सके और किसान, मजदूर, गरीब की आवाज को प्रमुखता से उठा सकें।
ग्रामीण रामप्रसाद ने कहा कि कि पहले के चुनाव और अब के चुनाव में काफी अंतर आ गया है। पहले विधानसभा प्रत्याशी मतों की अपील करने के लिए एक-दो गाड़ियां लेकर गांवों में आते थे और अपनी बात शांतिपूर्वक कहकर चले जाते थे। मगर अब विधानसभा प्रत्याशी एक साथ 50 से 100 ट्रैक्टर लेकर गांवों में मतों की अपील करने आ रहे हैं। इससे रोड पर जाम लग रहे है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। चुनावी शोरगुल ज्यादा हो गया है। अब चुनावों में दिखावा भी बढ़ गया है।
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चर्चा में भाग लेते हुए हनुमान सिंह ने बताया कि टोहाना हलके की खास बात रही है कि यह हमेशा सत्ता में ही रहता है। यहां से जो भी विधायक बना है, अधिकांश बार सत्ता में भागीदारी रही है। पिछली बार भी देवेंद्र बबली विधायक बनने के बाद सरकार में रहे और फिर पंचायत मंत्री भी बने। गांवों में मूलभूत सुविधाओं की तो बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन रोजगार के मुद्दे पर और काम करने की जरूरत है। बेरोजगारी से युवाओं को परेशानी हो रही है।
रमेश कुमार ने बताया कि सरकार ने बिना पर्ची बिना खर्ची के प्रदेश में युवाओं को काफी नौकरियां दी है। पहले की सरकार में प्रतिनिधि खुद अपने परिवार के सदस्यों या पैसे लेकर ही नौकरी लगाते थे। इस सरकार ने पुराने सिस्टम को खत्म कर अच्छा काम किया है। ग्रामीण सत्यवान ने कहा कि नौकरी तो बिना पर्ची बिना खर्ची के दे दी, लेकिन सरकारी कार्यालयों में जो भ्रष्टाचार बढ़ा है, वो भी इस सरकार में भी खूब बढ़ा है। अधिकारी बिना पैसे काम ही नहीं करते हैं।
ग्रामीण नरेश कुमार ने बताया कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी, लेकिन आय दोगुनी न होकर लागत दोगुना हो गई है। ग्रामीण कृष्ण चंद्र ने बताया कि पेस्टीसाइड के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। मगर फसलों के दाम बाजार में कम है। किसानों को फसलों के उचित दाम नहीं मिल पा रहे है। ग्रामीण रामप्रसाद ने कहा कि गांव से शहर व शहर से प्रदेश की राजधानी को जोड़ने वाली सड़कों का विकास हुआ है। रास्ते काफी अच्छे हो गए है, पहले दिल्ली जाने में काफी समय लगता था, लेकिन अब समय की काफी बचत होती है।
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ग्रामीण चुनाव की बह रही हवा को लेकर भी मंथन कर रहे हैं। टोहाना विधानसभा क्षेत्र के 4000 मतदाताओं वाले गांव जांडली खुर्द में ग्रामीण हनुमान सिंह, रमेश कुमार, सत्यवान, नरेश कुमार, कृष्ण चंद्र, रामप्रसाद, अमृत लाल और सुरेश कुमार ने चुनावी चर्चा में भाग लेते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विधायक ऐसा होना चाहिए, जो सबको साथ लेकर चल सके और किसान, मजदूर, गरीब की आवाज को प्रमुखता से उठा सकें।
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ग्रामीण रामप्रसाद ने कहा कि कि पहले के चुनाव और अब के चुनाव में काफी अंतर आ गया है। पहले विधानसभा प्रत्याशी मतों की अपील करने के लिए एक-दो गाड़ियां लेकर गांवों में आते थे और अपनी बात शांतिपूर्वक कहकर चले जाते थे। मगर अब विधानसभा प्रत्याशी एक साथ 50 से 100 ट्रैक्टर लेकर गांवों में मतों की अपील करने आ रहे हैं। इससे रोड पर जाम लग रहे है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। चुनावी शोरगुल ज्यादा हो गया है। अब चुनावों में दिखावा भी बढ़ गया है।
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चर्चा में भाग लेते हुए हनुमान सिंह ने बताया कि टोहाना हलके की खास बात रही है कि यह हमेशा सत्ता में ही रहता है। यहां से जो भी विधायक बना है, अधिकांश बार सत्ता में भागीदारी रही है। पिछली बार भी देवेंद्र बबली विधायक बनने के बाद सरकार में रहे और फिर पंचायत मंत्री भी बने। गांवों में मूलभूत सुविधाओं की तो बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन रोजगार के मुद्दे पर और काम करने की जरूरत है। बेरोजगारी से युवाओं को परेशानी हो रही है।
रमेश कुमार ने बताया कि सरकार ने बिना पर्ची बिना खर्ची के प्रदेश में युवाओं को काफी नौकरियां दी है। पहले की सरकार में प्रतिनिधि खुद अपने परिवार के सदस्यों या पैसे लेकर ही नौकरी लगाते थे। इस सरकार ने पुराने सिस्टम को खत्म कर अच्छा काम किया है। ग्रामीण सत्यवान ने कहा कि नौकरी तो बिना पर्ची बिना खर्ची के दे दी, लेकिन सरकारी कार्यालयों में जो भ्रष्टाचार बढ़ा है, वो भी इस सरकार में भी खूब बढ़ा है। अधिकारी बिना पैसे काम ही नहीं करते हैं।
ग्रामीण नरेश कुमार ने बताया कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी, लेकिन आय दोगुनी न होकर लागत दोगुना हो गई है। ग्रामीण कृष्ण चंद्र ने बताया कि पेस्टीसाइड के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। मगर फसलों के दाम बाजार में कम है। किसानों को फसलों के उचित दाम नहीं मिल पा रहे है। ग्रामीण रामप्रसाद ने कहा कि गांव से शहर व शहर से प्रदेश की राजधानी को जोड़ने वाली सड़कों का विकास हुआ है। रास्ते काफी अच्छे हो गए है, पहले दिल्ली जाने में काफी समय लगता था, लेकिन अब समय की काफी बचत होती है।