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बदमाशों के गठजोड़ से चलता है शराब का कारोबार

Mon, 01 Mar 2021 11:59 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 01 Mar 2021 11:59 PM IST
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The liquor businsee is afraid of the association of miscreants
गोली का निशान। - फोटो : Fatehabad
राजस्थान की सीमा के पास हरियाणा का आखिरी गांव है रामसरा। इससे आगे राजस्थान की हद शुरू हो जाती है। यह ऐसा इलाका है जहां शराब ठेकेदारों के बीच लंबे समय से खींचतान चलती आ रही है। इससे पहले भी हत्या व फायरिंग जैसी घटनाएं ठेकेदारी के बीच होती रही हैं। शिक्षक जितेंद्र की हत्या भी उसी रंजिश का परिणाम माना जा रहा है। मगर किसी ने सोचा नहीं था कि ठेकेदारों के बीच की जंग रामसरा के स्कूल प्रांगण को लहूलुहान कर देगी। हिसार का गांव दड़ौली भट्टूकलां से करीब 15 किलोमीटर दूर है और राजस्थान सीमा के करीब है। बताते हैं कि इस क्षेत्र में कई गांवों के शराब ठेके जितेंद्र के परिवार ने ही लिए हुए हैं। ठेकेदारों के बीच संघर्ष की वजह ये है कि राजस्थान में शराब महंगी होती है तो हरियाणा के ठेकेदार वहां अवैध शराब बेचते हैं। प्रदेश में शराब महंगी होने पर राजस्थान के ठेकेदार दखल देते हैं। ठेकेदारों के बीच भी हदों को लेकर टकराव रहता है।
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बदमाशों के बिना नहीं चलता धंधा : शराब ठेकेदारों के बीच खींचतान हमेशा बनी रहती है। सितंबर 2020 में दैयड़ गांव में शराब ठेकेदार की घर के बाहर हत्या हुई थी। यह गांव भी राजस्थान सीमा के करीब है। इस इलाके का पुरानी व्यवस्था है कि यहां शरीफ कारोबारी शराब ठेका नहीं लेता। ठेकेदारों के बीच बदमाशों के गैंग की तरह दुश्मनी रहती है इसलिए यहां यह धंधा बदमाशों के गठजोड़ से चलता है।
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मृतक का परिवार भी ठेकेदारी में सक्रिय : अभी तक की जांच में यही सामने आया है कि मृतक जितेंद्र की हत्या का कारण सिर्फ ठेकेदारी विवाद है। मृतक जितेंद्र एक संपन्न परिवार से है। उसका परिवार शराब ठेके के कारोबार में सक्रिय है। भट्टूकलां क्षेत्र में उनके कई ठेके हैं। वर्ष 2012 में जितेंद्र को बतौर शिक्षक नौकरी मिल गई थी। मगर बाद में किसी कारण मामला कोर्ट में चला गया और ज्वाइनिंग अटक गई। वर्ष 2017 में ज्वाइनिंग हो पाई। बताते हैं कि इस बीच जितेंद्र अपने परिवार के साथ ठेके के कारोबार पर नजर रखता था। इसके बाद नौकरी लग गई। अब लंबे समय से जितेंद्र अपनी नौकरी में व्यस्त था। मगर रंजिश खत्म नहीं हो रही थी। इसके अलावा हत्या की कोई वजह सामने नहीं आई।
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