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Fatehabad News: अवैध कब्जे हटाने से पहले जोहड़ की भूमि की होगी पैमाइश
Mon, 29 Jun 2026 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 29 Jun 2026 11:00 PM IST
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जिले के गांव झलनियां में बना जोहड़।
फतेहाबाद। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले में जोहड़ों की जमीन पर हुए अतिक्रमणों की पड़ताल तेज हो गई है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के कार्यालय से सभी ग्राम पंचायतों से गांवों में स्थित जोहड़ों की जमीन का पूरा ब्योरा मांगा है।
पंचायतों से पूछा गया है कि जोहड़ों की कुल भूमि कितनी है, कितने हिस्से पर अवैध कब्जा है और उसकी मौजूदा स्थिति क्या है। इस निर्देश के बाद अधिकांश गांवों में सरपंच और पंचायत प्रतिनिधि राजस्व अधिकारियों के सहयोग से जमीन की पैमाइश में जुट गए हैं।
डीडीपीओ कार्यालय ने पंचायतों से स्पष्ट जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में जोहड़ों का कुल रकबा, अतिक्रमित भूमि का क्षेत्रफल, कब्जाधारियों का विवरण तथा मौके की स्थिति दर्ज करने के लिए कहा गया है। साथ ही रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान करने के बाद रिपोर्ट कार्यालय में जमा करानी होगी।
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पत्र जारी होने के बाद पैमाइश का काम शुरू
पंचायत कार्यालय की ओर से पत्र जारी होने के बाद कई गांवों में राजस्व अभिलेखों के आधार पर जोहड़ों की सीमाएं चिह्नित की जा रही हैं। पैमाइश के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि कहीं तालाब की जमीन पर खेती, मकान, व्यावसायिक निर्माण या किसी अन्य रूप में अवैध उपयोग तो नहीं हो रहा। जहां रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर मिलेगा, उसे रिपोर्ट में शामिल कर अधिकारियों को बताया जाएगा।
रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई को लेकर बैठक
ग्रामीण स्तर पर रिपोर्ट मिलने के बाद अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट पर समीक्षा बैठक होगी। बैठक में जिन स्थानों पर अवैध कब्जे की पुष्टि होगी। उन स्थानों से कब्जा हटाने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
-अनूप कुमार, डीडीपीओ, फतेहाबाद
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पंचायतों से पूछा गया है कि जोहड़ों की कुल भूमि कितनी है, कितने हिस्से पर अवैध कब्जा है और उसकी मौजूदा स्थिति क्या है। इस निर्देश के बाद अधिकांश गांवों में सरपंच और पंचायत प्रतिनिधि राजस्व अधिकारियों के सहयोग से जमीन की पैमाइश में जुट गए हैं।
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डीडीपीओ कार्यालय ने पंचायतों से स्पष्ट जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में जोहड़ों का कुल रकबा, अतिक्रमित भूमि का क्षेत्रफल, कब्जाधारियों का विवरण तथा मौके की स्थिति दर्ज करने के लिए कहा गया है। साथ ही रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान करने के बाद रिपोर्ट कार्यालय में जमा करानी होगी।
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पत्र जारी होने के बाद पैमाइश का काम शुरू
पंचायत कार्यालय की ओर से पत्र जारी होने के बाद कई गांवों में राजस्व अभिलेखों के आधार पर जोहड़ों की सीमाएं चिह्नित की जा रही हैं। पैमाइश के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि कहीं तालाब की जमीन पर खेती, मकान, व्यावसायिक निर्माण या किसी अन्य रूप में अवैध उपयोग तो नहीं हो रहा। जहां रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर मिलेगा, उसे रिपोर्ट में शामिल कर अधिकारियों को बताया जाएगा।
रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई को लेकर बैठक
ग्रामीण स्तर पर रिपोर्ट मिलने के बाद अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट पर समीक्षा बैठक होगी। बैठक में जिन स्थानों पर अवैध कब्जे की पुष्टि होगी। उन स्थानों से कब्जा हटाने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
-अनूप कुमार, डीडीपीओ, फतेहाबाद