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Fatehabad News: निरीक्षण टीम के आते ही अस्पताल चमका, सफाई के उपकरण नहीं होने पर जताई नाराजगी
Fri, 21 Nov 2025 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 21 Nov 2025 11:48 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में निरीक्षण करती हुई टीम संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र के लिए निरीक्षण करने राज्यस्तरीय चार सदस्य टीम पहुंची। जींद से आई टीम ने अस्पताल में अलग-अलग जगहों का निरीक्षण किया। इस दौरान सफाई व्यवस्था जांचने से लेकर मरीजों का फीडबैक तक लिया गया।
सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारियों को मिले संसाधन से टीम खफा रही। कॉरिडोर में टीम ने जब कर्मचारी से सफाई संसाधनों के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि नहीं है। कर्मचारी के पास वाइपर से पोछा लगाने के लिए बाल्टी तक नहीं मिली। कर्मचारी ने बताया कि बाल्टी नहीं है। यहां तक कपड़े के वाइपर भी नहीं दिखा पाए। टीम ने कर्मचारी से मौके पर ही वाइपर से पोछा लगवाकर देखा।
टीम ने एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) से भी सवाल किए लेकिन टीम उन जवाबों से संतुष्ट नहीं हुए। दोपहर तक टीम ने अस्पताल में जच्चा-बच्चा वार्ड, पुरुष वार्ड, नर्सरी, ओपीडी ब्लॉक, आपातकाल विभाग का निरीक्षण किया। डिस्पेंसरी में दवाइयों के रखे स्टॉक की भी जांच की गई।
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टीम के निरीक्षण के दौरान डॉक्टर से लेकर कर्मचारी तक ड्रेस कोड में नजर आए। टीम के स्कोर पर अब अस्पताल प्रशासन की निगाहें टिकी हैं। अगर स्कोर 70 से ज्यादा रहता है तो केंद्र से टीम निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। नागरिक अस्पताल प्रशासन ने जून माह में 80 स्कोर के साथ आवेदन किया था।
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बठिंडा से आई टीम ने किया था निरीक्षण, स्कोर मिला था कम
नागरिक अस्पताल का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) के तहत मार्च माह में पहली बार आंतरिक मूल्यांकन हुआ था। बठिंडा से आए एसएमओ डॉ. उमेश गुप्ता ने टीम के साथ निरीक्षण किया था। टीम के मूल्यांकन में अस्पताल मानक स्कोर तक नहीं पहुंच पाया था। इस दौरान स्कोर 61 ही रहा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. रत्ना भारती ने भी मूल्यांकन किया और 30 जून तक आवेदन करने के निर्देश दिए थे।
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तीमारदारों की एंट्री रही बंद, चकाचक रहा जच्चा-बच्चा वार्ड
नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में तीमारदारों की एंट्री बंद रही। जबकि अन्य दिनों में वार्ड में तीमारदारों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके अलावा वार्ड में सफाई व्यवस्था भी बेहतर रही।
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सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारियों को मिले संसाधन से टीम खफा रही। कॉरिडोर में टीम ने जब कर्मचारी से सफाई संसाधनों के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि नहीं है। कर्मचारी के पास वाइपर से पोछा लगाने के लिए बाल्टी तक नहीं मिली। कर्मचारी ने बताया कि बाल्टी नहीं है। यहां तक कपड़े के वाइपर भी नहीं दिखा पाए। टीम ने कर्मचारी से मौके पर ही वाइपर से पोछा लगवाकर देखा।
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टीम ने एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) से भी सवाल किए लेकिन टीम उन जवाबों से संतुष्ट नहीं हुए। दोपहर तक टीम ने अस्पताल में जच्चा-बच्चा वार्ड, पुरुष वार्ड, नर्सरी, ओपीडी ब्लॉक, आपातकाल विभाग का निरीक्षण किया। डिस्पेंसरी में दवाइयों के रखे स्टॉक की भी जांच की गई।
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टीम के निरीक्षण के दौरान डॉक्टर से लेकर कर्मचारी तक ड्रेस कोड में नजर आए। टीम के स्कोर पर अब अस्पताल प्रशासन की निगाहें टिकी हैं। अगर स्कोर 70 से ज्यादा रहता है तो केंद्र से टीम निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। नागरिक अस्पताल प्रशासन ने जून माह में 80 स्कोर के साथ आवेदन किया था।
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बठिंडा से आई टीम ने किया था निरीक्षण, स्कोर मिला था कम
नागरिक अस्पताल का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) के तहत मार्च माह में पहली बार आंतरिक मूल्यांकन हुआ था। बठिंडा से आए एसएमओ डॉ. उमेश गुप्ता ने टीम के साथ निरीक्षण किया था। टीम के मूल्यांकन में अस्पताल मानक स्कोर तक नहीं पहुंच पाया था। इस दौरान स्कोर 61 ही रहा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. रत्ना भारती ने भी मूल्यांकन किया और 30 जून तक आवेदन करने के निर्देश दिए थे।
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तीमारदारों की एंट्री रही बंद, चकाचक रहा जच्चा-बच्चा वार्ड
नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में तीमारदारों की एंट्री बंद रही। जबकि अन्य दिनों में वार्ड में तीमारदारों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके अलावा वार्ड में सफाई व्यवस्था भी बेहतर रही।