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Fatehabad News: मरम्मत नहीं, सिलिंडर रिफिलिंग पर 2.25 लाख खर्च कर बैठा अस्पताल
Sat, 30 Aug 2025 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 30 Aug 2025 11:54 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में पहुंचे ऑक्सीजन सिलिंडरसंवाद
फतेहाबाद। सरकारी विभागों की लापरवाही का ताजा मामला जिला नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में सामने आया है। यहां पर ऑक्सीजन प्लांट में आई खराबी के बावजूद करीब 50 दिन से उसकी मरम्मत नहीं करवाई जा सकी।
इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने प्लांट की मरम्मत पर 1.25 लाख रुपये खर्च करने के बजाय, सिलिंडर की रिफिलिंग पर ही सवा दो लाख रुपये खर्च कर दिए।10 जुलाई को हुई भारी बारिश के बाद अस्पताल परिसर में जलभराव के चलते ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी आ गई थी। तब से अब तक मरीजों को सिलिंडर के माध्यम से ऑक्सीजन दी जा रही है।
अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 सिलिंडरों की खपत होती है, जिससे हर रोज लगभग 4500 रुपये का खर्च आ रहा है। कोविड महामारी के बाद से अस्पताल में प्लांट के माध्यम से ही मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति होती रही है। सिलिंडर का उपयोग सिर्फ आपात स्थिति में प्रयोग किए जाते हैं।
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प्लांट खराब होने के बाद विभाग ने इंजीनियर को बुलाया था, जिसने केवल मौखिक अनुमान दिया। लिखित एस्टीमेट न देने के कारण प्लांट की मरम्मत की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। बताया जा रहा है कि अब संबंधित कंपनी ने प्लांट मरम्मत के लिए 1.25 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा है और मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि प्लांट को पूरी तरह चालू होने में अभी चार से पांच दिन और लग सकते हैं।
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कोरोना महामारी में लगे थे प्लांट
कोरोना महामारी के दौरान मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी हुई थी। इसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से फतेहाबाद में 500, रतिया में 300 और टोहाना में 250 एलपीएम के प्लांट लगाए गए। जिले में फतेहाबाद में जलभराव के कारण फिलहाल करीब 50 दिन से प्लांट बंद है। वहीं रतिया में लोड न होने के कारण प्लांट बंद पड़ा है। फिलहाल टोहाना में ही प्लांट चल रहा है।
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बिना इंश्योरेंस चल रहे हैं ऑक्सीजन प्लांट
कोरोना महामारी के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी और लोक निर्माण विभाग ने मिलकर ऑक्सीजन प्लांट लगाए थे। प्लांट की शुरूआत की में वारंटी डेढ़ साल की थी। अब यह समय सीमा खत्म हो चुकी है। उसके बाद विभाग की तरफ से बीमा भी नहीं करवाया गया है। इससे स्वास्थ्य विभाग पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि सेंटर लेवल पर प्लांट का बीमा करवाने की तैयारी है।
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ऑक्सीजन प्लांट ठीक करवाने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। एस्टीमेट आने में देरी हुई है। जल्द ही प्लांट को ठीक करवा दिया जाएगा। मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए सिलिंडर मंगवाए जा रहे हैं।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने प्लांट की मरम्मत पर 1.25 लाख रुपये खर्च करने के बजाय, सिलिंडर की रिफिलिंग पर ही सवा दो लाख रुपये खर्च कर दिए।10 जुलाई को हुई भारी बारिश के बाद अस्पताल परिसर में जलभराव के चलते ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी आ गई थी। तब से अब तक मरीजों को सिलिंडर के माध्यम से ऑक्सीजन दी जा रही है।
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अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 सिलिंडरों की खपत होती है, जिससे हर रोज लगभग 4500 रुपये का खर्च आ रहा है। कोविड महामारी के बाद से अस्पताल में प्लांट के माध्यम से ही मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति होती रही है। सिलिंडर का उपयोग सिर्फ आपात स्थिति में प्रयोग किए जाते हैं।
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प्लांट खराब होने के बाद विभाग ने इंजीनियर को बुलाया था, जिसने केवल मौखिक अनुमान दिया। लिखित एस्टीमेट न देने के कारण प्लांट की मरम्मत की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। बताया जा रहा है कि अब संबंधित कंपनी ने प्लांट मरम्मत के लिए 1.25 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा है और मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि प्लांट को पूरी तरह चालू होने में अभी चार से पांच दिन और लग सकते हैं।
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कोरोना महामारी में लगे थे प्लांट
कोरोना महामारी के दौरान मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी हुई थी। इसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से फतेहाबाद में 500, रतिया में 300 और टोहाना में 250 एलपीएम के प्लांट लगाए गए। जिले में फतेहाबाद में जलभराव के कारण फिलहाल करीब 50 दिन से प्लांट बंद है। वहीं रतिया में लोड न होने के कारण प्लांट बंद पड़ा है। फिलहाल टोहाना में ही प्लांट चल रहा है।
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बिना इंश्योरेंस चल रहे हैं ऑक्सीजन प्लांट
कोरोना महामारी के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी और लोक निर्माण विभाग ने मिलकर ऑक्सीजन प्लांट लगाए थे। प्लांट की शुरूआत की में वारंटी डेढ़ साल की थी। अब यह समय सीमा खत्म हो चुकी है। उसके बाद विभाग की तरफ से बीमा भी नहीं करवाया गया है। इससे स्वास्थ्य विभाग पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि सेंटर लेवल पर प्लांट का बीमा करवाने की तैयारी है।
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ऑक्सीजन प्लांट ठीक करवाने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। एस्टीमेट आने में देरी हुई है। जल्द ही प्लांट को ठीक करवा दिया जाएगा। मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए सिलिंडर मंगवाए जा रहे हैं।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद।