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Fatehabad News: बैंकों की तिजाेरियों में कैद अन्नदाता के पसीने की कमाई, किसानों के खातों में 1770 करोड़ जमा, आरबीआई से नकदी न आने से छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी, किसान नहीं निकलवा पा रहे राशि
Wed, 13 May 2026 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 13 May 2026 10:41 PM IST
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फतेहाबाद/जाखल। गेहूं की फसल के भुगतान के लिए किसानों के खातों में कुल 1770 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं लेकिन बैंक शाखाओं में नकदी की कमी के कारण किसानों और आम जनता को पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। निजी और सरकारी बैंकों में सीमित नकदी मिलने से खाता धारक निराश होकर लौट रहे हैं। एक लाख रुपये की मांग पर केवल 10 से 20 हजार रुपये ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि नकदी आरबीआई से पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रही है। पिछले 15 दिनों से यह स्थिति बनी हुई है और छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर अधिक महसूस किया जा रहा है। नकदी की कमी के कारण किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के रोजमर्रा के लेनदेन और व्यापारिक गतिविधियों में बाधा आ रही है।
किसान नेता जग्गी महल ने कहा कि जाखल के भारतीय स्टेट बैंक में अपनी लिमिट से एक लाख की राशि निकलवाने के लिए गए थे परंतु बैंक कर्मचारियों द्वारा उन्हें मात्र 10 से 20 हजार की राशि दिए जाने की बात कही गई।
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किसान ने कहा कि ऐसे में वह इतने खर्च इस राशि से कैसे पूरे करेंगे। किसानों को अपनी फसल के भुगतान से जुड़े लेनदेन निपटाने हैं लेकिन बैंक से पर्याप्त नकदी नहीं मिलने के कारण परेशानी बढ़ गई है।
किसान रामेश्वर और ओमप्रकाश ने बताया कि उन्हें खेती से जुड़े खर्च जैसे मजदूरी, खाद-बीज और ट्रांसपोर्ट के लिए नकदी की आवश्यकता है लेकिन बैंक केवल सीमित राशि ही दे पा रहे हैं। जाखल भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक सरबजीत सिंह ने कहा कि कैश की कमी बनी हुई है।
उच्च अधिकारियों को लगातार स्थिति से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन पर्याप्त नकदी अभी उपलब्ध नहीं हो पाई है। छोटे राशियों के लेनदेन में किसी भी उपभोक्ता को परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
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बैंक अधिकारियों का कहना है कि नकदी आरबीआई से पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रही है। पिछले 15 दिनों से यह स्थिति बनी हुई है और छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर अधिक महसूस किया जा रहा है। नकदी की कमी के कारण किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के रोजमर्रा के लेनदेन और व्यापारिक गतिविधियों में बाधा आ रही है।
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किसान नेता जग्गी महल ने कहा कि जाखल के भारतीय स्टेट बैंक में अपनी लिमिट से एक लाख की राशि निकलवाने के लिए गए थे परंतु बैंक कर्मचारियों द्वारा उन्हें मात्र 10 से 20 हजार की राशि दिए जाने की बात कही गई।
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किसान ने कहा कि ऐसे में वह इतने खर्च इस राशि से कैसे पूरे करेंगे। किसानों को अपनी फसल के भुगतान से जुड़े लेनदेन निपटाने हैं लेकिन बैंक से पर्याप्त नकदी नहीं मिलने के कारण परेशानी बढ़ गई है।
किसान रामेश्वर और ओमप्रकाश ने बताया कि उन्हें खेती से जुड़े खर्च जैसे मजदूरी, खाद-बीज और ट्रांसपोर्ट के लिए नकदी की आवश्यकता है लेकिन बैंक केवल सीमित राशि ही दे पा रहे हैं। जाखल भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक सरबजीत सिंह ने कहा कि कैश की कमी बनी हुई है।
उच्च अधिकारियों को लगातार स्थिति से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन पर्याप्त नकदी अभी उपलब्ध नहीं हो पाई है। छोटे राशियों के लेनदेन में किसी भी उपभोक्ता को परेशानी नहीं होने दी जा रही है।