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Fatehabad News: शहर की मुख्य सड़कों पर लगी ग्रिल जर्जर, टूटे चुके डिवाइडर से हादसों की आंशका
Sun, 29 Jun 2025 07:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 29 Jun 2025 07:12 PM IST
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फतेहाबाद के भट्टू रोड पर डिवाइडर के टूटने से निकले पत्थर। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
फोटो नंबर- 04, 05, 06
- नगर परिषद ने चार वर्ष पहले 1.20 करोड़ रुपये की लागत से करवाया निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। शहर की मुख्य सड़कों पर चार साल पहले नगर परिषद ने डिवाइडरों का निर्माण और उन लोहे की ग्रिल लगवाई थी। देखरेख के अभाव में कई जगहों से ग्रिल गायब हो चुकी और डिवाइडर टूटने लगे हैं। इसके पत्थर बाहर निकलने से हादसे होने की आशंका बनी रहती है।
कोरोनाकाल के दौरान शहर की सुंदरता बढ़ाने और अवैध कटों को खत्म करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की घोषणा पर करीब ढाई किलोमीटर लंबे रोड पर 1.20 करोड़ रुपये की निविदा भी जारी की गई थी। नगर परिषद ने शहर के भट्टू रोड और रतिया रोड पर ग्रिल लगवाई थी।
भट्टू रोड पर लगी ग्रिल टेड़ी हो चुकी है जबकि रतिया रोड से ग्रिल गायब हो चुकी हैं। शहर निवासी अशोक, राजबीर, जय सिंह, नरेंद्र और सतपाल आदि का कहना है कि डिवाइडर के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है और इनकी देखभाल नहीं की गई है। इस कारण यह जर्जर हो गए।
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-- -- दो इनसेट--
भट्टू रोड पर झुकी ग्रिल और टूटा डिवाइडर
शहर के सबसे व्यस्त भट्टू रोड पर गीता कॉलोनी से मिनी बाईपास तक एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक लगी ग्रिल पूरी तरह से झुक चुकी हैं। इन ग्रिलों से सड़क पर गुजरने वाले वाहन चालकों को हादसा होने का खतरा रहता है। इनके कारण आवाजाही में बाधा आ रही है। सड़क पर बने डिवाइडर भी कई जगह टूट चुके हैं और उनमें से पत्थर बाहर निकल रहे हैं। इससे शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है और हादसों का भी खतरा रहता है।
-- -
लाखों रुपये की लागत के बाद भी नहीं हुआ सुंदरीकरण
नगर परिषद ने शहर के सुंदरीकरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिवाइडर बनाने इन ग्रिलों को लगाने में करीब सवा करोड़ रुपये खर्च किए थे। उचित रखरखाव और निगरानी के अभाव में ये ग्रिल अब अपनी उपयोगिता खो रही हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन ग्रिल की मरम्मत और देखरेख की जाती, तो यह स्थिति पैदा न होती। शहर के रतिया रोड से कई जगह से ग्रिल गायब हो चुकी हैं। इसके बावजूद परिषद प्रशासन को इसकी सूचना तक नहीं है। सुबह और शाम के समय इस सड़क पर हजारों वाहनों का आवागमन होता है। ग्रिलों के गायब होने से लावारिस पशु सड़क को पार रहे हैं इससे हादसे की आंशका बनी रहती है।
-- -:कोट: -- -
सड़कों के निर्माण कार्य के दौरान डिवाइडर टूटे हैं। इन्हें सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से बात गई है। संबंधित विभाग ने लोहे की ग्रिल और डिवाइडरों की मरम्मत करवाने से मना कर दिया, इसलिए अब नगर परिषद की ओर से मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है। समस्या का जल्द समाधान होगा।
- नरेंद्र पवार, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद।
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फोटो नंबर- 04, 05, 06
- नगर परिषद ने चार वर्ष पहले 1.20 करोड़ रुपये की लागत से करवाया निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। शहर की मुख्य सड़कों पर चार साल पहले नगर परिषद ने डिवाइडरों का निर्माण और उन लोहे की ग्रिल लगवाई थी। देखरेख के अभाव में कई जगहों से ग्रिल गायब हो चुकी और डिवाइडर टूटने लगे हैं। इसके पत्थर बाहर निकलने से हादसे होने की आशंका बनी रहती है।
कोरोनाकाल के दौरान शहर की सुंदरता बढ़ाने और अवैध कटों को खत्म करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की घोषणा पर करीब ढाई किलोमीटर लंबे रोड पर 1.20 करोड़ रुपये की निविदा भी जारी की गई थी। नगर परिषद ने शहर के भट्टू रोड और रतिया रोड पर ग्रिल लगवाई थी।
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भट्टू रोड पर लगी ग्रिल टेड़ी हो चुकी है जबकि रतिया रोड से ग्रिल गायब हो चुकी हैं। शहर निवासी अशोक, राजबीर, जय सिंह, नरेंद्र और सतपाल आदि का कहना है कि डिवाइडर के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है और इनकी देखभाल नहीं की गई है। इस कारण यह जर्जर हो गए।
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भट्टू रोड पर झुकी ग्रिल और टूटा डिवाइडर
शहर के सबसे व्यस्त भट्टू रोड पर गीता कॉलोनी से मिनी बाईपास तक एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक लगी ग्रिल पूरी तरह से झुक चुकी हैं। इन ग्रिलों से सड़क पर गुजरने वाले वाहन चालकों को हादसा होने का खतरा रहता है। इनके कारण आवाजाही में बाधा आ रही है। सड़क पर बने डिवाइडर भी कई जगह टूट चुके हैं और उनमें से पत्थर बाहर निकल रहे हैं। इससे शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है और हादसों का भी खतरा रहता है।
लाखों रुपये की लागत के बाद भी नहीं हुआ सुंदरीकरण
नगर परिषद ने शहर के सुंदरीकरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिवाइडर बनाने इन ग्रिलों को लगाने में करीब सवा करोड़ रुपये खर्च किए थे। उचित रखरखाव और निगरानी के अभाव में ये ग्रिल अब अपनी उपयोगिता खो रही हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन ग्रिल की मरम्मत और देखरेख की जाती, तो यह स्थिति पैदा न होती। शहर के रतिया रोड से कई जगह से ग्रिल गायब हो चुकी हैं। इसके बावजूद परिषद प्रशासन को इसकी सूचना तक नहीं है। सुबह और शाम के समय इस सड़क पर हजारों वाहनों का आवागमन होता है। ग्रिलों के गायब होने से लावारिस पशु सड़क को पार रहे हैं इससे हादसे की आंशका बनी रहती है।
सड़कों के निर्माण कार्य के दौरान डिवाइडर टूटे हैं। इन्हें सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से बात गई है। संबंधित विभाग ने लोहे की ग्रिल और डिवाइडरों की मरम्मत करवाने से मना कर दिया, इसलिए अब नगर परिषद की ओर से मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है। समस्या का जल्द समाधान होगा।
- नरेंद्र पवार, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद।