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Fatehabad News: कंपनी ने नहीं खरीदी पराली, किसानों का फूटा गुस्सा और कर दिया रोड जाम
Sun, 20 Oct 2024 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 20 Oct 2024 01:06 AM IST
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कुलां-रतिया मुख्य मार्ग जाम करके बैठे किसानों को समझाते पुलिसकर्मी।
कुलां। पराली की गांठें बनाने वाले मशीन मालिकों और किसानों ने शनिवार को गांव कुलां के समीप कुलां-रतिया मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। किसानों ने पराली की गांठें सड़क पर रखकर रोष जताया। उनका कहना था कि कंपनी पराली में नमी की मात्रा अधिक होने का हवाला देकर खरीद नहीं कर रही है।
करीब एक घंटे तक रोड जाम रहा। जिसके कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। रोड जाम होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पराली की गांठें तैयार करने वाली मशीन के मालिक निर्मल सिंह ने बताया कि पराली बिक्री के लिए उनका सुखवीर एग्रो कंपनी से एग्रीमेंट हुआ है। शनिवार को उन्होंने किसानों के खेतों से धान अवशेष की गांठें बनाकर पांच ट्रॉलियों में लोड करके बेचने के लिए कंपनी के पास भेजी थी। मगर कंपनी द्वारा पराली में नमी की मात्रा ज्यादा होने का तर्क देते हुए खरीदने से इन्कार कर दिया गया। पराली की गांठें नहीं बिकने पर मशीन मालिकों का काम बंद हो गया।
इससे खेतों में से धान अवशेषों का उठान न होने पर किसानों का गुस्सा बढ़ गया। गुस्साए किसानों ने पराली प्रबंधन मशीन मालिक के साथ मुख्य मार्ग जाम कर दिया। किसान जरनैल सिंह, महमा सिंह, नंबरदार गुर सिंह, जगजीत सिंह, गुरतेज, बिन्दर, अमरीक आदि ने कहा कि एक तरफ तो शासन, प्रशासन धान अवशेष पराली न जलाने और उसका प्रबंधन करने के लिए जोर दे रहें है, वहीं समय पर पराली ना बिकने से किसानों को समस्या झेलनी पड़ रही है।
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किसानों का कहना था कि आगे गेहूं बिजाई के लिए उन्होंने धान अवशेष खत्म कर खेतों को तैयार करना है, लेकिन पराली न बिकने पर उन्हें गेहूं बिजाई के लिए खेत तैयार करने में देरी हो रही है। यदि इस समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो वे खेतों में पराली जलाने के लिए मजबूर होंगे।
कृषि अधिकारी व पुलिसकर्मियों ने किसानों को समझाया
रोड जाम होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की बड़ी-बड़ी कतार लग गई। जाम की सूचना पाकर कृषि विभाग के अधिकारी और कुलां चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और कृषि अधिकारी ने पराली खरीदने वाली कंपनी से वार्ता करके पराली बिकवाने का विश्वास दिलाते हुए प्रदर्शनकारियों को शांत किया गया। किसानों ने करीब आधे घंटे बाद जाम खोल दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी द्वारा पराली की गांठें न खरीदी गई या आगे मशीन मालिक को पराली बेचने में कोई परेशानी आई तो वह दोबारा रोड जाम करने पर मजबूर होंगे। इसके बाद मशीन संचालक और किसान खंड कृषि अधिकारी व पुलिस के साथ पराली खरीदने वाली कंपनी में चले गए।
किसानों द्वारा रोड जाम करने की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे। एसडीओ को भी इस बारे में अवगत करा दिया गया। पराली में नमी की मात्रा ज्यादा होने के चलते मशीन संचालक को पराली बेचने में दिक्कत आ रही है। अब किसानों के साथ जाकर कंपनी प्रबंधक से वार्ता कर इस समस्या का निराकरण करा दिया गया है।
-परविंद्र सिंह, खंड कृषि अधिकारी टोहाना
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करीब एक घंटे तक रोड जाम रहा। जिसके कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। रोड जाम होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पराली की गांठें तैयार करने वाली मशीन के मालिक निर्मल सिंह ने बताया कि पराली बिक्री के लिए उनका सुखवीर एग्रो कंपनी से एग्रीमेंट हुआ है। शनिवार को उन्होंने किसानों के खेतों से धान अवशेष की गांठें बनाकर पांच ट्रॉलियों में लोड करके बेचने के लिए कंपनी के पास भेजी थी। मगर कंपनी द्वारा पराली में नमी की मात्रा ज्यादा होने का तर्क देते हुए खरीदने से इन्कार कर दिया गया। पराली की गांठें नहीं बिकने पर मशीन मालिकों का काम बंद हो गया।
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इससे खेतों में से धान अवशेषों का उठान न होने पर किसानों का गुस्सा बढ़ गया। गुस्साए किसानों ने पराली प्रबंधन मशीन मालिक के साथ मुख्य मार्ग जाम कर दिया। किसान जरनैल सिंह, महमा सिंह, नंबरदार गुर सिंह, जगजीत सिंह, गुरतेज, बिन्दर, अमरीक आदि ने कहा कि एक तरफ तो शासन, प्रशासन धान अवशेष पराली न जलाने और उसका प्रबंधन करने के लिए जोर दे रहें है, वहीं समय पर पराली ना बिकने से किसानों को समस्या झेलनी पड़ रही है।
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किसानों का कहना था कि आगे गेहूं बिजाई के लिए उन्होंने धान अवशेष खत्म कर खेतों को तैयार करना है, लेकिन पराली न बिकने पर उन्हें गेहूं बिजाई के लिए खेत तैयार करने में देरी हो रही है। यदि इस समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो वे खेतों में पराली जलाने के लिए मजबूर होंगे।
कृषि अधिकारी व पुलिसकर्मियों ने किसानों को समझाया
रोड जाम होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की बड़ी-बड़ी कतार लग गई। जाम की सूचना पाकर कृषि विभाग के अधिकारी और कुलां चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और कृषि अधिकारी ने पराली खरीदने वाली कंपनी से वार्ता करके पराली बिकवाने का विश्वास दिलाते हुए प्रदर्शनकारियों को शांत किया गया। किसानों ने करीब आधे घंटे बाद जाम खोल दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी द्वारा पराली की गांठें न खरीदी गई या आगे मशीन मालिक को पराली बेचने में कोई परेशानी आई तो वह दोबारा रोड जाम करने पर मजबूर होंगे। इसके बाद मशीन संचालक और किसान खंड कृषि अधिकारी व पुलिस के साथ पराली खरीदने वाली कंपनी में चले गए।
किसानों द्वारा रोड जाम करने की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे। एसडीओ को भी इस बारे में अवगत करा दिया गया। पराली में नमी की मात्रा ज्यादा होने के चलते मशीन संचालक को पराली बेचने में दिक्कत आ रही है। अब किसानों के साथ जाकर कंपनी प्रबंधक से वार्ता कर इस समस्या का निराकरण करा दिया गया है।
-परविंद्र सिंह, खंड कृषि अधिकारी टोहाना