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Fatehabad News: साढ़े तीन साल बाद अयाल्की में कल फिर से शुरू होगा पशु मेला
Fri, 04 Sep 2026 10:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 04 Sep 2026 10:09 PM IST
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फतेहाबाद। गांव अयाल्की में लगने वाले पशु मेले वाले स्थान पर सफाई करती हुई मशीनें। संवाद
फतेहाबाद। करीब साढ़े तीन साल से बंद अयाल्की का पशु मेला रविवार से फिर शुरू होगा। अदालती मामला सुलझने के बाद संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। मेले से पशुपालकों और व्यापारियों को स्थानीय स्तर पर खरीद-बिक्री की सुविधा मिलेगी। इस बारे में पंचायत एवं विकास विभाग की ओर से पत्र भी जारी किया गया है।
रतिया रोड स्थित गांव अयाल्की का पशु मेला अप्रैल 2023 में गर्मी के मौसम के चलते बंद किया गया था। इसके बाद संचालन से जुड़ा मामला अदालत में चलने के कारण मेला दोबारा शुरू नहीं हो सका। अब मामला सुलझने के बाद मेला स्थल पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
मेला स्थल पर पशुओं की आवाजाही और ठहराव के लिए जगह तैयार की जा रही है। पेयजल और साफ-सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त की जा रही हैं। लंबे समय से बंद होने के कारण कई व्यवस्थाओं को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है।
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अधिकारियों की ओर से भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। ठेकेदार राजेंद्र का कहना है कि गांव अयाल्की में पशु मेला शुरू होगा और इसको लेकर पूरी व्यवस्था की जा रही है। नियमों के मुताबिक ही मेला लगेगा।
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6.45 करोड़ रुपये में मिला संचालन का ठेका
पशु मेले के संचालन का ठेका बोली प्रक्रिया के माध्यम से दिया गया है। पंचायत विभाग ने पंजाब की फर्म हरियाणा कैटल फेयर को 6 करोड़ 45 लाख 50 हजार रुपये में ठेका दिया है। मेले की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी फर्म की रहेगी। पहले मेले से जिला प्रशासन को हर सप्ताह करीब 15 लाख रुपये की आय होती थी।
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किसानों और पशुपालकों को मिलेगी राहत
अयाल्की का पशु मेला आसपास के गांवों सहित जिले के पशुपालकों और व्यापारियों के लिए प्रमुख बाजार रहा है। मेला बंद होने के बाद पशुपालकों को पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए पंजाब और अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ता था। इससे अतिरिक्त समय और परिवहन खर्च बढ़ता था। मेला शुरू होने से यह परेशानी कम होने की उम्मीद है। मेले में हरियाणा के अलावा पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से व्यापारी पहुंचेंगे। इससे पशु कारोबार के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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हजारों लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर
मेले में पशु व्यापारियों के अलावा चारा विक्रेताओं और छोटे दुकानदारों को काम मिलेगा। खान-पान की दुकानें, वाहन चालक और मजदूर भी रोजगार पाएंगे। मेले में आने वाले लोगों से स्थानीय कारोबार को गति मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
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बीमारी और विवादों के कारण बंद रहा मेला
अगस्त 2022 में लंपी स्किन बीमारी फैलने के बाद प्रदेश सरकार ने पशु मेलों और पशु परिवहन पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद अयाल्की में मेला जारी रहने पर विरोध हुआ। इसके बाद जिला प्रशासन ने मेले पर प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में टेंडर प्रक्रिया में अनुभव की शर्त और कर्मचारियों की कमी से भी संचालन प्रभावित रहा। पशु व्यापारियों ने कुछ लोगों पर रंगदारी मांगने के आरोप भी लगाए थे।
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रतिया रोड स्थित गांव अयाल्की का पशु मेला अप्रैल 2023 में गर्मी के मौसम के चलते बंद किया गया था। इसके बाद संचालन से जुड़ा मामला अदालत में चलने के कारण मेला दोबारा शुरू नहीं हो सका। अब मामला सुलझने के बाद मेला स्थल पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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मेला स्थल पर पशुओं की आवाजाही और ठहराव के लिए जगह तैयार की जा रही है। पेयजल और साफ-सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त की जा रही हैं। लंबे समय से बंद होने के कारण कई व्यवस्थाओं को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है।
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अधिकारियों की ओर से भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। ठेकेदार राजेंद्र का कहना है कि गांव अयाल्की में पशु मेला शुरू होगा और इसको लेकर पूरी व्यवस्था की जा रही है। नियमों के मुताबिक ही मेला लगेगा।
6.45 करोड़ रुपये में मिला संचालन का ठेका
पशु मेले के संचालन का ठेका बोली प्रक्रिया के माध्यम से दिया गया है। पंचायत विभाग ने पंजाब की फर्म हरियाणा कैटल फेयर को 6 करोड़ 45 लाख 50 हजार रुपये में ठेका दिया है। मेले की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी फर्म की रहेगी। पहले मेले से जिला प्रशासन को हर सप्ताह करीब 15 लाख रुपये की आय होती थी।
किसानों और पशुपालकों को मिलेगी राहत
अयाल्की का पशु मेला आसपास के गांवों सहित जिले के पशुपालकों और व्यापारियों के लिए प्रमुख बाजार रहा है। मेला बंद होने के बाद पशुपालकों को पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए पंजाब और अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ता था। इससे अतिरिक्त समय और परिवहन खर्च बढ़ता था। मेला शुरू होने से यह परेशानी कम होने की उम्मीद है। मेले में हरियाणा के अलावा पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से व्यापारी पहुंचेंगे। इससे पशु कारोबार के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
हजारों लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर
मेले में पशु व्यापारियों के अलावा चारा विक्रेताओं और छोटे दुकानदारों को काम मिलेगा। खान-पान की दुकानें, वाहन चालक और मजदूर भी रोजगार पाएंगे। मेले में आने वाले लोगों से स्थानीय कारोबार को गति मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
बीमारी और विवादों के कारण बंद रहा मेला
अगस्त 2022 में लंपी स्किन बीमारी फैलने के बाद प्रदेश सरकार ने पशु मेलों और पशु परिवहन पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद अयाल्की में मेला जारी रहने पर विरोध हुआ। इसके बाद जिला प्रशासन ने मेले पर प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में टेंडर प्रक्रिया में अनुभव की शर्त और कर्मचारियों की कमी से भी संचालन प्रभावित रहा। पशु व्यापारियों ने कुछ लोगों पर रंगदारी मांगने के आरोप भी लगाए थे।