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टेंडर विवाद : नप प्रधान ने सोमवार को बुलाई बैठक, बोले-हर हाल में खुलेगा टेंडर
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फतेहाबाद। नगर परिषद में डोर टू डोर अभियान और कंपोस्ट खाद का टेंडर विवादों में घिरता जा रहा है। शुक्रवार को अपने घर पर 11 पार्षदों के साथ गुप्त मीटिंग करने के बाद नगर परिषद प्रधान ने दावा किया है कि सोमवार को हर हाल में टेंडर खोला जाएगा। उनका कहना है कि कुछ पार्षद टेंडर को लेकर हेराफेरी करना चाहते हैं, जो कि किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। ना हेराफेरी करेंगे और ना ही करने देंगे। सोमवार को बुलाई गई मीटिंग में अगर पार्षद नहीं पहुंचते हैं तो एक तरफा फैसला लेते हुए नप अधिकारियों को टेंडर खोलने की अनुमति दे दी जाएगी। प्रधान का दावा है कि अधिकतर पार्षद उनके साथ हैं। भूना और रतिया की तरह यहां भी टेंडर खोला जाएगा। यहां पर शुक्रवार को फतेहाबाद नप की तरह लगाई गई शर्तों पर ही टेंडर खोला गया है।
मामले के मुताबिक नप ने एक जनवरी को डोर टू डोर और कंपोस्ट खाद का टेंडर खोलना था। लेकिन 31 दिसंबर को पांच पार्षदों ने लिखित में दे दिया था कि टेंडर न खोला जाए और इसके नई शर्तों के साथ 10 दिन आगे बढ़ाया जाए। नप अधिकारियों ने तर्क दिया था कि पांच एजेंसी आवेदन कर चुकी हैं ऐसे में नई शर्त लगाकर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। टेंडर खोलने के लिए नप प्रधान ने दो बार मीटिंग बुलाई लेकिन सात से ज्यादा पार्षद नहीं पहुंचे थे।
इस शर्त पर अड़चन
नप ने नई शर्तों के साथ टेंडर जारी किया है। टेंडर में शर्त लगाई गई है कि डोर टू डोर कूड़ा इकट्ठा करने का ठेका लेने वाली फर्म को आवेदन करते समय साढ़े 19 लाख रुपये से ज्यादा की राशि आवेदन में भरनी होगी। इसके अलावा 100 अंक में से जिस एजेंसी के ज्यादा अंक होंगे वही फर्म चयनित होगी। आपत्ति लगाने वाले पार्षदों ने आरोप लगाए थे कि टेंडर में साढ़े 19 लाख और 100 अंक की शर्त गलत लगाई गई है और इसके हटाया जाए।
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टेंडर को लेकर नप प्रधान दर्शन नागपाल से सीधी बात
सवाल : टेंडर कब तक खुल जाएगा, अनुमति क्यों नहीं दी जा रही।
जवाब : टेंडर जल्द खुल जाएगा, कुछ पार्षद हेराफेरी करना चाहते है, हेराफेरी नहीं करने दूंगा, ना करूंगा
सवाल : बहुत समय हो गया अब तक तो नहीं खुला, कितना समय लगेगा।
जवाब : सोमवार को हर हाल में टेंडर खोला जाएगा।
सवाल : क्या कोई मीटिंग बुलाई गई है।
जवाब : हां इस संबंध में सोमवार को मीटिंग बुलाई गई है।
सवाल : अगर फिर भी पार्षद नहीं पहुंचे तो क्या करेंगे।
जवाब : मुझे यकीन है पार्षद पहुंचेंगे, मैसेज दिया जा रहा है।
सवाल : अगर नहीं पहुंचे तो क्या करेंगे।
जवाब : अगर नहीं पहुंचे तो ये समझा जाएगा कि पार्षद चाहते हैं कि टेंडर खोल दिया जाएगा।
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मामले के मुताबिक नप ने एक जनवरी को डोर टू डोर और कंपोस्ट खाद का टेंडर खोलना था। लेकिन 31 दिसंबर को पांच पार्षदों ने लिखित में दे दिया था कि टेंडर न खोला जाए और इसके नई शर्तों के साथ 10 दिन आगे बढ़ाया जाए। नप अधिकारियों ने तर्क दिया था कि पांच एजेंसी आवेदन कर चुकी हैं ऐसे में नई शर्त लगाकर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। टेंडर खोलने के लिए नप प्रधान ने दो बार मीटिंग बुलाई लेकिन सात से ज्यादा पार्षद नहीं पहुंचे थे।
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इस शर्त पर अड़चन
नप ने नई शर्तों के साथ टेंडर जारी किया है। टेंडर में शर्त लगाई गई है कि डोर टू डोर कूड़ा इकट्ठा करने का ठेका लेने वाली फर्म को आवेदन करते समय साढ़े 19 लाख रुपये से ज्यादा की राशि आवेदन में भरनी होगी। इसके अलावा 100 अंक में से जिस एजेंसी के ज्यादा अंक होंगे वही फर्म चयनित होगी। आपत्ति लगाने वाले पार्षदों ने आरोप लगाए थे कि टेंडर में साढ़े 19 लाख और 100 अंक की शर्त गलत लगाई गई है और इसके हटाया जाए।
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टेंडर को लेकर नप प्रधान दर्शन नागपाल से सीधी बात
सवाल : टेंडर कब तक खुल जाएगा, अनुमति क्यों नहीं दी जा रही।
जवाब : टेंडर जल्द खुल जाएगा, कुछ पार्षद हेराफेरी करना चाहते है, हेराफेरी नहीं करने दूंगा, ना करूंगा
सवाल : बहुत समय हो गया अब तक तो नहीं खुला, कितना समय लगेगा।
जवाब : सोमवार को हर हाल में टेंडर खोला जाएगा।
सवाल : क्या कोई मीटिंग बुलाई गई है।
जवाब : हां इस संबंध में सोमवार को मीटिंग बुलाई गई है।
सवाल : अगर फिर भी पार्षद नहीं पहुंचे तो क्या करेंगे।
जवाब : मुझे यकीन है पार्षद पहुंचेंगे, मैसेज दिया जा रहा है।
सवाल : अगर नहीं पहुंचे तो क्या करेंगे।
जवाब : अगर नहीं पहुंचे तो ये समझा जाएगा कि पार्षद चाहते हैं कि टेंडर खोल दिया जाएगा।