{"_id":"68b5d78968d70a2a2e0418a0","slug":"suspicion-of-mishap-tsp-fertilizer-sent-instead-of-dap-fatehabad-news-c-127-1-ftb1003-139593-2025-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: गड़बड़ी की आशंका, डीएपी की जगह भेजा टीएसपी खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: गड़बड़ी की आशंका, डीएपी की जगह भेजा टीएसपी खाद
विज्ञापन
भट्टू कलां में डीएपी की जगह भेजा गया टीएसपी खाद का बैग।
भट्टू कलां। दी भट्टूकलां सहकारी विपणन एवं प्रसाधन समिति की ओर से डीएपी खाद की मांग के बावजूद टीएसपी खाद की आपूर्ति किए जाने पर सोमवार को हड़कंप मच गया।
खाद पहुंचने की सूचना फैली कई किसान समिति कार्यालय पर लंबी लाइन लगाकर खाद लेने पहुंच गए, लेकिन जब समिति कर्मचारियों ने ट्रक से बैग उतारने शुरू किए तो कुछ बैग पर डीएपी लिखा था और कुछ पर टीएसपी। जबकि खाद की गुणवत्ता में कोई स्पष्ट अंतर नजर नहीं आ रहा था।
स्टोर कीपर मेनपाल ने बताया कि उन्होंने 1350 रुपये प्रति बैग की दर से डीएपी खाद की मांग और पेमेंट की थी, लेकिन कम कीमत वाली टीएसपी खाद भेज दी गई। इसके बाद उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया।
विज्ञापन
इससे पहले भट्टूकलां रेलवे स्टेशन पर रविवार कोडीएपी खाद का रैक आया था, जिसमें 21 बोगियों में कुल 27,584 बैग थे। इनमें से 2900 बैग भट्टूकलां में उतारे गए, जबकि बाकी जिले के अन्य हिस्सों में भेजे गए। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि डीएपी के बैग में टीएसपी या टीएमसी खाद भरकर भेजी गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएफएल के क्षेत्रीय प्रबंधक रामनिवास, हैफेड के टीएस सुभाष मुंड, और कृषि विकास अधिकारी जनक पूनियां की टीम ने मौके पर पहुंचकर बैगों की जांच के बाद खाद को वापस भेजने का निर्णय लिया। हालांकि इससे जुड़ी लागत जैसे ट्रांसपोर्ट और उतराई-भराई का खर्च कौन उठाएगा, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस गड़बड़ी के लिए संदेह जताया जा रहा है कि कंपनी और कुछ अन्य पक्षों की मिलीभगत से डीएपी के नाम पर सस्ती खाद की आपूर्ति की गई।
जांच के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। हालांकि कुछ किसानों ने कर्मचारियों पर खाद वितरण का दबाव बनाया, लेकिन कर्मचारियों ने स्थिति समझाकर उन्हें शांत किया।
विज्ञापन
खाद पहुंचने की सूचना फैली कई किसान समिति कार्यालय पर लंबी लाइन लगाकर खाद लेने पहुंच गए, लेकिन जब समिति कर्मचारियों ने ट्रक से बैग उतारने शुरू किए तो कुछ बैग पर डीएपी लिखा था और कुछ पर टीएसपी। जबकि खाद की गुणवत्ता में कोई स्पष्ट अंतर नजर नहीं आ रहा था।
विज्ञापन
स्टोर कीपर मेनपाल ने बताया कि उन्होंने 1350 रुपये प्रति बैग की दर से डीएपी खाद की मांग और पेमेंट की थी, लेकिन कम कीमत वाली टीएसपी खाद भेज दी गई। इसके बाद उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया।
विज्ञापन
इससे पहले भट्टूकलां रेलवे स्टेशन पर रविवार कोडीएपी खाद का रैक आया था, जिसमें 21 बोगियों में कुल 27,584 बैग थे। इनमें से 2900 बैग भट्टूकलां में उतारे गए, जबकि बाकी जिले के अन्य हिस्सों में भेजे गए। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि डीएपी के बैग में टीएसपी या टीएमसी खाद भरकर भेजी गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएफएल के क्षेत्रीय प्रबंधक रामनिवास, हैफेड के टीएस सुभाष मुंड, और कृषि विकास अधिकारी जनक पूनियां की टीम ने मौके पर पहुंचकर बैगों की जांच के बाद खाद को वापस भेजने का निर्णय लिया। हालांकि इससे जुड़ी लागत जैसे ट्रांसपोर्ट और उतराई-भराई का खर्च कौन उठाएगा, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस गड़बड़ी के लिए संदेह जताया जा रहा है कि कंपनी और कुछ अन्य पक्षों की मिलीभगत से डीएपी के नाम पर सस्ती खाद की आपूर्ति की गई।
जांच के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। हालांकि कुछ किसानों ने कर्मचारियों पर खाद वितरण का दबाव बनाया, लेकिन कर्मचारियों ने स्थिति समझाकर उन्हें शांत किया।