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Fatehabad News: दिव्यांग प्रमाण पत्र फर्जीवाड़े की आशंका, छह माह का रिकॉर्ड खंगालेगी कमेटी

Tue, 25 Aug 2026 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Tue, 25 Aug 2026 12:02 AM IST
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Suspicion of disability certificate fraud; committee to scrutinize six months' records
फतेहाबाद में पॉलीक्लीनिक और सीएमओ कार्यालय स्त्रोत लाइब्रेरी
फतेहाबाद। सिविल सर्जन कार्यालय में दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने में फर्जीवाड़े की आशंका सामने आई है। वायरल ऑडियो और वीडियो के बाद सिविल सर्जन ने सोमवार को तीन अधिकारियों की कमेटी गठित की। कमेटी छह माह का रिकॉर्ड खंगालेगी।
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कमेटी में उप सिविल सर्जन नीरज, टोहाना एसएमओ और सुपरिटेंडेंट को शामिल किया गया है। टीम पिछले छह माह में जारी दिव्यांग प्रमाणपत्रों की जांच करेगी। यह देखा जाएगा कि प्रमाण पत्र निर्धारित असेसमेंट के आधार पर जारी हुए या नहीं।
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कमेटी पोर्टल पर प्रमाण पत्र अपडेट करने की प्रक्रिया भी जांचेगी। इसमें अपडेट की तारीख और लंबित प्रमाणपत्रों का रिकॉर्ड देखा जाएगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि कितने प्रमाण पत्र जारी होने के बावजूद पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं। कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट देनी होगी।
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स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक स्तर पर कार्यालय में बदलाव किए हैं। डीलिंग हेड को बदल दिया गया है। एक क्लर्क और आरोपी जीडीए को दूसरे काम सौंपे गए हैं। उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
टोहाना में दिव्यांगों के लिए लगे शिविर के दौरान प्रमाणपत्र के नाम पर पैसे मांगने के कथित ऑडियो और वीडियो वायरल हुए थे। इसके बाद विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। करीब तीन साल पहले भी सिविल सर्जन कार्यालय में दिव्यांग प्रमाणपत्र से जुड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। संवाद


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तीन साल पहले आया था फर्जीवाड़ा सामने
करीब तीन साल पहले भी सिविल सर्जन कार्यालय में दिव्यांग प्रमाणपत्र के बारे में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। करीब 900 लोगों के असेसमेंट रिपोर्ट आधार की जगह फर्जी तरीके से प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए थे। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज भी की गई थी।
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अब आवेदन और अपलोड कर्मचारी होंगे अलग-अलग
सिविल सर्जन डॉ. बुधराम का कहना है कि दिव्यांग प्रमाणपत्र के आवेदन के लिए डॉक्टर के पास रेफर करने वाले और दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करने वाले अलग-अलग कर्मचारी होंगे। इसके लिए ड्यूटी लगाई जा रही है।

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दिव्यांग प्रमाणपत्र के मामले में जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी पिछले 6 माह के रिकॉर्ड की भी जांच करेगी। डीलिंग डैंड भी बदले गए हैं।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। दिव्यांग प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़ा गंभीर मामला है। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच की जाएगी। डीसी को भी मामले में शिकायत दी जा सकती है।
- कृष्ण बेदी, कैबिनेट मंत्री
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