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Fatehabad News: नई कॉलोनियों में सर्वे, 7000 प्रॉपर्टी मालिकों को चुकाना होगा गृहकर

Thu, 28 Dec 2023 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Thu, 28 Dec 2023 11:31 PM IST
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Survey in new colonies, 7000 property owners will have to pay house tax
फतेहाबाद की हरनाम सिंह कॉलोनी जहां पर प्रॉपर्टी आईडी सर्वे होना है।
फतेहाबाद। शहर की नई कॉलोनियों में नए साल में प्रॉपर्टी आईडी सर्वे शुरू हो जाएगा। एजेंसी के कर्मचारी जीपीएस सिस्टम से डोर टू डोर जाकर सर्वे करेंगे। प्रॉपर्टी आईडी बनने के बाद विकास शुल्क लगेगा और गृहकर भी 7000 प्रॉपर्टी मालिकों को चुकाना होगा।
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नगर परिषद ने सीमा बढ़ने के बाद बढ़ोतरी हुई क्षेत्र में डोर टू डोर प्रॉपटी आईडी सर्वे को लेकर टेंडर लगाया था। टेंडर में दो एजेंसियां आई हैं। नगर परिषद को दोनों एजेंसियों में से गाजियाबाद की जीआईएस एजेंसी का रेट कम मिला है। एजेंसी ने सर्वे के लिए 125 रुपये प्रति यूनिट मांगा है। नगर परिषद ने रेट कम करने के लिए एजेंसी को पत्र लिखा है। अगर रेट एजेंसी कम करती है तो नगर परिषद वर्क ऑर्डर जारी कर देगी। हालांकि पहले हुए सर्वे के मुकाबले रेट तीन गुना है। निजी एजेंसी को नगर परिषद बिल बांटने के लिए 38 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान कर चुकी है।
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नगर परिषद की करीब दो साल पहले सीमा बढ़ी थी। सीमा बढ़ने के बाद शहर की हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, कालीदास कॉलोनी, आजाद नगर, हिसार रोड आदि क्षेत्र शामिल हुआ। ये कॉलोनियां नगर परिषद क्षेत्र में तो शामिल हो गई है लेकिन प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनी है और इस कारण रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। प्रॉपर्टी आईडी बनने के बाद विकास शुल्क लगेगा और गृहकर भी प्रॉपर्टी मालिकों को चुकाना होगा।
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याशी कंपनी का सर्वे हो चुका है रद्द
नगर परिषद की बढ़ी सीमा में पिछले साल याशी कंपनी ने डोर टू डोर सर्वे किया था। लेकिन सर्वे में प्रदेश स्तर पर गड़बड़ियां मिलने के बाद याशी कंपनी के सर्वे को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद नगर परिषद ने टेंडर लगाया था। सर्वे के लिए एजेंसी तैयार हुई थी लेकिन कॉलोनियां अवैध होने के कारण मंजूरी नहीं मिली थी।

एनडीसी पोर्टल पर अपडेट होंगी कॉलोनियां, दोगुना देना होगा विकास शुल्क
नगर परिषद सीमा में 13 कॉलोनियां वैध हो चुकी हैं। जिसमें नगर परिषद सीमा में शामिल हुई कॉलोनियां भी शामिल हैं। अगर एजेंसी रेट कम करती है तो नए साल में प्रॉपर्टी आईडी सर्वे शुरू हो जाएगा। सर्वे के बाद कॉलोनियां एनडीसी पोर्टल पर अपडेट हो जाएंगी। इन कॉलोनियों के प्रॉपर्टी मालिकों को कलेक्टर रेट का 5 फीसदी या फिर 240 रुपये प्रति स्केवयर मीटर के हिसाब से विकास शुल्क देना होगा।


नगर परिषद की सीमा बढ़ने के बाद नई कॉलोनियां शामिल हुई हैं। इन कॉलोनियों में सर्वे के लिए टेंडर लगाया गया था। जो एजेंसी आई है उसे रेट कम करने के लिए कहा गया है। कम से कम रेट में सर्वे करवाया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद
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