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मोबाइल की लगी ऐसी लगन, सूखने लगे नयन
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नागरिक अस्पताल में आंखों की जांच करते हुए वलिशेषज्ञ।
- फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। आंख शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है अगर ये स्वस्थ है तो ही हम इस दुनिया को देख सकते हैं। लेकिन मोबाइल की तरफ बढ़ रहे इस युग ने आंखों को कमजोर बना दिया है। आज दूसरे से तीसरे व्यक्ति की आंखों की दृष्टि कमजोर हो रही है। इसमें बच्चे भी शामिल हैं। कोरोना महामारी में बच्चो की हुई ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों की आंखें कमजोर कर दी है।
मोबाइल के लगातार प्रयोग से लोगों की आंखों का पानी सूख रहा है। ओपीडी में अधिकतर मरीज इसी बीमारी के आ रहे है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर लगातार मोबाइल प्रयोग पर रोक नहीं लगाई तो आंखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर मोबाइल का लगातार प्रयोग कर रहे हैं तो 20 मिनट के बाद ब्रेक जरूर लें। नेत्र रोग विशेषज्ञ के मुताबिक मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप की स्क्रीन से नीली रोशनी निकलती है जो हमारी आंखों को बहुत ज्यादा प्रभावित करती है। आमतौर पर प्रति मिनट 12 से 14 बार आंखें झपकती हैं, लेकिन मोबाइल स्क्रीन पर बने रहने पर यह रेट सिर्फ 6 से 7 हो जाता है। इससे आंखों में सूखापन बढ़ रहा है और आंखें कमजोर हो रही हैं। जिससे आंखों में खुजली और जलन होने लगती है। आंखों की पुतलियां और नसें भी सिकुड़ने लगती हैं। इससे आंखों की रोशनी के साथ-साथ सिरदर्द की समस्या भी होने लगती है।
ऐसे करें बचाव
मोबाइल फोन का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि आंखों के एकदम पास में न हो। रात में ज्यादा देर तक फोन यूज न करें। देर रात तक फोन यूज करने से नींद खराब होती है और बाद में ये आदत सी बन जाती है। मोबाइल को यूज करते समय 20 मिनट के बाद कम से कम 20 सेकेंड का ब्रेक जरूर ले इससे आंखों को राहत मिलेगी। इसके अलावा पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं।
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कोट
आजकल मोबाइल का प्रयोग सबसे ज्यादा हो रहा है। बच्चों से लेकर बड़े तक लंबे समय तक मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं। इससे आंखों का पानी सूखने लगता है। अभिभावक बच्चों को बेवजह लंबे समय तक मोबाइल न दें। अगर आप मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं तो 20 मिनट बाद 20 सेकेंड का ब्रेक जरूर दें। इसके अलावा पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं।
- डॉ. राजेश चौधरी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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मोबाइल के लगातार प्रयोग से लोगों की आंखों का पानी सूख रहा है। ओपीडी में अधिकतर मरीज इसी बीमारी के आ रहे है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर लगातार मोबाइल प्रयोग पर रोक नहीं लगाई तो आंखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर मोबाइल का लगातार प्रयोग कर रहे हैं तो 20 मिनट के बाद ब्रेक जरूर लें। नेत्र रोग विशेषज्ञ के मुताबिक मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप की स्क्रीन से नीली रोशनी निकलती है जो हमारी आंखों को बहुत ज्यादा प्रभावित करती है। आमतौर पर प्रति मिनट 12 से 14 बार आंखें झपकती हैं, लेकिन मोबाइल स्क्रीन पर बने रहने पर यह रेट सिर्फ 6 से 7 हो जाता है। इससे आंखों में सूखापन बढ़ रहा है और आंखें कमजोर हो रही हैं। जिससे आंखों में खुजली और जलन होने लगती है। आंखों की पुतलियां और नसें भी सिकुड़ने लगती हैं। इससे आंखों की रोशनी के साथ-साथ सिरदर्द की समस्या भी होने लगती है।
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ऐसे करें बचाव
मोबाइल फोन का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि आंखों के एकदम पास में न हो। रात में ज्यादा देर तक फोन यूज न करें। देर रात तक फोन यूज करने से नींद खराब होती है और बाद में ये आदत सी बन जाती है। मोबाइल को यूज करते समय 20 मिनट के बाद कम से कम 20 सेकेंड का ब्रेक जरूर ले इससे आंखों को राहत मिलेगी। इसके अलावा पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं।
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आजकल मोबाइल का प्रयोग सबसे ज्यादा हो रहा है। बच्चों से लेकर बड़े तक लंबे समय तक मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं। इससे आंखों का पानी सूखने लगता है। अभिभावक बच्चों को बेवजह लंबे समय तक मोबाइल न दें। अगर आप मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं तो 20 मिनट बाद 20 सेकेंड का ब्रेक जरूर दें। इसके अलावा पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं।
- डॉ. राजेश चौधरी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।