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Fatehabad News: पौधों से दोस्ती की ऐसी डोर बंधी कि घर का हर कोना बिखेर रहा मुस्कुराहट
Sat, 01 Nov 2025 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 01 Nov 2025 11:39 PM IST
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गांव ढांड की उजाला रानी हिबकस के पौधे के साथ। स्रोत: स्वयं
फतेहाबाद। पौधों से दोस्ती मन को सुकून देगी। इन्हें देखकर आप हर वक्त तरोताजा महसूस करेंगे। गांव ढांड निवासी उजाला रानी बचपन से ही पौधों से लगाव रखती हैं। बागवानी के शौक को उन्होंने शादी के बाद भी जिंदा रखा है। उजाला के अनुसार उनके घर में 200 से अधिक गमले व फलों के पौधे लगे हैं।
इनमें गुलाब, पाम, गुड़हल, गुलदाउदी, मनी प्लांट, एलोवीरा, संतरा, चिकू, स्नेक्स प्लांट सहित कई अन्य किस्म के पौधे हैं, जो उनके घर के हर कोने को आकर्षक बना रहे हैं। 400 गज में बने घर में छोटा सा पार्क भी बनाया हुआ है। इसमें कढ़ी पत्ता व पाम के पौधे भी लगे हैं। शुरुआत में घर में 10-12 पौधे लगाए और उनकी देखभाल शुरू की।
उजाला रानी के घर में धीरे-धीरे पौधों की वैरायटी बढ़ती गईं। नए-नए पौधे घर लाकर लगाने लगीं। पौधों की कलम बनाना भी सीखा और बाद में खुद ही पौध तैयार करने लगीं। उजाला रानी ने बताया कि अब तो वे आस-पड़ोस में और रिश्तेदारों को भी पौधों की कलम भेंट करती हैं, ताकि वे भी अपने घरों में हरियाली बढ़ा सकें।
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उजाला ने बताया कि इन पौधों की देखभाल करना ही उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। नियमित रूप से पौधों को पानी देती हूं, समय-समय पर खाद डालती हूं और इनकी छंटाई करती हूं।
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घर के पार्क में खेलते हैं बच्चे
उजाला रानी की बगिया में में सुबह के समय बुजुर्ग व्यायाम करते हैं तो शाम के समय मोहल्ला के छोटे बच्चे खेलते हैं। बगिया में लगे खुशबूदार और फूलदार पौधों के कारण बच्चों को सकारात्मक ऊर्जा मिल रही है। वहीं बच्चों के खेलने से घर में रौनक बनी रहती है।
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इनमें गुलाब, पाम, गुड़हल, गुलदाउदी, मनी प्लांट, एलोवीरा, संतरा, चिकू, स्नेक्स प्लांट सहित कई अन्य किस्म के पौधे हैं, जो उनके घर के हर कोने को आकर्षक बना रहे हैं। 400 गज में बने घर में छोटा सा पार्क भी बनाया हुआ है। इसमें कढ़ी पत्ता व पाम के पौधे भी लगे हैं। शुरुआत में घर में 10-12 पौधे लगाए और उनकी देखभाल शुरू की।
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उजाला रानी के घर में धीरे-धीरे पौधों की वैरायटी बढ़ती गईं। नए-नए पौधे घर लाकर लगाने लगीं। पौधों की कलम बनाना भी सीखा और बाद में खुद ही पौध तैयार करने लगीं। उजाला रानी ने बताया कि अब तो वे आस-पड़ोस में और रिश्तेदारों को भी पौधों की कलम भेंट करती हैं, ताकि वे भी अपने घरों में हरियाली बढ़ा सकें।
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उजाला ने बताया कि इन पौधों की देखभाल करना ही उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। नियमित रूप से पौधों को पानी देती हूं, समय-समय पर खाद डालती हूं और इनकी छंटाई करती हूं।
घर के पार्क में खेलते हैं बच्चे
उजाला रानी की बगिया में में सुबह के समय बुजुर्ग व्यायाम करते हैं तो शाम के समय मोहल्ला के छोटे बच्चे खेलते हैं। बगिया में लगे खुशबूदार और फूलदार पौधों के कारण बच्चों को सकारात्मक ऊर्जा मिल रही है। वहीं बच्चों के खेलने से घर में रौनक बनी रहती है।