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Fatehabad News: रबी सीजन में चना-मसूर की खेती पर मिलेगा अनुदान, बायोमेट्रिक से होगा बीज वितरण
Tue, 20 Oct 2026 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 20 Oct 2026 11:46 PM IST
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फतेहाबाद। रबी सीजन 2026-27 में दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने पहल की है। इसके तहत किसानों को चना और मसूर के प्रमाणित बीज पर 100 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। योजना के तहत किसानों को 20 नवंबर तक पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा।
जिले में 125 एकड़ क्षेत्र में चना और मसूर के ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे। पंजीकरण प्रक्रिया 15 अक्तूबर से शुरू हो चुकी है तथा किसान 20 नवंबर तक पंजीकरण करवा सकते हैं। किसान हरियाणा बीज विकास निगम एवं राष्ट्रीय बीज निगम के अधिकृत बिक्री केंद्रों से बीज प्राप्त कर सकेंगे।
योजना के अंतर्गत एक किसान अधिकतम 2.5 एकड़ क्षेत्र के लिए बीज प्राप्त कर सकता है। बीज वितरण बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अथवा चेहरे की पहचान के माध्यम से किया जाएगा। कृषि उपनिदेशक विनोद फोगाट ने बताया कि जिला फतेहाबाद में रबी सीजन 2026-27 के दौरान चना एवं मसूर की फसलों के लिए कुल 125 एकड़ क्षेत्र में ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शन आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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चना की फसल के लिए 100 एकड़ क्षेत्र में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे जिनमें सामान्य श्रेणी के लिए 80 एकड़ तथा अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए 20 एकड़ का लक्ष्य शामिल है। इसी प्रकार, मसूर की फसल के लिए 25 एकड़ क्षेत्र में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे जिनमें सामान्य श्रेणी के लिए 20 एकड़ तथा अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए 5 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इन प्रदर्शनों के माध्यम से किसानों को चना एवं मसूर की उन्नत, अधिक उपज देने वाली तथा क्षेत्र की कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल किस्मों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, वैज्ञानिक खेती पद्धतियों, उचित फसल प्रबंधन तथा कीट एवं रोग नियंत्रण संबंधी तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
योजना के अंतर्गत पांच वर्ष से कम पुरानी किस्मों के चना बीज पर 75 प्रतिशत या अधिकतम 6,000 रुपये प्रति क्विंटल तथा मसूर बीज पर 100 प्रतिशत या अधिकतम 12,000 रुपये प्रति क्विंटल तक अनुदान देय होगा। इसी प्रकार, पांच वर्ष से अधिक पुरानी किस्मों के चना बीज पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 4,000 रुपये प्रति क्विंटल तथा मसूर बीज पर 75 प्रतिशत या अधिकतम 9,000 रुपये प्रति क्विंटल तक अनुदान दिया जाएगा।
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जिले में 125 एकड़ क्षेत्र में चना और मसूर के ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे। पंजीकरण प्रक्रिया 15 अक्तूबर से शुरू हो चुकी है तथा किसान 20 नवंबर तक पंजीकरण करवा सकते हैं। किसान हरियाणा बीज विकास निगम एवं राष्ट्रीय बीज निगम के अधिकृत बिक्री केंद्रों से बीज प्राप्त कर सकेंगे।
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योजना के अंतर्गत एक किसान अधिकतम 2.5 एकड़ क्षेत्र के लिए बीज प्राप्त कर सकता है। बीज वितरण बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अथवा चेहरे की पहचान के माध्यम से किया जाएगा। कृषि उपनिदेशक विनोद फोगाट ने बताया कि जिला फतेहाबाद में रबी सीजन 2026-27 के दौरान चना एवं मसूर की फसलों के लिए कुल 125 एकड़ क्षेत्र में ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शन आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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चना की फसल के लिए 100 एकड़ क्षेत्र में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे जिनमें सामान्य श्रेणी के लिए 80 एकड़ तथा अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए 20 एकड़ का लक्ष्य शामिल है। इसी प्रकार, मसूर की फसल के लिए 25 एकड़ क्षेत्र में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे जिनमें सामान्य श्रेणी के लिए 20 एकड़ तथा अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए 5 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इन प्रदर्शनों के माध्यम से किसानों को चना एवं मसूर की उन्नत, अधिक उपज देने वाली तथा क्षेत्र की कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल किस्मों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, वैज्ञानिक खेती पद्धतियों, उचित फसल प्रबंधन तथा कीट एवं रोग नियंत्रण संबंधी तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
योजना के अंतर्गत पांच वर्ष से कम पुरानी किस्मों के चना बीज पर 75 प्रतिशत या अधिकतम 6,000 रुपये प्रति क्विंटल तथा मसूर बीज पर 100 प्रतिशत या अधिकतम 12,000 रुपये प्रति क्विंटल तक अनुदान देय होगा। इसी प्रकार, पांच वर्ष से अधिक पुरानी किस्मों के चना बीज पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 4,000 रुपये प्रति क्विंटल तथा मसूर बीज पर 75 प्रतिशत या अधिकतम 9,000 रुपये प्रति क्विंटल तक अनुदान दिया जाएगा।