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Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Sister saves brother's life by donating kidney before Raksha Bandhan in Fatehabad of Haryana

बहन का बेमिसाल प्यार: रक्षाबंधन से पहले की भाई के जीवन की रक्षा, किडनी देकर बचाई जान, पढ़िए पूरी स्टोरी

Tue, 29 Aug 2023 11:40 PM IST
भूपेंद्र सिंह विकास छिंपा, संवाद न्यूज एजेंसी, भूना, फतेहाबाद (हरियाणा)
विकास छिंपा, संवाद न्यूज एजेंसी, भूना, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 29 Aug 2023 11:40 PM IST
सार

खजूरी जाटी निवासी 55 वर्षीय बेबी नटियाल ने अपने 42 वर्षीय छोटे भाई दीपचंद की जान बचाई है। भाई ने कहा कि रक्षाबंधन पर बहन को जहां मुझे तोहफा दिया जाना चाहिए था, परंतु बड़ी बहन ने मेरी जिंदगी में पुन: उजाला कर दिया है। 

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Sister saves brother's life by donating kidney before Raksha Bandhan in Fatehabad of Haryana
जयपुर में अस्तपाल में अपने भाई दीपचंद के साथ बहन बेबी नटियाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

यूं तो भाई रक्षाबंधन पर अपनी बहन से राखी बंधवा कर उपहार देने के साथ उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं। हालांकि महात्मा गांधी अस्पताल जयपुर में बहन ने अपने छोटे भाई के लिए जो किया वह अपने आप में एक बेमिसाल है।

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गांव खजूरी जाटी निवासी बेबी नटियाल (55) ने अपने छोटे भाई दीपचंद (42) की जान बचाने के लिए रक्षाबंधन से पहले आठ अगस्त को अस्पताल में भर्ती अपने भाई के लिए अपनी किडनी देकर उसे जीवनदान दिया।
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दो साल पहले दीपचंद को अचानक छाती में दर्द हुआ। सेहत ज्यादा बिगड़ने पर अस्पताल में पहुंचा। वहां जांच के बाद पता चला कि उसकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। डॉक्टर ने उन्हें डायलिसिस की सलाह दी। उसका उपचार करीब दो साल तक चलता रहा।
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इसके बावजूद दीपचंद की सेहत लगातार खराब हो रही थी और पूरा परिवार परेशान था। उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट जल्द से जल्द करने की सलाह दी। ऐसे हालात में बड़ी बहन बेबी नटियाल ने अपनी किडनी दीपचंद को देने की बात कही।

दीपचंद की बड़ी बहन बेबी नटियाल जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में पहुंची और अपने छोटे भाई के लिए अपनी एक किडनी दान की। अब दीपचंद की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। वहीं, अपने भाई को नई जिंदगी देकर बेबी नटियाल बेहद खुश है। संवाद


मुझे अपनी बहन पर गर्व
दीपचंद ने कहा कि मुझे अपनी बहन बेबी नटियाल पर गर्व है। उसके कारण ही मुझे नया जीवन मिला है। दीपचंद ने कहा कि बड़ा दुख होता है जब कुछ लोग बेटियों को कम आंकते हैं, मेरी बहन ने यह साबित कर दिया की बहन-बेटियां परिवार के मुश्किल वक्त में मदद के लिए सबसे आगे रहती हैं। रक्षाबंधन पर बहन को जहां मुझे तोहफा दिया जाना चाहिए था, परंतु बड़ी बहन ने मेरी जिंदगी में पुन: उजाला कर दिया है। मेरी बड़ी बहन के इस हौसले और जज्बे को ताउम्र याद रखूंगा।

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