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जिला अस्पताल और पीएचसी-सीएचसी में दवा की कमी
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नागरिक अस्पताल में दवाइयों के उपलब्ध होने बारे लगाई गई सूची।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नागरिक अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सेवाओं का दावा सिर्फ हवा हवाई साबित हो रहा है। धरातल पर हकीकत बया कर रही है कि अस्पतालों में मर्ज की दवा तक नहीं है। उपचार लेने के लिए आने वाले मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल में भी दवाइयां पूरी नहीं मिल रही हैं। 30 फीसदी दवाओं का टोटा है। मरीजों को मजबूरी में बाहर से दवाई खरीदनी पड़ रही है।
बता दें कि नागरिक अस्पताल में रोजाना 550 से 650 मरीजों तक की ओपीडी होती है। इन मरीजों को 30 फीसदी तक दवाएं अस्पताल के बाहर से लेनी पड़ती हैं। अस्पताल में उपलब्ध दवा की लगाई गई सूची के अनुसार तो 45 से 50 दवाइयां नहीं मिलती हैं। अस्पताल में इसको लेकर पड़ताल की गई तो सामने आया कि मरीजों को एंटीबायोटिक, आंखों में डालने की ड्रॉप्स, इंफेक्शन, चर्म रोग दवाएं, सांस बीमारी से संबंधित पूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। यहां तक शिशुओं के लिए भी दवाओं की कमी है। शिशुओं के लिए आयरन सिरप तक बाहर से खरीदने पड़ रहे हैं। एनएसी यानी दवा उपलब्ध नहीं प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी भी मान रहे हैं कि पीएचसी, सीएचसी और नागरिक अस्पताल में दवाइयों का टोटा है। अस्पताल एनएसी मिलने के बाद ही मार्केट से दवा खरीद सकते हैं। अहम बात यह है कि जिले में स्थायी फार्मेसी अधिकारियों की भी कमी है।
ये दवाएं व इंजेक्शन नहीं मिल रहे
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में दवाइयों के उपलब्ध होने को लेकर लगाई गई सूची के मुताबिक टैबलेट आयरन फॉलिक एसिड किड, इंजेक्शन कैरोमॉस्टेट, कैप्सूल सिप्लेक्सिन, टैबलेट एमोक्सोलेव, कैप्सूल टेक्रासाइलिन, टैबलेट एथरोमाइसिन, टैबलेट गरिसोफ्लीन, अमोक्सीक्लेव, इंजेक्शन अमीक्लीन, इंजेक्शन अमोक्सीक्लेव, इंजेक्शन किफटरोसॉन, इंजेक्शन जेंटामाइसिन, इंजेक्शन मेटराजॉलम, बेंजोट लोशन, जीबीएचसी क्रीम, इंजेक्शन थैपलोाइसिन, इंजेक्शन इंसुलीन, इंजेक्शन मेटोक्लोप्रोमाइड आदि मौजूद नहीं है।
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जिले में फार्मेसी ऑफिसर की भी कमी
अस्पताल स्वीकृत पद कार्यरत
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 9 7
नागरिक अस्पताल टोहाना 9 6
नागरिक अस्पताल रतिया 3 2
सीएचसी भट्टूकलां 2 1
सीएचसी जाखल 2 1
सीएचसी भूना 2 0
सीएचसी बड़ोपल 2 2
सीएचसी भूथनकलां 2 1
फील्ड 18 6
कोट
अस्पताल में आंख वाले डॉक्टर को दिखाया था और उन्होंने दवाई लिखकर दी। काउंटर पर दवाई लेने के लिए आए तो कर्मचारी ने दवा होने से मना कर दिया है। मुझे बाहर दुकान से दवाई लेनी पड़ रही है।
-भोलाराम, गांव पालसर
अस्पताल डॉक्टर को दिखाया तो गदूद इंफेक्शन की दवाई लिखी गई है। काउंटर पर लाइन में लगने के बाद मना कर दिया गया। डॉक्टर जो दवाई लिख रहा है वह कम से कम अस्पताल में होनी चाहिए।
-सोमनाथ, निवासी फतेहाबाद।
कोट
अस्पताल में जिन दवाओं की डिमांड है उन्हें खरीदा जा रहा है। दवाइयां वेयर हाउस से आती है, अगर अस्पताल को कोई दवा खरीदनी है तो उसके लिए एनएसी लेना जरूरी होता है। इसके चलते कई बार दवा खरीद में देरी हो जाती है।
-डॉ. सुभाष, कार्यकारी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी फतेहाबाद।
वेयर हाउस दवाइयों की सप्लाई न होने के कारण दिक्कत आ रही है। वेयर हाउस से समय पर दवाइयों की सप्लाई होनी चाहिए। एंटीबायोटिक, कफ सिरप, एंटी एलर्जी क्रीम तक की सप्लाई नहीं हो रही है। हालांकि पहले से कुछ सुधार हुआ है लेकिन अभी भी दिक्कत आ रही है।
-कृष्ण बिश्नोई, जिला प्रधान, गवर्नमेंट फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन
दवाइयां खरीद के लिए एनएसी चाहिए होती है। वह न मिल पाने के कारण दिक्कत आती है। पीएचसी, सीएचसी और नागरिक अस्पताल में दवाइयों की खपत भी अलग-अलग है। स्वास्थ्य विभाग दवाइयों की कमी को दूर करने के लिए प्रयासरत है।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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बता दें कि नागरिक अस्पताल में रोजाना 550 से 650 मरीजों तक की ओपीडी होती है। इन मरीजों को 30 फीसदी तक दवाएं अस्पताल के बाहर से लेनी पड़ती हैं। अस्पताल में उपलब्ध दवा की लगाई गई सूची के अनुसार तो 45 से 50 दवाइयां नहीं मिलती हैं। अस्पताल में इसको लेकर पड़ताल की गई तो सामने आया कि मरीजों को एंटीबायोटिक, आंखों में डालने की ड्रॉप्स, इंफेक्शन, चर्म रोग दवाएं, सांस बीमारी से संबंधित पूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। यहां तक शिशुओं के लिए भी दवाओं की कमी है। शिशुओं के लिए आयरन सिरप तक बाहर से खरीदने पड़ रहे हैं। एनएसी यानी दवा उपलब्ध नहीं प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी भी मान रहे हैं कि पीएचसी, सीएचसी और नागरिक अस्पताल में दवाइयों का टोटा है। अस्पताल एनएसी मिलने के बाद ही मार्केट से दवा खरीद सकते हैं। अहम बात यह है कि जिले में स्थायी फार्मेसी अधिकारियों की भी कमी है।
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ये दवाएं व इंजेक्शन नहीं मिल रहे
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में दवाइयों के उपलब्ध होने को लेकर लगाई गई सूची के मुताबिक टैबलेट आयरन फॉलिक एसिड किड, इंजेक्शन कैरोमॉस्टेट, कैप्सूल सिप्लेक्सिन, टैबलेट एमोक्सोलेव, कैप्सूल टेक्रासाइलिन, टैबलेट एथरोमाइसिन, टैबलेट गरिसोफ्लीन, अमोक्सीक्लेव, इंजेक्शन अमीक्लीन, इंजेक्शन अमोक्सीक्लेव, इंजेक्शन किफटरोसॉन, इंजेक्शन जेंटामाइसिन, इंजेक्शन मेटराजॉलम, बेंजोट लोशन, जीबीएचसी क्रीम, इंजेक्शन थैपलोाइसिन, इंजेक्शन इंसुलीन, इंजेक्शन मेटोक्लोप्रोमाइड आदि मौजूद नहीं है।
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जिले में फार्मेसी ऑफिसर की भी कमी
अस्पताल स्वीकृत पद कार्यरत
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 9 7
नागरिक अस्पताल टोहाना 9 6
नागरिक अस्पताल रतिया 3 2
सीएचसी भट्टूकलां 2 1
सीएचसी जाखल 2 1
सीएचसी भूना 2 0
सीएचसी बड़ोपल 2 2
सीएचसी भूथनकलां 2 1
फील्ड 18 6
कोट
अस्पताल में आंख वाले डॉक्टर को दिखाया था और उन्होंने दवाई लिखकर दी। काउंटर पर दवाई लेने के लिए आए तो कर्मचारी ने दवा होने से मना कर दिया है। मुझे बाहर दुकान से दवाई लेनी पड़ रही है।
-भोलाराम, गांव पालसर
अस्पताल डॉक्टर को दिखाया तो गदूद इंफेक्शन की दवाई लिखी गई है। काउंटर पर लाइन में लगने के बाद मना कर दिया गया। डॉक्टर जो दवाई लिख रहा है वह कम से कम अस्पताल में होनी चाहिए।
-सोमनाथ, निवासी फतेहाबाद।
कोट
अस्पताल में जिन दवाओं की डिमांड है उन्हें खरीदा जा रहा है। दवाइयां वेयर हाउस से आती है, अगर अस्पताल को कोई दवा खरीदनी है तो उसके लिए एनएसी लेना जरूरी होता है। इसके चलते कई बार दवा खरीद में देरी हो जाती है।
-डॉ. सुभाष, कार्यकारी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी फतेहाबाद।
वेयर हाउस दवाइयों की सप्लाई न होने के कारण दिक्कत आ रही है। वेयर हाउस से समय पर दवाइयों की सप्लाई होनी चाहिए। एंटीबायोटिक, कफ सिरप, एंटी एलर्जी क्रीम तक की सप्लाई नहीं हो रही है। हालांकि पहले से कुछ सुधार हुआ है लेकिन अभी भी दिक्कत आ रही है।
-कृष्ण बिश्नोई, जिला प्रधान, गवर्नमेंट फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन
दवाइयां खरीद के लिए एनएसी चाहिए होती है। वह न मिल पाने के कारण दिक्कत आती है। पीएचसी, सीएचसी और नागरिक अस्पताल में दवाइयों की खपत भी अलग-अलग है। स्वास्थ्य विभाग दवाइयों की कमी को दूर करने के लिए प्रयासरत है।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन

नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए लाइन में लगे मरीज।- फोटो : Fatehabad