{"_id":"5d9639f78ebc3e93d62b0d1b","slug":"sending-paddy-directly-to-sellers-demonstrated-workers-fatehabad-fatehabad-news-rtk521387399","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान को सीधा सेलरों में भिजवाने का आरोप, किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान को सीधा सेलरों में भिजवाने का आरोप, किया प्रदर्शन
विज्ञापन
टोहाना में प्रदर्शन करते धान शैलरों के मजदूर।
- फोटो : Fatehabad
टोहाना। शहर की तीनों अनाज मंडी में काम करने वाले मजदूर यूनियन के सदस्यों ने प्रशासन पर सीधा धान सेलरों में भिजवाने का आरोप लगाते हुए मार्केट कमेटी में प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और उनकी रोजी रोटी छीनने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शहर की तीनों मंडियों से आए सैकड़ों मजदूरों ने भाग लिया।
प्रदर्शनकारी रामसिंह, नरेश, बाबू राम, कमलेश आदि ने बताया कि उनकी झराई की मजदूरी पूरी नहीं दी जा रही है। यूनियन प्रधान चंद्रभान ने बताया कि हर बार उनके साथ ऐसा होता है कि धान को सीधा सेलरों में भेजा जाता है जिसके चलते उनकी मजदूरी का कार्य ठप हो जाता है। उन्होंने बताया कि अनेक बार प्रदर्शन करने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। इस बार ऐसा होने के विरोध में तीनों मंडी मिर्च मंडी, अनाज मंडी, नई मंडी के सभी पल्लेदार व झिराई मजदूरों पर रोजी रोटी का संकट मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की मिलीभगत के चलते न तो उन्हें समय पर ठीक मजदूरी दी जा रही है तथा सीधा धान सेलरों में गिरवाया जा रहा है। मजदूरों ने मांग करते हुए कहा कि ऐसा सीधा धान जाने को बंद किया जाए तथा जांच के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मजदूरों ने कहा कि किसानों से झिराई के नाम पर 8 रुपये के हिसाब से लिया जाता है लेकिन उन्हें महज साढे़ तीन रुपये दिए जा रहे है जबकि इसे बढ़ाकर पांच रुपये किया जाना चाहिए।
इस बारे में मार्केट कमेटी के एसोसिएट सेक्रेटरी बलवान सिंह ने कहा कि कोई सीधा माल नहीं जा रहा है उनकी तरफ से पूरी सख्ती है। अगर कोई जा रही है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। कार्यवाही में लाइसेंस पर कार्यवाही हो सकती है व जुर्माना भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि मामले की लिखित शिकायत नहीं आई है उसके बाद जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शनकारी रामसिंह, नरेश, बाबू राम, कमलेश आदि ने बताया कि उनकी झराई की मजदूरी पूरी नहीं दी जा रही है। यूनियन प्रधान चंद्रभान ने बताया कि हर बार उनके साथ ऐसा होता है कि धान को सीधा सेलरों में भेजा जाता है जिसके चलते उनकी मजदूरी का कार्य ठप हो जाता है। उन्होंने बताया कि अनेक बार प्रदर्शन करने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। इस बार ऐसा होने के विरोध में तीनों मंडी मिर्च मंडी, अनाज मंडी, नई मंडी के सभी पल्लेदार व झिराई मजदूरों पर रोजी रोटी का संकट मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की मिलीभगत के चलते न तो उन्हें समय पर ठीक मजदूरी दी जा रही है तथा सीधा धान सेलरों में गिरवाया जा रहा है। मजदूरों ने मांग करते हुए कहा कि ऐसा सीधा धान जाने को बंद किया जाए तथा जांच के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मजदूरों ने कहा कि किसानों से झिराई के नाम पर 8 रुपये के हिसाब से लिया जाता है लेकिन उन्हें महज साढे़ तीन रुपये दिए जा रहे है जबकि इसे बढ़ाकर पांच रुपये किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
इस बारे में मार्केट कमेटी के एसोसिएट सेक्रेटरी बलवान सिंह ने कहा कि कोई सीधा माल नहीं जा रहा है उनकी तरफ से पूरी सख्ती है। अगर कोई जा रही है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। कार्यवाही में लाइसेंस पर कार्यवाही हो सकती है व जुर्माना भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि मामले की लिखित शिकायत नहीं आई है उसके बाद जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन