{"_id":"6940469194f73912d0036f7a","slug":"self-help-groups-dhaba-provides-low-cost-food-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-145340-2025-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: स्वयं सहायता समूह के ढाबे में कम दाम में मिल रहा भोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: स्वयं सहायता समूह के ढाबे में कम दाम में मिल रहा भोजन
Mon, 15 Dec 2025 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 15 Dec 2025 11:04 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद के लघु सचिवालय में स्वयं सहायता समूह के सारथी ढाबे में खाना बनाती महिलाएं। संवाद
फतेहाबाद। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लघु सचिवालय परिसर में गुरु जंभेश्वर स्वयं सहायता समूह की ओर से संचालित सारथी ढाबा से महिलाओं को आजीविका का अवसर मिला है। इससे लघु सचिवालय में पहुंचने वाले ग्राहकों को कम खर्च में पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है। ढाणी माजरा गांव की 10 महिलाओं के लिए एक स्थायी आजीविका का साधन भी बन गया है।
स्वयं सहायता समूह पिछले पांच वर्षों से सफलतापूर्वक इस ढाबे का संचालन कर रहा है। समूह की महिलाएं मिलकर सारा काम संभालती हैं, जिसमें खाना बनाना, ग्राहकों को परोसना और हिसाब-किताब रखना शामिल है। उनकी कड़ी मेहनत और प्रबंधन क्षमता के कारण यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गई हैं। यह ढाबा समूह को न सिर्फ आर्थिक मजबूती दे रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मान भी प्रदान कर रहा है।
-- -
कम खर्च में पौष्टिक आहार
गांव ढाणी माजरा की गुरुजंभेश्वर समूह की महिला पतासों ने बताया कि उनके साथ 9 अन्य महिलाएं हैं। वे ग्राहकों को किफायती मूल्य और भोजन उपलब्ध करवा रही हैं। यहां आने वाले ग्राहकों को कम खर्च में घर जैसा शुद्ध, ताजा और पौष्टिक भोजन मिलता है। ग्राहकों को 40 रुपये में चार रोटी, एक मौसमी सब्जी और एक गिलास छाछ या लस्सी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं विभिन्न विभागों के कार्यालयों में व आम लोगों को मात्र 8 रुपये प्रति कप चाय उपलब्ध करवा रही है। लघु सचिवालय में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी हों या आम नागरिक, सभी यहां के खाने को पसंद करते हैं।
विज्ञापन
-- -
सरकारी मदद से मिला अच्छा रोजगार
गुरु जंभेश्वर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को एनआरएलएम के तहत आवश्यक प्रारंभिक पूंजी और प्रशिक्षण मिला था। इस सरकारी योजना के सहयोग से ही वह अपने इस उद्यम को सफलतापूर्वक स्थापित कर पाईं। समूह की सुनीता देवी ने बताया कि उन्हें शुरुआत में थोड़ी कठिनाई हुई, लेकिन अब ढाबा अच्छा चल रहा है। हम 10 महिलाएं मिलकर हर महीने एक अच्छी कमाई कर लेती हैं, जिससे हम अपने परिवार का खर्च चलाने में सक्षम हैं। हमें ढाबा अच्छा रोजगार मिला है।
-- -- -- -- -- -
:: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मार्गदर्शन तहत सरकारी योजनाओं के समर्थन से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। इससे जिले की सैकंडों महिलाओं को रोजगार मिला है। महिलाओं से अपील है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बने।
-सतबीर सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
स्वयं सहायता समूह पिछले पांच वर्षों से सफलतापूर्वक इस ढाबे का संचालन कर रहा है। समूह की महिलाएं मिलकर सारा काम संभालती हैं, जिसमें खाना बनाना, ग्राहकों को परोसना और हिसाब-किताब रखना शामिल है। उनकी कड़ी मेहनत और प्रबंधन क्षमता के कारण यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गई हैं। यह ढाबा समूह को न सिर्फ आर्थिक मजबूती दे रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मान भी प्रदान कर रहा है।
विज्ञापन
कम खर्च में पौष्टिक आहार
गांव ढाणी माजरा की गुरुजंभेश्वर समूह की महिला पतासों ने बताया कि उनके साथ 9 अन्य महिलाएं हैं। वे ग्राहकों को किफायती मूल्य और भोजन उपलब्ध करवा रही हैं। यहां आने वाले ग्राहकों को कम खर्च में घर जैसा शुद्ध, ताजा और पौष्टिक भोजन मिलता है। ग्राहकों को 40 रुपये में चार रोटी, एक मौसमी सब्जी और एक गिलास छाछ या लस्सी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं विभिन्न विभागों के कार्यालयों में व आम लोगों को मात्र 8 रुपये प्रति कप चाय उपलब्ध करवा रही है। लघु सचिवालय में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी हों या आम नागरिक, सभी यहां के खाने को पसंद करते हैं।
विज्ञापन
सरकारी मदद से मिला अच्छा रोजगार
गुरु जंभेश्वर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को एनआरएलएम के तहत आवश्यक प्रारंभिक पूंजी और प्रशिक्षण मिला था। इस सरकारी योजना के सहयोग से ही वह अपने इस उद्यम को सफलतापूर्वक स्थापित कर पाईं। समूह की सुनीता देवी ने बताया कि उन्हें शुरुआत में थोड़ी कठिनाई हुई, लेकिन अब ढाबा अच्छा चल रहा है। हम 10 महिलाएं मिलकर हर महीने एक अच्छी कमाई कर लेती हैं, जिससे हम अपने परिवार का खर्च चलाने में सक्षम हैं। हमें ढाबा अच्छा रोजगार मिला है।
:: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मार्गदर्शन तहत सरकारी योजनाओं के समर्थन से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। इससे जिले की सैकंडों महिलाओं को रोजगार मिला है। महिलाओं से अपील है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बने।
-सतबीर सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, फतेहाबाद।

फतेहाबाद के लघु सचिवालय में स्वयं सहायता समूह के सारथी ढाबे में खाना बनाती महिलाएं। संवाद