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Fatehabad News: 700 से कम लिंगानुपात वाले नौ गांवों का चयन
Sun, 27 Apr 2025 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 27 Apr 2025 12:42 AM IST
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फतेहाबाद क्षेत्र में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत विद्यार्थियों को जागरूक करते स्वास्थ
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2019 से मार्च 2025 तक 700 से कम लिंगानुपात वाले नौ गांवों का चयन किया है। इन गांवों में अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें जागरूकता अभियान चलाएंगी।
इन गांवों में सरवपुर, कानीखेड़ी, बिढईखेड़ा, पूर्ण माजरा, करंडी, नूरपुर ढाणी, लधुवास, सारना, डिग्गी ढाणी शामिल हैं। इन गांवों में जागरूकता अभियान के लिए पीएचसी स्तर के चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। ये अधिकारी गांवों में जाकर लोगों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूक करेंगे। इस दौरान गांवों में जागरूकता रैली भी निकाली जाएगी। इन गांवों पर विशेष निगरानी भी रखी जाएगी।
इन गांवों में लोगों को जागरूक करने के लिए नोडल अधिकारी पीएनडीटी के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ, एएनएम, एमपीएचडब्ल्यू, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है।
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जागरूकता को लेकर नियुक्त की गई टीमें
कम लिंगानुपात वाले गांवों में लोगों को जागरूक करने के लिए नोडल अधिकारी पीएनडीटी के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ, एएनएम, एमपीएचडब्ल्यू, आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर की डयूटी लगाई गई है।
पिछले सालों का ये रहा है जिले का लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
2015 894
2016 923
2017 912
2018 893
2019 924
2020 937
2021 898
2022 950
2023 934
2024 926
गांव ढिंगसरा को मिल चुका बेस्ट विलेज अवाॅर्ड :
गांव ढिंगसरा को वर्ष 2024 में सबसे अधिक लिंगानुपात रहने पर बेस्ट विलेज अवॉर्ड मिल चुका है। गांव की तीन बेटियों को स्वास्थ्य विभाग डेढ़ लाख रुपये की अवाॅर्ड राशि देकर सम्मानित कर चुका है। गांव ढिंगसरा में एक हजार लड़कों के मुकाबले 433 अधिक लड़कियां ज्यादा पैदा हुई हैं। गांव का लिंगानुपात 1,433 रहा है। यहां पर वर्ष 2024 में 30 लड़कों और 43 लड़कियों ने जन्म लिया।
जिले में कम लिंगानुपात वाले गांवों में विभाग की टीमें लोगों को लगातार जागरूक कर रही है। जिले के 9 गांवों में विशेष तौर पर अभियान चलाया गया है। इसमें लोगों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूक किया जा रहा है। - डॉ. निरपाल चंद, जिला नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, फतेहाबाद।
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इन गांवों में सरवपुर, कानीखेड़ी, बिढईखेड़ा, पूर्ण माजरा, करंडी, नूरपुर ढाणी, लधुवास, सारना, डिग्गी ढाणी शामिल हैं। इन गांवों में जागरूकता अभियान के लिए पीएचसी स्तर के चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। ये अधिकारी गांवों में जाकर लोगों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूक करेंगे। इस दौरान गांवों में जागरूकता रैली भी निकाली जाएगी। इन गांवों पर विशेष निगरानी भी रखी जाएगी।
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इन गांवों में लोगों को जागरूक करने के लिए नोडल अधिकारी पीएनडीटी के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ, एएनएम, एमपीएचडब्ल्यू, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है।
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जागरूकता को लेकर नियुक्त की गई टीमें
कम लिंगानुपात वाले गांवों में लोगों को जागरूक करने के लिए नोडल अधिकारी पीएनडीटी के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ, एएनएम, एमपीएचडब्ल्यू, आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर की डयूटी लगाई गई है।
पिछले सालों का ये रहा है जिले का लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
2015 894
2016 923
2017 912
2018 893
2019 924
2020 937
2021 898
2022 950
2023 934
2024 926
गांव ढिंगसरा को मिल चुका बेस्ट विलेज अवाॅर्ड :
गांव ढिंगसरा को वर्ष 2024 में सबसे अधिक लिंगानुपात रहने पर बेस्ट विलेज अवॉर्ड मिल चुका है। गांव की तीन बेटियों को स्वास्थ्य विभाग डेढ़ लाख रुपये की अवाॅर्ड राशि देकर सम्मानित कर चुका है। गांव ढिंगसरा में एक हजार लड़कों के मुकाबले 433 अधिक लड़कियां ज्यादा पैदा हुई हैं। गांव का लिंगानुपात 1,433 रहा है। यहां पर वर्ष 2024 में 30 लड़कों और 43 लड़कियों ने जन्म लिया।
जिले में कम लिंगानुपात वाले गांवों में विभाग की टीमें लोगों को लगातार जागरूक कर रही है। जिले के 9 गांवों में विशेष तौर पर अभियान चलाया गया है। इसमें लोगों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूक किया जा रहा है। - डॉ. निरपाल चंद, जिला नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, फतेहाबाद।