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पुरस्कार जीतने के लिए अपने खर्च से दो स्कूलों का किया सुंदरीकरण
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गांव घोटड़ू में चमचमाता सरकारी स्कूल
- फोटो : Fatehabad
भूना। प्रधानमंत्री सौंदर्यीकरण स्कूल योजना में पुरस्कार जीतने के लिए अध्यापकों ने अपने स्तर पर लाखों रुपये खर्च करके स्कूल का सुंदरीकरण किया है। गांव घोटड़ू के सरपंच ने अपने स्तर पर योजना का पुरस्कार जीतने के लिए प्राथमिक पाठशाला पर हजारों रुपये खर्च कर दिए।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुना के प्रिंसिपल जिया लाल बंसल ने अपने विद्यालय को प्रधानमंत्री सौंदर्यीकरण स्कूल योजना में शामिल करने के लिए स्कूल के अध्यापकों के साथ एक सांझा कार्यक्रम तैयार किया था। स्कूल में कुल 32 टीचर हैं जिनमें आठ अध्यापिकाएं हैं। प्रिंसिपल बंसल ने योजना में अपने स्कूल को शामिल करने के लिए सहयोग मांगा। जिस पर पूरे स्टाफ ने स्कूल में सजावटी एवं हरियाली पौधे, चहारदीवारी पर जागरूकता स्लोगन, स्कूल में लाइब्रेरी, कंप्यूटर एवं साइंस लैब, प्ले ग्राउंड, मिड डे मील, शौचालय व पेशाब घर, मुख्य द्वार, स्कूल की सड़के व बच्चों की यूनिफार्म इत्यादि को लेकर स्वच्छता एवं सुधारी करण पर जोर दिया गया। जल बचाओ, बेटी बचाओ पर्यावरण तथा यातायात एवं नशों के खिलाफ चहारदीवारी ऊपर जागरूकता स्लोगन पेंट करवा दिए गए। इसके लिए अध्यापक-अध्यापिका ने अपने स्तर पर पैसा एकत्रित किया।
वही ग्राम पंचायत घोटडू के सरपंच रामेश्वर डेलू ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला घोटड़ू को मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण योजना में लाने के लिए अथक प्रयास किए हैं। स्कूल की सड़कों को सजा दिया गया है। प्ले ग्राउंड में हरियाली ही हरियाली नजर आ रही है। इस गांव में अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या अधिक है। इसलिए स्कूल में हालत कमजोर थे और सुविधा नाम की कोई चीज नहीं थी। मगर सरपंच ने स्कूल को शहरी मॉडल बनाकर रख दिया है। बच्चों के लिए बैठने के लिए बेंच, आरओ फिल्टर पानी, आधुनिक शौचालय और पेशाब घर, स्कूल की सड़क के इंटरलॉकिंग एवं पेंटिंग, सैकड़ों सजावटी फूलदार तथा छायादार पौधे, स्कूल भवन की सुंदरता के लिए रंग रोगन इत्यादि करके एक प्राइवेट शिक्षण संस्थान का रूप दिया हुआ है। जिस पर गांव के सरपंच रामेश्वर डेलू व युवा संगठन ने मिलकर इस स्कूल को प्राइमरी स्तर पर मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण योजना में अवॉर्ड जीतने के लिए कोशिशों में घोटड़ू स्कूल का माहौल बदल कर रख दिया है।
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स्वच्छता एवं सुंदरता ही योजना का उद्देश्य : डीईओ
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने बताया कि स्वच्छता एवं सुंदरता ही मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण योजना का उद्देश्य है। इस योजना से स्कूल के मुखिया प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए मेहनत करते हैं और स्कूल का वातावरण शुद्ध हो जाता है। दोनों स्कूलों ने बहुत मेहनत की है मगर परिणाम योग्यता के आधार पर ही सामने आएंगे। घोटड़ू के सरपंच युवा हैं और उनकी सोच भी स्कूल के प्रति अधिक है।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुना के प्रिंसिपल जिया लाल बंसल ने अपने विद्यालय को प्रधानमंत्री सौंदर्यीकरण स्कूल योजना में शामिल करने के लिए स्कूल के अध्यापकों के साथ एक सांझा कार्यक्रम तैयार किया था। स्कूल में कुल 32 टीचर हैं जिनमें आठ अध्यापिकाएं हैं। प्रिंसिपल बंसल ने योजना में अपने स्कूल को शामिल करने के लिए सहयोग मांगा। जिस पर पूरे स्टाफ ने स्कूल में सजावटी एवं हरियाली पौधे, चहारदीवारी पर जागरूकता स्लोगन, स्कूल में लाइब्रेरी, कंप्यूटर एवं साइंस लैब, प्ले ग्राउंड, मिड डे मील, शौचालय व पेशाब घर, मुख्य द्वार, स्कूल की सड़के व बच्चों की यूनिफार्म इत्यादि को लेकर स्वच्छता एवं सुधारी करण पर जोर दिया गया। जल बचाओ, बेटी बचाओ पर्यावरण तथा यातायात एवं नशों के खिलाफ चहारदीवारी ऊपर जागरूकता स्लोगन पेंट करवा दिए गए। इसके लिए अध्यापक-अध्यापिका ने अपने स्तर पर पैसा एकत्रित किया।
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वही ग्राम पंचायत घोटडू के सरपंच रामेश्वर डेलू ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला घोटड़ू को मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण योजना में लाने के लिए अथक प्रयास किए हैं। स्कूल की सड़कों को सजा दिया गया है। प्ले ग्राउंड में हरियाली ही हरियाली नजर आ रही है। इस गांव में अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या अधिक है। इसलिए स्कूल में हालत कमजोर थे और सुविधा नाम की कोई चीज नहीं थी। मगर सरपंच ने स्कूल को शहरी मॉडल बनाकर रख दिया है। बच्चों के लिए बैठने के लिए बेंच, आरओ फिल्टर पानी, आधुनिक शौचालय और पेशाब घर, स्कूल की सड़क के इंटरलॉकिंग एवं पेंटिंग, सैकड़ों सजावटी फूलदार तथा छायादार पौधे, स्कूल भवन की सुंदरता के लिए रंग रोगन इत्यादि करके एक प्राइवेट शिक्षण संस्थान का रूप दिया हुआ है। जिस पर गांव के सरपंच रामेश्वर डेलू व युवा संगठन ने मिलकर इस स्कूल को प्राइमरी स्तर पर मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण योजना में अवॉर्ड जीतने के लिए कोशिशों में घोटड़ू स्कूल का माहौल बदल कर रख दिया है।
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स्वच्छता एवं सुंदरता ही योजना का उद्देश्य : डीईओ
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने बताया कि स्वच्छता एवं सुंदरता ही मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण योजना का उद्देश्य है। इस योजना से स्कूल के मुखिया प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए मेहनत करते हैं और स्कूल का वातावरण शुद्ध हो जाता है। दोनों स्कूलों ने बहुत मेहनत की है मगर परिणाम योग्यता के आधार पर ही सामने आएंगे। घोटड़ू के सरपंच युवा हैं और उनकी सोच भी स्कूल के प्रति अधिक है।