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Fatehabad News: भाई का खून करके गन्ने के खेत में छुप गया था सतबीर
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भूना। गांव चौबारा में कुलदीप जाखड़ हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। इनमें मृतक का भाई सतबीर जाखड़, उसका बेटा संदीप, चचेरा भाई शैलेंद्र तथा भांजा आकाश मिर्जापुर शामिल हैं। चारों आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा। इनसे हत्या में प्रयुक्त लाठी-डंडे व हथियार बरामद किए जाएंगे। तीन हत्यारोपी पहले गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें शीशपाल, उसका बेटा उत्तम उर्फ सुरेश तथा पुत्रवधू मुकेश रानी शामिल है।
गौरतलब है कि गांव चौबारा में लाल डोरे की एक मरला जमीन के विवाद को लेकर 25 फरवरी को दिन-दहाड़े कुलदीप जाखड़ की लाठी डंडों व गंडासी से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। उसको गली से घसीट कर शीशपाल जाखड़ के घर में ले जाया गया और करीब पौने घंटे तक सगे भाई-भतीजा एवं चचेरे भाई तथा चाचा ने मिलकर तब तक पीटा, जब तक उसकी मौत नहीं हुई। पुलिस ने दो महिलाओं सहित आठ लोगों के खिलाफ धारा 147 148, 149, 302, 323, 342, 120बी आईपीसी के तहत केस दर्ज किया था।
आरोपियों को ढूंढने में लगी थीं दो टीमें
थाना अध्यक्ष अनूप सिंह ने बताया कि कुलदीप की हत्या के तुरंत बाद पुलिस की अलग-अलग दो टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हुई थी। शुक्रवार दोपहर को उन्हें चार हत्या आरोपियों के अलग-अलग ठिकानों पर होने की भनक लगी। पुलिस टीम ने मृतक के सगे भाई सतबीर जाखड़ को गांव के पास एक गन्ने के खेत के बीच से काबू किया जबकि उसका बेटा मंगाली गांव से जैसे ही घर पहुंचा तो पुलिस ने उसे दबोच लिया। आकाश मिर्जापुर व उसके मामा उत्तम उर्फ सुरेश जाखड़ को उसके गांव से काबू किया। पूछताछ में उन्होंने कुलदीप की हत्या किए जाने के अपराध को कबूल कर लिया है। परंतु संदीप ने खुद को बेकसूर बताया। इस केस में मात्र एक आरोपी रविता की गिरफ्तारी बची है।
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रोटी और पानी की जगह सप्ताह भर गन्ना चूसकर समय बिताया
जमीन की रही रंजिश और बेटे संदीप पर कुछ महीनों पहले किए गए हमले से गुस्साए सतबीर जाखड़ ने अपने छोटे भाई का कत्ल कर देने की बात कबूल की है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके बेटे की बेरहमी से पिटाई करके जबड़ा तोड़ दिया था। इसलिए उसका बेटा कई महीनों तक अस्पताल में भर्ती रहा। जो अब भी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है। बेटे पर किए गए हमले से वह क्रोधित होकर बदला लेने की फिराक में था। चाचा शीशपाल की पुत्रवधू की भी कुलदीप ने घर में घुसकर बेरहमी से पिटाई की थी। इससे शीशपाल भी कुलदीप से बदला लेना चाहता था। आरोपी ने बताया कि उसके चाचा के परिवार और उसने मिलकर कुलदीप की 25 फरवरी को बेरहमी से पिटाई की। सतबीर ने बताया कि वारदात के बाद वह पुलिस डर के मारे गांव के पास एक गन्ने के खेत में जाकर छुप गया था। जहां पर वह लगातार भूखा-प्यासा बैठा रहा। उसने रोटी और पानी की जगह गन्ना चूसकर समय बिताया।
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गौरतलब है कि गांव चौबारा में लाल डोरे की एक मरला जमीन के विवाद को लेकर 25 फरवरी को दिन-दहाड़े कुलदीप जाखड़ की लाठी डंडों व गंडासी से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। उसको गली से घसीट कर शीशपाल जाखड़ के घर में ले जाया गया और करीब पौने घंटे तक सगे भाई-भतीजा एवं चचेरे भाई तथा चाचा ने मिलकर तब तक पीटा, जब तक उसकी मौत नहीं हुई। पुलिस ने दो महिलाओं सहित आठ लोगों के खिलाफ धारा 147 148, 149, 302, 323, 342, 120बी आईपीसी के तहत केस दर्ज किया था।
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आरोपियों को ढूंढने में लगी थीं दो टीमें
थाना अध्यक्ष अनूप सिंह ने बताया कि कुलदीप की हत्या के तुरंत बाद पुलिस की अलग-अलग दो टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हुई थी। शुक्रवार दोपहर को उन्हें चार हत्या आरोपियों के अलग-अलग ठिकानों पर होने की भनक लगी। पुलिस टीम ने मृतक के सगे भाई सतबीर जाखड़ को गांव के पास एक गन्ने के खेत के बीच से काबू किया जबकि उसका बेटा मंगाली गांव से जैसे ही घर पहुंचा तो पुलिस ने उसे दबोच लिया। आकाश मिर्जापुर व उसके मामा उत्तम उर्फ सुरेश जाखड़ को उसके गांव से काबू किया। पूछताछ में उन्होंने कुलदीप की हत्या किए जाने के अपराध को कबूल कर लिया है। परंतु संदीप ने खुद को बेकसूर बताया। इस केस में मात्र एक आरोपी रविता की गिरफ्तारी बची है।
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रोटी और पानी की जगह सप्ताह भर गन्ना चूसकर समय बिताया
जमीन की रही रंजिश और बेटे संदीप पर कुछ महीनों पहले किए गए हमले से गुस्साए सतबीर जाखड़ ने अपने छोटे भाई का कत्ल कर देने की बात कबूल की है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके बेटे की बेरहमी से पिटाई करके जबड़ा तोड़ दिया था। इसलिए उसका बेटा कई महीनों तक अस्पताल में भर्ती रहा। जो अब भी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है। बेटे पर किए गए हमले से वह क्रोधित होकर बदला लेने की फिराक में था। चाचा शीशपाल की पुत्रवधू की भी कुलदीप ने घर में घुसकर बेरहमी से पिटाई की थी। इससे शीशपाल भी कुलदीप से बदला लेना चाहता था। आरोपी ने बताया कि उसके चाचा के परिवार और उसने मिलकर कुलदीप की 25 फरवरी को बेरहमी से पिटाई की। सतबीर ने बताया कि वारदात के बाद वह पुलिस डर के मारे गांव के पास एक गन्ने के खेत में जाकर छुप गया था। जहां पर वह लगातार भूखा-प्यासा बैठा रहा। उसने रोटी और पानी की जगह गन्ना चूसकर समय बिताया।