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डेरे में मिला सांडे का तेल, गीदड़ व गोह के जननांग नुमा अंग
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ढाणी सांचला-भोजराज के डेरे में कमरे में जांच करती वन्य प्राणी विभाग की टीम।
- फोटो : Fatehabad
भूना (फतेहाबाद)। गांव ढाणी सांचला-भोजराज के डेरा में वन जीव विभाग की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रविवार को सील किए गए कमरे में सोमवार को भी सर्च अभियान चलाया। जिसमें हिरण व बाघ आदि की खाल होने की आशंका ग्रामीणों द्वारा व्यक्त की जा रही थी। मगर जांच में टीम को सांडे का तेल व गीदड़ एवं गोह के जननांग नुमा जैसी चीज मिली है। जिन्हें कब्जे में लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला देहरादून भेजा जाएगा।
वन जीव विभाग की टीम में निरीक्षक जयविंद्र नेहरा ने बताया कि सोमवार की दोपहर बाद रविवार को सील किए गए कमरे का दरवाजा खोल कर तलाशी ली गई। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार रणबीर सिंह धानिया की देखरेख में सर्च अभियान को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि कमरे में करीब एक घंटे तक तलाशी ली गई। सर्च अभियान के दौरान एक शीशी में 50 ग्राम के लगभग सांडे का तेल मिला है। साथ ही गीदड़ एवं गोह के जननांग नुमा जैसी चीज मिली है। जबकि इसके अतिरिक्त कोई भी वन्य जीव से संबंधित खाल व अन्य कोई भी अंग मौके पर नहीं पाए। नेहरा ने बताया कि उपरोक्त जननांग नुमा चीज तथा तेल की जांच को लेकर मंगलवार को देहरादून भेजा जाएगा।
बता दें कि गांव सांचला-भोजराज के डेरे में 19 अगस्त से महंत को लेकर विवाद चल रहा है। जिसमें महंत पर लड़की वशीकरण के आरोप लगाए गए थे। आरोप लगाने लोगों पर गांव की ही एक लड़की उसका नाम सार्वजनिक करने व पंचायत में बुलाए जाने से हुई बदनामी करने पर 23 अगस्त को शिकायत दी थी और 25 अगस्त को पुलिस ने पांच नामित व कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होनेक के बाद भूूना थाना में हुई पंचायत आरोपियों ने लड़की व उसके परिवार के लोगों से गलतफहमी होने पर खेद प्रकट किया था। परंतु अगले ही दिन महंत के विरोधी लोगों ने डेरे पर जमकर हंगामा किया और धर्मबीर सहित पांच लोगों की धुनाई कर दी थी। पुलिस ने घायल धर्मबीर के बयान पर डेरा में घुसकर जानलेवा हमला करने, छीना झपटी, मारपीट सहित कई आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। डेरा विवाद पिछले कई दिनों से सुर्खियों में चल रहा है। हालांकि गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए महंत ने कई दिन पहले डेरा छोड़कर चले गए थे। लेकिन 18 सितंबर को वन्यजीव विभाग की टीम ने वर्षों पुरानी तेंदुए की खोपड़ी व खाल बरामद की थी। मगर ग्रामीणों ने हिरण की खाल व अन्य जीवो के अंग कमरे के अंदर होने की आशंका व्यक्त की थी। उसी के चलते टीम ने कमरा सील किया था और सोमवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खोला गया।
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वन जीव विभाग की टीम में निरीक्षक जयविंद्र नेहरा ने बताया कि सोमवार की दोपहर बाद रविवार को सील किए गए कमरे का दरवाजा खोल कर तलाशी ली गई। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार रणबीर सिंह धानिया की देखरेख में सर्च अभियान को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि कमरे में करीब एक घंटे तक तलाशी ली गई। सर्च अभियान के दौरान एक शीशी में 50 ग्राम के लगभग सांडे का तेल मिला है। साथ ही गीदड़ एवं गोह के जननांग नुमा जैसी चीज मिली है। जबकि इसके अतिरिक्त कोई भी वन्य जीव से संबंधित खाल व अन्य कोई भी अंग मौके पर नहीं पाए। नेहरा ने बताया कि उपरोक्त जननांग नुमा चीज तथा तेल की जांच को लेकर मंगलवार को देहरादून भेजा जाएगा।
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बता दें कि गांव सांचला-भोजराज के डेरे में 19 अगस्त से महंत को लेकर विवाद चल रहा है। जिसमें महंत पर लड़की वशीकरण के आरोप लगाए गए थे। आरोप लगाने लोगों पर गांव की ही एक लड़की उसका नाम सार्वजनिक करने व पंचायत में बुलाए जाने से हुई बदनामी करने पर 23 अगस्त को शिकायत दी थी और 25 अगस्त को पुलिस ने पांच नामित व कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होनेक के बाद भूूना थाना में हुई पंचायत आरोपियों ने लड़की व उसके परिवार के लोगों से गलतफहमी होने पर खेद प्रकट किया था। परंतु अगले ही दिन महंत के विरोधी लोगों ने डेरे पर जमकर हंगामा किया और धर्मबीर सहित पांच लोगों की धुनाई कर दी थी। पुलिस ने घायल धर्मबीर के बयान पर डेरा में घुसकर जानलेवा हमला करने, छीना झपटी, मारपीट सहित कई आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। डेरा विवाद पिछले कई दिनों से सुर्खियों में चल रहा है। हालांकि गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए महंत ने कई दिन पहले डेरा छोड़कर चले गए थे। लेकिन 18 सितंबर को वन्यजीव विभाग की टीम ने वर्षों पुरानी तेंदुए की खोपड़ी व खाल बरामद की थी। मगर ग्रामीणों ने हिरण की खाल व अन्य जीवो के अंग कमरे के अंदर होने की आशंका व्यक्त की थी। उसी के चलते टीम ने कमरा सील किया था और सोमवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खोला गया।
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