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Fatehabad News: 10 किमी का चक्कर...बसों में डीजल भरवाने में ही निकल रहा रोडवेज का तेल
Mon, 24 Mar 2025 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 24 Mar 2025 11:16 PM IST
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फतेहाबाद के पुराना बस स्टैंड में पंप से बस में तेल डालते कर्मचारी।
फतेहाबाद। रोडवेज डिपो में करीब 100 बसें है। इन बसों में तेल डलवाने जाने के लिए हर माह करीब 5 लाख रुपये की चपत रोडवेज को लग रही है। यानी एक साल में करीब 60 लाख रुपये का तेल ये रोडवेज बसें सिर्फ तेल डलवाने के लिए पी रही हैं।
बता दें कि रोडवेज बसों के नए से पुराने बस अड्डे के पंप से तेल भरवाने के लिए रोजाना 10 किलोमीटर से ज्यादा चलाना पड़ रहा है। हर बस के 10 किलोमीटर ज्यादा चलने से रोजाना एक बस में करीब दो से ढाई लीटर तेल लग रहा है। बस अड्डा बनने के तीन साल बाद भी अभी तक वर्कशॉप का शिफ्ट न होना है। हालांकि रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि कोई आर्थिक नुकसान नहीं है। बसें पुराना बस स्टैंड से जाती है तो इस दौरान तेल भी वहीं से डलवा लिया जाता है।
बता दें कि रोजाना बसों को धुलाई, बस में तेल डलवाने व सर्विस सहित अन्य कार्यों के लिए पुराने बस अड्डे पर लाया जाता है। जिससे रोडवेज डिपो की बसों को इन सब कामों के लिए कई हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सितंबर 2022 में शहर का बस अड्डा हिसार रोड पर गांव धांगड़ के पास शिफ्ट कर दिया था। 20 करोड़ से अधिक की राशि से बने बस अड्डे पर अभी तक वर्कशॉप सहित अन्य सुविधा नहीं है। बसें पुराने बस अड्डे पर सर्विस सहित तेल डलवाने के लिए आती हैं। संवाद
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ऐसे समझिए आंकड़ों का गणित
- नए से पुराना बस अड्डे के बीच लगभग साढ़े चार किलोमीटर की दूरी है। रोडवेज बसें साढ़े चार किलोमीटर के सफर में एक-डेढ़ लीटर डीजल खर्च करती हैं। इसलिए नए से पुराने अड्डे तक आने-जाने में रोडवेज बस दो लीटर डीजल खर्च कर देती है। वहीं, रोडवेज डिपो की वर्कशॉप पर लगभग सभी बसें प्रतिदिन रूटीन चेकिंग व तेल डलवाने के लिए आती हैं। इससे रोजाना डिपो को करीब 18 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। अब करीब अढाई साल में बसों के रोजाना चक्कर लगाने सहित अन्मोंन्य के लिए एक करोड़ 50 लाख रुपये डीजल पर खर्च हो गए हैं।
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वर्कशॉप शिफ्ट नहीं होने से कारण आ रही दिक्कतें
- फतेहाबाद के हिसार रोड पर बना हरियाणा का एक मात्र चार मंजिला बस स्टैंड को सितंबर 2022 में शुरू कर दिया गया था। उस समय वर्कशॉप को भी शिफ्ट करने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक वर्कशॉप बनाने के लिए जगह नहीं मिली है। इस बारे में रोडवेज अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को भी पत्र लिखा हुआ है।
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वर्कशॉप शिफ्ट नहीं होने के कारण बस नए बस स्टैंड से रूट पर जाती है, लेकिन उसे बस में तेल डलवाने व बस की सर्विस के लिए पुराना बस स्टैंड आना पड़ता है। जिससे रोडवेज को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
- शिव कुमार, प्रधान, रोडवेज यूनियन फतेहाबाद
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नए बस स्टैंड के साथ वर्कशॉप के लिए जगह अभी अलॉट नहीं हुई है। जहां तक तेल डलवाने के लिए खर्च की बात है ऐसा कुछ नहीं है। अभी पुराना बस स्टैंड से ही बसें जा रही है तो इस दौरान वहां से तेल भी डलवा लिया जाता है। ये जरूर है कि पुराना बस स्टैंड जब बंद होगा तब दिक्कत होगी।
- अजय दलाल, रोडवेज महाप्रबंधक, फतेहाबाद।
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बता दें कि रोडवेज बसों के नए से पुराने बस अड्डे के पंप से तेल भरवाने के लिए रोजाना 10 किलोमीटर से ज्यादा चलाना पड़ रहा है। हर बस के 10 किलोमीटर ज्यादा चलने से रोजाना एक बस में करीब दो से ढाई लीटर तेल लग रहा है। बस अड्डा बनने के तीन साल बाद भी अभी तक वर्कशॉप का शिफ्ट न होना है। हालांकि रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि कोई आर्थिक नुकसान नहीं है। बसें पुराना बस स्टैंड से जाती है तो इस दौरान तेल भी वहीं से डलवा लिया जाता है।
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बता दें कि रोजाना बसों को धुलाई, बस में तेल डलवाने व सर्विस सहित अन्य कार्यों के लिए पुराने बस अड्डे पर लाया जाता है। जिससे रोडवेज डिपो की बसों को इन सब कामों के लिए कई हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सितंबर 2022 में शहर का बस अड्डा हिसार रोड पर गांव धांगड़ के पास शिफ्ट कर दिया था। 20 करोड़ से अधिक की राशि से बने बस अड्डे पर अभी तक वर्कशॉप सहित अन्य सुविधा नहीं है। बसें पुराने बस अड्डे पर सर्विस सहित तेल डलवाने के लिए आती हैं। संवाद
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ऐसे समझिए आंकड़ों का गणित
- नए से पुराना बस अड्डे के बीच लगभग साढ़े चार किलोमीटर की दूरी है। रोडवेज बसें साढ़े चार किलोमीटर के सफर में एक-डेढ़ लीटर डीजल खर्च करती हैं। इसलिए नए से पुराने अड्डे तक आने-जाने में रोडवेज बस दो लीटर डीजल खर्च कर देती है। वहीं, रोडवेज डिपो की वर्कशॉप पर लगभग सभी बसें प्रतिदिन रूटीन चेकिंग व तेल डलवाने के लिए आती हैं। इससे रोजाना डिपो को करीब 18 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। अब करीब अढाई साल में बसों के रोजाना चक्कर लगाने सहित अन्मोंन्य के लिए एक करोड़ 50 लाख रुपये डीजल पर खर्च हो गए हैं।
वर्कशॉप शिफ्ट नहीं होने से कारण आ रही दिक्कतें
- फतेहाबाद के हिसार रोड पर बना हरियाणा का एक मात्र चार मंजिला बस स्टैंड को सितंबर 2022 में शुरू कर दिया गया था। उस समय वर्कशॉप को भी शिफ्ट करने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक वर्कशॉप बनाने के लिए जगह नहीं मिली है। इस बारे में रोडवेज अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को भी पत्र लिखा हुआ है।
वर्कशॉप शिफ्ट नहीं होने के कारण बस नए बस स्टैंड से रूट पर जाती है, लेकिन उसे बस में तेल डलवाने व बस की सर्विस के लिए पुराना बस स्टैंड आना पड़ता है। जिससे रोडवेज को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
- शिव कुमार, प्रधान, रोडवेज यूनियन फतेहाबाद
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नए बस स्टैंड के साथ वर्कशॉप के लिए जगह अभी अलॉट नहीं हुई है। जहां तक तेल डलवाने के लिए खर्च की बात है ऐसा कुछ नहीं है। अभी पुराना बस स्टैंड से ही बसें जा रही है तो इस दौरान वहां से तेल भी डलवा लिया जाता है। ये जरूर है कि पुराना बस स्टैंड जब बंद होगा तब दिक्कत होगी।
- अजय दलाल, रोडवेज महाप्रबंधक, फतेहाबाद।