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Fatehabad News: नागरिक अस्पताल में मरम्मत कार्य से मरीज और तीमारदार परेशान
Tue, 28 Oct 2025 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 28 Oct 2025 11:31 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में ओपीडी के लिए लगी भीड़। संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में चल रहे मरम्मत और सुंदरीकरण के कार्य ने मरीजों और तीमारदारों की परेशानी बढ़ी हुई है।
अस्पताल में व्यवस्था बिगड़ने से भीड़ लग रही है, जिसका सीधा असर मरीजों की देखभाल पर पड़ रहा है। ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले लोगों को बैठने की जगह नहीं मिल रही है।
वहीं पिछले दो माह से ब्लड बैंक में चल रही आपातकालीन विभाग अभी तक शिफ्ट नहीं किया गया है। मरम्मत कार्य के चलते कई विभागों को अस्थायी रूप से एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार, कई बार दो-दो विशेषज्ञों की ओपीडी को एक ही छोटे से कमरे में चलाना पड़ रहा है, जिससे मरीजों को असुविधा हो रही है और लंबी लाइनें लग रही हैं। जगह की कमी और अव्यवस्था के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
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सांस रोगियों की संख्या में वृद्धि
अस्पताल की अव्यवस्था के साथ-साथ शहर का बढ़ता वायु गुणवत्ता सूचकांक सांस के मरीजों के लिए नई मुसीबत बनकर उभरा है। धुंध, पराली जलाने और निर्माण कार्यों से हो रहे प्रदूषण के कारण हवा में जहर घुल गया है। इसी कारण, अस्पताल की सांस रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे मंगलवार को इसकी 200 से अधिक ओपीडी हुई। लोग खांसी, जुकाम, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
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घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें, खासकर भीड़ वाली जगहों पर, पराली जलाने, कूड़ा जलाने या अत्यधिक प्रदूषण वाली जगहों के पास जाने से बचें। शरीर को हाइड्रेटेड रखें। सुबह और शाम के समय जब प्रदूषण का स्तर अधिक होता है, तब बाहर निकलने से बचें, सांस या अस्थमा के मरीज अपनी दवाएं और इनहेलर नियमित रूप से इस्तेमाल करें और चिकित्सक के संपर्क में रहें।
-डॉ. मनीष टुटेजा, छाती रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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अस्पताल में व्यवस्था बिगड़ने से भीड़ लग रही है, जिसका सीधा असर मरीजों की देखभाल पर पड़ रहा है। ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले लोगों को बैठने की जगह नहीं मिल रही है।
वहीं पिछले दो माह से ब्लड बैंक में चल रही आपातकालीन विभाग अभी तक शिफ्ट नहीं किया गया है। मरम्मत कार्य के चलते कई विभागों को अस्थायी रूप से एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार, कई बार दो-दो विशेषज्ञों की ओपीडी को एक ही छोटे से कमरे में चलाना पड़ रहा है, जिससे मरीजों को असुविधा हो रही है और लंबी लाइनें लग रही हैं। जगह की कमी और अव्यवस्था के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
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सांस रोगियों की संख्या में वृद्धि
अस्पताल की अव्यवस्था के साथ-साथ शहर का बढ़ता वायु गुणवत्ता सूचकांक सांस के मरीजों के लिए नई मुसीबत बनकर उभरा है। धुंध, पराली जलाने और निर्माण कार्यों से हो रहे प्रदूषण के कारण हवा में जहर घुल गया है। इसी कारण, अस्पताल की सांस रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे मंगलवार को इसकी 200 से अधिक ओपीडी हुई। लोग खांसी, जुकाम, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
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घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें, खासकर भीड़ वाली जगहों पर, पराली जलाने, कूड़ा जलाने या अत्यधिक प्रदूषण वाली जगहों के पास जाने से बचें। शरीर को हाइड्रेटेड रखें। सुबह और शाम के समय जब प्रदूषण का स्तर अधिक होता है, तब बाहर निकलने से बचें, सांस या अस्थमा के मरीज अपनी दवाएं और इनहेलर नियमित रूप से इस्तेमाल करें और चिकित्सक के संपर्क में रहें।
-डॉ. मनीष टुटेजा, छाती रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।