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कच्ची छत, टूटा मकान और पेंशन ही था वृद्धा का सहारा, मृत दिखाकर कर दी बंद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 11:15 PM IST
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Raw roof, broken house and pension was the only support of old age, closed by showing dead
वृद्धा भतेरी देवी का खस्ताहाल मकान। - फोटो : Fatehabad
कच्ची छत, टूटा मकान और पेंशन ही था वृद्धा का सहारा
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समाज कल्याण विभाग की कारगुजारी, वृद्ध महिला को मृत दिखाकर बंद कर दी पेंशन
फतेहाबाद की पुरानी तहसील चौक में रहने वाली वृद्धा खा रही है पेंशन के लिए दर-दर की ठोकरें
फोटो 33, 34, व 35
अशोक दधीच
फतेहाबाद। समाज कल्याण विभाग का कारनामा देखिए कि जिंदा वृद्धा को मृत दिखाकर उसकी पेंशन को बंद कर दिया गया। करीब 11 माह से यह वृद्धा खुद को जिंदा दिखाकर दोबारा पेंशन बंधवाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। कच्चा मकान, टपकती छत, चौकीदार पति का देहांत हो जाने के बाद इस वृद्धा के लिए पेंशन ही एकमात्र सहारा था, जिसे विभागीय लापरवाही के चलते बंद कर दिया गया।
हद तो तब हो गई, जब विभाग के अधिकारियों ने उसे कहा कि उसे जो वृद्धावस्था पेंशन मिली है, वह विभाग को रिफंड कर दे, ताकि उसकी विधवा पेंशन बनाई जा सके। वृद्धा का कहना है कि इतने रुपये वह कहां से लाए। यह कहानी है फतेहाबाद की पुरानी तहसील चौक निवासी 65 साल की बुजुर्ग महिला भतेरी देवी की। उसके पति भागीरथ पहले इसी मोहल्ले में चौकीदारी का काम करते थे। इसकी एवज में उनको जहां आजीविका के लिए कुछ रुपये मिल जाते थे तो वह घरों से आटा व खाद्य सामग्री एकत्रित करके घर चलाता था। पति का भतेरी देवी को सहारा था और वह भी घरों में काम करने अपने बच्चों को पाल रही थी। संवाद
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पति के देहांत के बाद टूटा दुखों का पहाड़
14 जून 2013 को भतेरी देवी के पति भागीरथ का देहांत हो गया। इसके बाद तो जैसे भतेरी देवी पर दुखों का पहाड़ आ गिरा। जवान बेटी व तीन बेटों की परवरिश का जिम्मा उसके सिर पर आ गया। किसी तरह से उसने अपने बच्चों का पालन पोषण किया। हालांकि अब बच्चे मजदूरी तो कर रहे हैं, लेकिन आजीविका चलाना अभी भी आसान नहीं है। लॉकडाउन के चलते उसके बच्चे भी घर बैठ गए थे। एक बेटी है, जिसका विवाह तो कर दिया, लेकिन अब अनबन के चलते बेटी भी अपनी मां के पास रह रही है।
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2020 में बनी थी पेंशन
भतेरी देवी की हालत को देखते हुए कुछ समाजसेवी लोगों ने 17 नवंबर 2020 को उसकी पेंशन बंधवा दी, जिसके बाद भतेरी देवी की आर्थिक हालत कुछ सुधरी, लेकिन 19 जुलाई 2021 के बाद से उसकी पेंशन को विभाग की ओर से बंद कर दिया गया। इसके बाद से भतेरी देवी को पेंशन नहीं दी जा रही है।

पेंशन नहीं आई तो पता चला कि रिकॉर्ड में दिखाया है मृत
भतेरी देवी की पेंशन नहीं आई तो वह समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में पहुंची। यहां पर जब उसका रिकॉर्ड जांचा गया तो भतेरी देवी के पैरों तले जमीन खिसक गई। रिकॉर्ड में उसको मृत दिखाया हुआ था। इस संबंध में भतेरी देवी का कहना है कि वह दो बार फिर सेे पेंशन के लिए आवेदन कर चुकी हैं, लेकिन अभी तक उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। कई बार विभाग के चक्कर भी काटे, अब उसे कहा जा रहा है कि वृद्धावस्था पेंशन के जो रुपये अभी तक उसे मिले हैं, वह जमा करवा दे, उसकी विधवा पेंशन बना दी जाएगी। मेरे पास आजीविका चलान के रुपये नहीं, तो वह इतने रुपये कहां से विभाग को जमा करवाए।
कोट
मैं अभी मीटिंग में हूं, बात नहीं कर सकती। अगर ऐसा कोई मसला है तो ऑफिस में जाकर इसको चेक किया जाएगा।
- इंदिरा यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी, फतेहाबाद।

वृद्धा भतेरी देवी।

वृद्धा भतेरी देवी।- फोटो : Fatehabad

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