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Fatehabad News: ट्रीमैन के नाम से मशहूर हैं गांव चिंदड़ निवासी राम सिंह ऐचरा
Thu, 05 Jun 2025 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 05 Jun 2025 12:04 AM IST
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नए बस स्टैंड के पास लगाए गए पौधे की देखभाल करते राम सिंह। स्वयं
- फोटो : कस्बा में निर्माणाधीन नाला।
फतेहाबाद। हरियाणा रोडवेज में सेवारत चीफ इंस्पेक्टर राम सिंह ऐचरा को लोग ट्री मैन के नाम से जानते हैं। बिश्नोई समाज के ऐचरा पर्यावरण संरक्षण व जीव संरक्षण को लेकर बेहद संजीदा हैं। वे पौधे लगाने को इतना जुनूनी हैं कि जहां भी कोई नया सरकारी भवन बनता देखते हैं, वहां पौधे लगाने पहुंच जाते हैं। वे हरियाणा और राजस्थान में अब तक 9600 पौधे लगा चुके हैं।
गांव चिंदड़ निवासी चीफ इंस्पेक्टर राम सिंह ऐचरा जिले के अलावा अन्य जिलों व राज्य में भी जाकर पौधे लगा चुके हैं। पौधे लगने के साथ ही वे जीव सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अपने घर में 250 गौरैया चिड़ियों के लिए आशियाना बना चुके हैं। उन्होंने साल 1985 में पौधे लगाने की शुरुआत की थी जिसका सिलसिला अब तक जारी है। राम सिंह ने बताया कि जब उनकी नौकरी लगी थी, उस दौरान बस स्टैंड परिसरों में हरियाली के नाम पर नाममात्र के पेड़ लगे हुए थे। तब उन्होंने ठानी की जहां भी रहेंगे, नौकरी करेंगे, वहां पौधरोपण में कमी नहीं छोड़ेंगे। इसके बाद जब भी मौका मिला, हर सरकारी भवन में पौधे लगाए।
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राजस्थान, दिल्ली, यूपी और एमपी में लगा चुके सैकड़ों पेड़, अब मुकाम में करेंगे पौधारोपण
राम सिंह ऐचरा का दावा है कि हरियाणा-राजस्थान में अब तक वह साढ़े 9 हजार से ज्यादा पौधे लगा चुके हैं। राम सिंह ने बताया कि उन्हें पौधे लगाने का इतना शौक हैं कि जहां भी जाते हैं, वहां एक-दो पौधे जरूर लगाते हैं। इसके चलते फतेहाबाद के सैकड़ों किलोमीटर दूर बाड़मेर, दिल्ली, यूपी के मुरादाबाद, एमपी के गांधव व राजस्थान के दूसरे इलाकों में सैकड़ों पौधे लगाए हैं, जोकि आज फल फूल रहे हैं। रामसिंह ने बताया कि 5 जून पर्यावरण दिवस पर मुक्तिधाम मुकाम में जाकर पौधरोपण करेंगे।
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माता-पिता की पुण्यतिथि व बच्चों के जन्मदिन पर भी लगवाते हैं पाैधे
ऐचरा बताते है कि वे हर साल अपने माता-पिता की पुण्यतिथि पर गांव व खेत में उनकी याद में त्रिवेणी के पौधे लगाते हैं। वहीं साथ ही वे अपने बच्चों व पोते-पोती के जन्मदिन पर भी अलग-अलग प्रकार के पौधे स्कूल व खाली जगह पर लगाते हैं।
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नई बिल्डिंग बनने का पता चलते ही पौधे लगाने पहुंच जाते हैं राम सिंह
राम सिंह को जब भी पता चला है कि आसपास कोई सरकारी या सार्वजनिक भवन बन रहा है तो वहां पौधे लेकर पहुंच जाते हैं। लोगों के साथ मिलकर वहां पौधे लगा देते हैं। इस तरह से उन्होंने धांगड़ पॉलिटैक्नीक, चिंदड़, बड़ोपल समेत कई गौशालाओं में पौधे लगाए हैं। आसपास के गांवों में पशु अस्पताल, वाटर वर्कस, बस स्टैंड पर भी पौधे लगाए हैं। अब उन्होंने नए बस स्टैंड में पौधे लगाने का बीड़ा उठाया है। अब तक वे नए बस स्टैंड के आसपास कुल 500 पौधे लगा चुके हैं।
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अपनी ढाणी में ही बना रखा है 250 देसी चिड़ियाओं का आशियाना
राम सिंह ऐचरा पौधे लगाने के अलावा अपनी ढाणी में ही 250 गौरैया चिड़ियों के लिए आशियाना बनाया हुआ है। एक कच्चा कमरा बनाकर वहां पर घोसले व अन्य प्रबंध किए हुए हैं। राम सिंह बताते हैं कि सुबह 4 से 7 बजे व शाम को ड्यूटी से जाने के बाद पौधों व चिड़ियों की सेवा के लिए निकालते हैं। जिससे उन्हें काफी आनंद मिलता है।
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गांव चिंदड़ निवासी चीफ इंस्पेक्टर राम सिंह ऐचरा जिले के अलावा अन्य जिलों व राज्य में भी जाकर पौधे लगा चुके हैं। पौधे लगने के साथ ही वे जीव सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अपने घर में 250 गौरैया चिड़ियों के लिए आशियाना बना चुके हैं। उन्होंने साल 1985 में पौधे लगाने की शुरुआत की थी जिसका सिलसिला अब तक जारी है। राम सिंह ने बताया कि जब उनकी नौकरी लगी थी, उस दौरान बस स्टैंड परिसरों में हरियाली के नाम पर नाममात्र के पेड़ लगे हुए थे। तब उन्होंने ठानी की जहां भी रहेंगे, नौकरी करेंगे, वहां पौधरोपण में कमी नहीं छोड़ेंगे। इसके बाद जब भी मौका मिला, हर सरकारी भवन में पौधे लगाए।
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राजस्थान, दिल्ली, यूपी और एमपी में लगा चुके सैकड़ों पेड़, अब मुकाम में करेंगे पौधारोपण
राम सिंह ऐचरा का दावा है कि हरियाणा-राजस्थान में अब तक वह साढ़े 9 हजार से ज्यादा पौधे लगा चुके हैं। राम सिंह ने बताया कि उन्हें पौधे लगाने का इतना शौक हैं कि जहां भी जाते हैं, वहां एक-दो पौधे जरूर लगाते हैं। इसके चलते फतेहाबाद के सैकड़ों किलोमीटर दूर बाड़मेर, दिल्ली, यूपी के मुरादाबाद, एमपी के गांधव व राजस्थान के दूसरे इलाकों में सैकड़ों पौधे लगाए हैं, जोकि आज फल फूल रहे हैं। रामसिंह ने बताया कि 5 जून पर्यावरण दिवस पर मुक्तिधाम मुकाम में जाकर पौधरोपण करेंगे।
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माता-पिता की पुण्यतिथि व बच्चों के जन्मदिन पर भी लगवाते हैं पाैधे
ऐचरा बताते है कि वे हर साल अपने माता-पिता की पुण्यतिथि पर गांव व खेत में उनकी याद में त्रिवेणी के पौधे लगाते हैं। वहीं साथ ही वे अपने बच्चों व पोते-पोती के जन्मदिन पर भी अलग-अलग प्रकार के पौधे स्कूल व खाली जगह पर लगाते हैं।
नई बिल्डिंग बनने का पता चलते ही पौधे लगाने पहुंच जाते हैं राम सिंह
राम सिंह को जब भी पता चला है कि आसपास कोई सरकारी या सार्वजनिक भवन बन रहा है तो वहां पौधे लेकर पहुंच जाते हैं। लोगों के साथ मिलकर वहां पौधे लगा देते हैं। इस तरह से उन्होंने धांगड़ पॉलिटैक्नीक, चिंदड़, बड़ोपल समेत कई गौशालाओं में पौधे लगाए हैं। आसपास के गांवों में पशु अस्पताल, वाटर वर्कस, बस स्टैंड पर भी पौधे लगाए हैं। अब उन्होंने नए बस स्टैंड में पौधे लगाने का बीड़ा उठाया है। अब तक वे नए बस स्टैंड के आसपास कुल 500 पौधे लगा चुके हैं।
अपनी ढाणी में ही बना रखा है 250 देसी चिड़ियाओं का आशियाना
राम सिंह ऐचरा पौधे लगाने के अलावा अपनी ढाणी में ही 250 गौरैया चिड़ियों के लिए आशियाना बनाया हुआ है। एक कच्चा कमरा बनाकर वहां पर घोसले व अन्य प्रबंध किए हुए हैं। राम सिंह बताते हैं कि सुबह 4 से 7 बजे व शाम को ड्यूटी से जाने के बाद पौधों व चिड़ियों की सेवा के लिए निकालते हैं। जिससे उन्हें काफी आनंद मिलता है।