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Fatehabad News: प्लाईवुड फैक्टरी में छापा, भारी मात्रा में नीम कोटिड यूरिया बरामद
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फतेहाबाद। एग्रीकल्चर ग्रेड नीम कोटिड यूरिया का औद्योगिक तौर पर प्रयोग किए जाने की शिकायत पर केंद्रीय उर्वरक विभाग की टीम ने जिले के टोहाना क्षेत्र में एक प्लाईवुड फैक्टरी में छापा मारा। जांच के दौरान टीम ने भारी मात्रा में नीम कोटिड यूरिया के खाली व भरे हुए बैग बरामद किए है। टीम ने मौके से यूरिया बैग के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए लैब भेज दिया है। इस मामले में पुलिस ने फैक्टरी मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में उपमंडल कृषि अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा है कि उनके पास टोहाना उपमंडल में फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर की शक्तियां है। केंद्रीय उर्वरक विभाग नई दिल्ली तथा कृषि विभाग की टीम ने गांव चंदड़ कलां में भूना रोड स्थित अर्चित नूवूड इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फैक्टरी में प्लाईवुड बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ग्लू के निर्माण के लिए कृषि उपयोग में प्रयोग किए जाने वाले नीम कोटिड यूरिया का इस्तेमाल किया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान यूरिया खाद के 3500 खाली बैग भी टीम ने मौके से बरामद किए। इन बैगों पर प्रधानमंत्री जन उर्वरक परियोजना अंकित था। इनमें नेशनल फर्टिलाइजर लि. पानीपत के 1700 बैग, श्रीराम फर्टिलाइजर केमिकल लि. कोटा के 800 बैग, चंबल फर्टिलाइजर कंपनी लि., कोटा राजस्थान के 1000 बैग शामिल थे। निरीक्षण के दौरान उपरोक्त खाली बैग के अलावा 170 बैग नीम कोटिड यूरिया के भी बरामद हुए, जिनमें चंबल फर्टिलाइजर के 115 बैग, नेशनल फर्टिलाइजर के 55 बैग शामिल है।
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अधिकारी ने कहा कि एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया के 45 किलो प्रति बैग पर केंद्र सरकार द्वारा लगभग 1900 रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। यह यूरिया केवल किसानों द्वारा उपयोग हेतु प्रधानमंत्री जन उर्वरक परियोजना के तहत उपलब्ध करवाया जाता है। अन्य किसी औद्योगिक उपयोग में एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया का प्रयोग प्रतिबंधित है। ऐसे में फैक्टरी मालिक द्वारा कृषि उपयोग में प्रयोग होने वाली यूरिया का गलत इस्तेमाल कर केंद्र सरकार को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके अलावा फैक्टरी मालिक द्वारा फैक्ट्री परिसर में एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया का अवैध भंडारण किया गया है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छापे के दौरान चेतराम मीणा अंडर सेक्रेट्री, उर्वरक विभाग शास्त्री भवन, नई दिल्ली व हरभगवान, गुण नियंत्रण निरीक्षक फतेहाबाद शामिल थे।
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पुलिस को दी शिकायत में उपमंडल कृषि अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा है कि उनके पास टोहाना उपमंडल में फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर की शक्तियां है। केंद्रीय उर्वरक विभाग नई दिल्ली तथा कृषि विभाग की टीम ने गांव चंदड़ कलां में भूना रोड स्थित अर्चित नूवूड इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फैक्टरी में प्लाईवुड बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ग्लू के निर्माण के लिए कृषि उपयोग में प्रयोग किए जाने वाले नीम कोटिड यूरिया का इस्तेमाल किया जा रहा था।
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निरीक्षण के दौरान यूरिया खाद के 3500 खाली बैग भी टीम ने मौके से बरामद किए। इन बैगों पर प्रधानमंत्री जन उर्वरक परियोजना अंकित था। इनमें नेशनल फर्टिलाइजर लि. पानीपत के 1700 बैग, श्रीराम फर्टिलाइजर केमिकल लि. कोटा के 800 बैग, चंबल फर्टिलाइजर कंपनी लि., कोटा राजस्थान के 1000 बैग शामिल थे। निरीक्षण के दौरान उपरोक्त खाली बैग के अलावा 170 बैग नीम कोटिड यूरिया के भी बरामद हुए, जिनमें चंबल फर्टिलाइजर के 115 बैग, नेशनल फर्टिलाइजर के 55 बैग शामिल है।
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अधिकारी ने कहा कि एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया के 45 किलो प्रति बैग पर केंद्र सरकार द्वारा लगभग 1900 रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। यह यूरिया केवल किसानों द्वारा उपयोग हेतु प्रधानमंत्री जन उर्वरक परियोजना के तहत उपलब्ध करवाया जाता है। अन्य किसी औद्योगिक उपयोग में एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया का प्रयोग प्रतिबंधित है। ऐसे में फैक्टरी मालिक द्वारा कृषि उपयोग में प्रयोग होने वाली यूरिया का गलत इस्तेमाल कर केंद्र सरकार को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके अलावा फैक्टरी मालिक द्वारा फैक्ट्री परिसर में एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया का अवैध भंडारण किया गया है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छापे के दौरान चेतराम मीणा अंडर सेक्रेट्री, उर्वरक विभाग शास्त्री भवन, नई दिल्ली व हरभगवान, गुण नियंत्रण निरीक्षक फतेहाबाद शामिल थे।