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दाल 200 रुपये पार, कहां गई अच्छे दिन लाने वाली सरकार

Mon, 26 Oct 2015 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद Updated Mon, 26 Oct 2015 11:34 PM IST
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हुड्डा ने धान के कम दाम मिलने की शिकायत पर मनोहर लाल सरकार को कोसा। इससे पहले पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा के निवास स्थान पर हुड्डा ने खट्टर सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि यह सरकार बेदर्द, नकलची व फीताकाट सरकार है।

हुड्डा ने खट्टर सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह एक उपलब्धि गिना दे जो अपनी सरकार में शुरू की हो। वह महज पहले के सरकार द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं के ही फीते काट रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के पेपर को साफ बताते हुए कहा कि इनको केवल सफाई के पांच अंक मिलेंगे लेकिन उनकी सरकार की योजनाओं की नकल करने पर नकल का केस भी बनेगा।

राज्य सरकार ने घटा दी मुआवजा राशि
उन्होंने बेटी बचाओ बेटी अभियान पर कहा कि यह अभियान उनकी सरकार द्वारा चलाई गई लाडली योजना की ही नकल है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के सवाल पर कहा कि लोग तो गाय को माता का दर्जा देते हैं और ये लोग गाय को पशु बनाने पर तुले हुए हैं।

इस सरकार में पिछली सरकार की अपेक्षा मुआवजा राशि घटी है। उन्होंने कहा कि पहले केंद्र सरकार द्वारा 36 फीसदी मुआवजे में मदद दी जाती थी और राज्य सरकार की तरफ से 64 फीसदी मुआवजा दिया जाता था लेकिन आज केंद्र सरकार ने 36 फीसदी मुआवजे में सहयोग राशि बढ़ाकर 54 फीसदी कर दी जबकि प्रदेश सरकार द्वारा जो मुआवजा 64 फीसदी दिया जाता था उसे घटाकर 46 फीसदी कर दिया।

दाल 200 रुपये किलो, अच्छे नहीं, पुराने दिन वापस चाहिए...
पूर्व सीएम ने कहा कि आज दाल 200 रुपये किलो बिक रही है। कहां गई अच्छे दिन लाने वाली सरकार। जनता को अच्छे दिन नहीं पुराने दिन वापस चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पेट्रोल पर वैट में भी बढ़ोतरी कर दी है।

 फतेहाबाद अनाजमंडी में पहुंचने पर मंडल फतेहाबाद, मजदूर एवं लेबर यूनियन ने पूर्व मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। उपस्थित जनसभा को संबोधित करते हुए हुड्डा ने कहा कि उनके शासनकाल के दौरान एकमुश्त मजदूरी सबसे ज्यादा बढ़ाई गई। उन्हाेंने अनाजमंडी की दुर्दशा पर खेद व्यक्त किया व किसानों को हौसला दिया।

प्रदेश ही नहीं देश के किसानों की आवाज हैं हुड्डा- गिल्लाखेड़ा
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुडडा हरियाणा ही नहीं पूरे देश के किसानों की आवाज हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल के समय किसानों को मजबूत करने के लिए फसली ब्याज को घटाकर 4 फीसदी किया गया है।

इस अवसर पर पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह, पूर्व सीएम राजनीतिक सलाहकार प्रो. विरेंद्र सिंह, रतिया के विधायक जरनैल सिंह, आनंदवीर गिल्लाखेड़ा, कांग्रेस के पूर्व जिला प्रधान रणधीर सिंह, अजीत माचरा, रवि गिल्लाखेड़ा, डा. मुख्तयार सिंह सदर, नरेश सरदाना, प्रदेश प्रवक्ता ऊषा दहिया, इंद्र सिंह सरपंच, सुनील सिवंर, अजब सिंह सिवंर, व्यापार मंडल के प्रधान प्रेमचंद बंसल, विरेंद्र नारंग, औम प्रकाश बागड़ी,  सहित अनेक कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

सुनाया चुटकुला
सरकार की उपलब्धियों पर जब उनसे पूछ गया तो उन्होंने एक चुटकुला सुनाते हुए बताया कि गांव के एक घर में 8 कुंवारे लड़के रहते थे।

कोई व्यक्ति इनके पड़ोस में खानदान की पड़ताल करने पहुंचा तो पड़ोसी ने बताया कि यहां सारे मलंग हैं और एक बाबू। आज तक समझ नहीं आई की बाबू कौन है।



मजदूरों की व्यथा सुन भावुक हुए हुड्डा
भूपेन्द्र सिंह हुड्डा सिरसा रोड से खैराती खेड़ा रोड पहुंचे। जहां सब्जी रेहड़ी चालकों ने उन्हें अपनी व्यथा सुनाई। मजदूरों ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने रेहड़ियों के लिए जगह दी थी और उनका भरण-पोषण चल रहा था।

 भाजपा सरकार ने कुछ धनाढ़ लोगों के कहने पर वहां से खदेड़ दिया। उनकी व्यथा सुनकर हुड्डा भावुक हो गए।

सीलेबस यानि घोषणापत्र से ही तैयार कर रहे सवाल, 29 को पूछेंगे
हुड्डा ने बताया कि वह 29 अक्तूबर को चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस करके सरकार का एक वर्ष पर प्रश्न पत्र तैयार करेंगे। जिस पर सवाल पूछेंगे।

 इन प्रश्नों में से कोई भी प्रश्न आउट आफ सीलेबस यानि की घोषणा पत्र के बाहर का नहीं होगा। उन्होंने बताया कि सरकार के क्रिया कलापों को देखते हुए इसे बेदर्द सरकार का नाम दिया है।

दामों का दुखड़ा रोये व्यापारी
हुड्डा ने जैसे ही अनाजमंडी के गेट से मंडी में प्रवेश किया तो वहां पहले से मौजूद किसानों ने जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। उसके बाद वह अनाजमंडी में डोर टू डोर घूमे और व्यापारियों का हालचाल जाना।

लगभग सभी व्यापारियों ने धान, नरमा के दामों को लेकर अपना दुखड़ा सुनाया। हुडडा ने किसानों को कहा कि सरकार में कौन बाबू है कौन बेटा किसी का पता नहीं।


रतिया में पूर्व सीएम ने किसानों की सुनी समस्याएं
रतिया। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सोमवार शाम रतिया की अनाजमंडी पहुंचे और धान खरीद में किसानों को पेश आ रही समस्याओं का जायजा लिया।

इस मौके पर उनके साथ पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह, पूर्व संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व विधायक जरनैल सिंह, राजनीतिक सलाहकार विरेंद्र सिंह, कांग्रेस के पूर्व जिला प्रधान रणधीर सिंह मौजूद थे।

हुड्डा ने कहा कि खट्टर सरकार ने किसानों व्यापारियाें, मजदूराें के हितों की बजाय उनको लूटने का कार्य किया है। आज प्रदेश के किसान में सरकार की नीतियों के चलते त्राही-त्राही मची है।

धान की फसल के दाम जो कांग्रेस सरकार में 5 हजार के करीब थे वो 14 सौ हो गए हैं। उन्हाेंने कहा की भाजपा सरकार ने झूठे वादे कर लोकसभा व विधानसभा चुनावों में सत्ता तो हथिया ली लेकिन वादाें को पूरा करने की तरफ कोई कदम नहीं उठाया।

इस सरकार में लोगाें की जेबाें में 15 लाख रुपये आने की बजाय लाखों के कर्जदार हो गए हैं।
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