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कॉलेज में अव्यवस्थाओं पर भड़कीं छात्राएं, लगाया जाम
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टोहाना में जाम लगाकर नारेबाजी करतीं छात्राएं।
- फोटो : Fatehabad
टोहाना। रतिया रोड पर श्री दुर्गा महिला कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ शुक्रवार को छात्राओं को गुस्सा फूट गया। छात्राओं ने कॉलेज के बाहर फतेहाबाद-टोहाना रोड जाम कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। लगभग एक घंटे लगे जाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई।
सूचना पाकर एसएचओ सिटी सुरेंद्र सिंह, कॉलेज प्रबंधन से चूडिय़ाराम गोयल मौके पर आए और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं नहीं मानी और नारेबाजी जारी रखी। मामले को बढ़ता देख एसडीएम अनुभव मेहता मौके पर आए और कॉलेज प्रबंधन से मिलकर समस्या का हल करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
कॉलेज की छात्राओं ने प्रिंसिपल व प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। मामले की सूचना पाकर आए एसडीएम अनुभव मेहता के समक्ष छात्राओं ने कहा कि कॉलेज में बिजली-पानी की समस्या है। दाखिले के समय छात्राओं को बरगलाया जाता है कि कॉलेज में बहुत सा अच्छा स्टाफ बताकर फीस के नाम पर 25-25 हजार रुपये लिए जाते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर सब जीरो है। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज में यातायात को लेकर भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही हैै, गांव के रूट पर बसों की कमी के चलते सैकड़ों छात्राएं बसों में खिड़कियों पर लटक कर कॉलेज आने जाने को मजबूर हैं।
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छात्राओं ने यह लगाया आरोप
छात्राओं ने बताया कि अपनी समस्याओं को लेकर जब भी छात्राएं यूनिट बनाकर प्रिंसिपल के कमरे में जाती हैं तो प्रिंसिपल छात्राओं को ताने मारते हुए अनेक बार बुरा भला कहती हैं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें कॉलेज में लेट आने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है तथा जुर्माना न भर पाने की स्थिति में जलील किया जाता है। छात्राओं ने कहा कि कॉलेज की अध्यापिकाओं को पिछले 3 माह से उनका वेतन भी नहीं दिया जा रहा। वहीं अन्य कर्मचारी भी वेतन के लिए परेशान रहते हैं। सरकार व प्रशासन से मांग करते हुए छात्राओं ने कहा कि सबसे पहले इस कॉलेज को सरकार के हाथ में सौंप देना चाहिए। इसके अलावा छात्राओं की यातायात सुविधा को देखते हुए बसों की सर्विस दी जानी चाहिए। जो छात्राएं फीस देने में असमर्थ हैं उनकी ओर मैनेजमेंट कमेटी को ध्यान देना चाहिए। छात्राओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार के लिए प्रिंसिपल पर कार्रवाई की जानी चाहिए। बिजली व पानी की समस्या को तुरंत दूर किया जाए, जिन अध्यापकों व कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया गया उनका वेतन भुगतान किया जाए।
प्रिंसिपल ने आरोपों को किया खारिज
कॉलेज प्रिंसिपल ने छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्राएं उन पर झूठा आरोप लगा रही है। छात्राओं की जो मांगे हैं, उन्हें प्रबंधन समिति ही पूरा कर सकती है, उसके हाथ में कुछ नहीं है।
जल्द से जल्द होगा छात्राओं की समस्याओं का समाधान: एसडीएम
एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि जब मामले की जानकारी मिली तो स्वयं वहां पहुंचे और छात्राओं की समस्याएं जानी। प्रबंधन समिति से पूरी बात कर समस्याओं का जल्द समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्राओं द्वारा प्रिंसिपल पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप के मामले में प्रयास किया जाएगा कि उनके कम्युनिकेशन गैप को खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि यह छात्राओं की पढ़ाई का मामला है इसलिए छात्राओं के हितों में फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कॉलेज के प्रबंधन पर अब वे स्वयं मॉनिटरिंग करेंगे।
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सूचना पाकर एसएचओ सिटी सुरेंद्र सिंह, कॉलेज प्रबंधन से चूडिय़ाराम गोयल मौके पर आए और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं नहीं मानी और नारेबाजी जारी रखी। मामले को बढ़ता देख एसडीएम अनुभव मेहता मौके पर आए और कॉलेज प्रबंधन से मिलकर समस्या का हल करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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कॉलेज की छात्राओं ने प्रिंसिपल व प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। मामले की सूचना पाकर आए एसडीएम अनुभव मेहता के समक्ष छात्राओं ने कहा कि कॉलेज में बिजली-पानी की समस्या है। दाखिले के समय छात्राओं को बरगलाया जाता है कि कॉलेज में बहुत सा अच्छा स्टाफ बताकर फीस के नाम पर 25-25 हजार रुपये लिए जाते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर सब जीरो है। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज में यातायात को लेकर भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही हैै, गांव के रूट पर बसों की कमी के चलते सैकड़ों छात्राएं बसों में खिड़कियों पर लटक कर कॉलेज आने जाने को मजबूर हैं।
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छात्राओं ने यह लगाया आरोप
छात्राओं ने बताया कि अपनी समस्याओं को लेकर जब भी छात्राएं यूनिट बनाकर प्रिंसिपल के कमरे में जाती हैं तो प्रिंसिपल छात्राओं को ताने मारते हुए अनेक बार बुरा भला कहती हैं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें कॉलेज में लेट आने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है तथा जुर्माना न भर पाने की स्थिति में जलील किया जाता है। छात्राओं ने कहा कि कॉलेज की अध्यापिकाओं को पिछले 3 माह से उनका वेतन भी नहीं दिया जा रहा। वहीं अन्य कर्मचारी भी वेतन के लिए परेशान रहते हैं। सरकार व प्रशासन से मांग करते हुए छात्राओं ने कहा कि सबसे पहले इस कॉलेज को सरकार के हाथ में सौंप देना चाहिए। इसके अलावा छात्राओं की यातायात सुविधा को देखते हुए बसों की सर्विस दी जानी चाहिए। जो छात्राएं फीस देने में असमर्थ हैं उनकी ओर मैनेजमेंट कमेटी को ध्यान देना चाहिए। छात्राओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार के लिए प्रिंसिपल पर कार्रवाई की जानी चाहिए। बिजली व पानी की समस्या को तुरंत दूर किया जाए, जिन अध्यापकों व कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया गया उनका वेतन भुगतान किया जाए।
प्रिंसिपल ने आरोपों को किया खारिज
कॉलेज प्रिंसिपल ने छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्राएं उन पर झूठा आरोप लगा रही है। छात्राओं की जो मांगे हैं, उन्हें प्रबंधन समिति ही पूरा कर सकती है, उसके हाथ में कुछ नहीं है।
जल्द से जल्द होगा छात्राओं की समस्याओं का समाधान: एसडीएम
एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि जब मामले की जानकारी मिली तो स्वयं वहां पहुंचे और छात्राओं की समस्याएं जानी। प्रबंधन समिति से पूरी बात कर समस्याओं का जल्द समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्राओं द्वारा प्रिंसिपल पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप के मामले में प्रयास किया जाएगा कि उनके कम्युनिकेशन गैप को खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि यह छात्राओं की पढ़ाई का मामला है इसलिए छात्राओं के हितों में फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कॉलेज के प्रबंधन पर अब वे स्वयं मॉनिटरिंग करेंगे।