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किसान 28 फरवरी तक करवाएं फसलों का पंजीकरण
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मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण में किसान रुचि नहीं दिखा रहे। पंजीकरण के लिए 28 फरवरी अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। मगर अभी तक करीब 10 हजार किसानों ने ही पंजीकरण करवाया है। वजह ये है कि किसान आंदोलन में व्यस्त हैं। ज्यादातर किसानों का दिल्ली आना जाना लगा हुआ है।
पोर्टल में तकनीकी खराबी के चलते भी किसानों की रुचि कम हुई है। किसानों के मुताबिक पोर्टल पर सारा डाटा अपलोड होने में काफी दिक्कत आ रही थी। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अब वह समस्या दूर कर दी गई है। फिलहाल किसानों के पास छह दिन का समय बचा है।
विभागों को नहीं मिल रहा अपडेट
मेरी फसल-मेरा ब्योरा मुख्य रूप से मार्केट कमेटी व कृषि विभाग से संबंधित है। पहले सारा ब्योरा मार्केट कमेटी के पास जाता था कि कितने किसानों ने पंजीकरण करवा लिया है। अब यह जिम्मेदारी कृषि विभाग को दी गई है। शनिवार तक दोनों के विभागों के अधिकारियों के पास यह अपडेट नहीं था कि अब तक कुल कितने किसानों ने पंजीकरण करवाया है। अनुमान है कि लगभग 10 हजार किसानों ने पंजीकरण करवाया है।
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क्यों जरूरी है पंजीकरण
सरकार केवल पंजीकृत किसानों से ही फसल खरीद करेगी। इसके अलावा कृषि से जुड़े सभी प्रकार के लाभ लेने के लिए पंजीकरण जरूरी है। राज्य सरकार की योजना के तहत कृषि उपकरणों पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए भी पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। अन्यथा अनुदान नहीं ले पाएंगे।
आंकड़ों में जानिये खेती की स्थिति
जिले में कुल किसान : 1 लाख 5 हजार
कुल कृषि भूमि : 2 लाख 52 हजार हेक्टेयर
किसान क्रेडिट कार्ड : 84 हजार
अब तक कितने किसानों ने पंजीकरण करवाया है, इसका अपडेट हमारे पास नहीं आ रहा। पहले हमारे पास आंकड़े आते थे, लेकिन अब कृषि विभाग ही यह सबकुछ देख रहा है।
- संजीव सचदेवा, मार्केट कमेटी सचिव।
हमारे पास सही आंकड़े नहीं पहुंच रहे। बीच में पोर्टल में दिक्कत भी आ गई थी, जिसे ठीक करने के लिए राजस्व विभाग को कहा गया था। फिलहाल कुछ पता नहीं है कि पंजीकरण करवाने वाले किसानों की वास्तविक संख्या क्या है।
- राजेश सिहाग, कृषि उप निदेशक।
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पोर्टल में तकनीकी खराबी के चलते भी किसानों की रुचि कम हुई है। किसानों के मुताबिक पोर्टल पर सारा डाटा अपलोड होने में काफी दिक्कत आ रही थी। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अब वह समस्या दूर कर दी गई है। फिलहाल किसानों के पास छह दिन का समय बचा है।
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विभागों को नहीं मिल रहा अपडेट
मेरी फसल-मेरा ब्योरा मुख्य रूप से मार्केट कमेटी व कृषि विभाग से संबंधित है। पहले सारा ब्योरा मार्केट कमेटी के पास जाता था कि कितने किसानों ने पंजीकरण करवा लिया है। अब यह जिम्मेदारी कृषि विभाग को दी गई है। शनिवार तक दोनों के विभागों के अधिकारियों के पास यह अपडेट नहीं था कि अब तक कुल कितने किसानों ने पंजीकरण करवाया है। अनुमान है कि लगभग 10 हजार किसानों ने पंजीकरण करवाया है।
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क्यों जरूरी है पंजीकरण
सरकार केवल पंजीकृत किसानों से ही फसल खरीद करेगी। इसके अलावा कृषि से जुड़े सभी प्रकार के लाभ लेने के लिए पंजीकरण जरूरी है। राज्य सरकार की योजना के तहत कृषि उपकरणों पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए भी पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। अन्यथा अनुदान नहीं ले पाएंगे।
आंकड़ों में जानिये खेती की स्थिति
जिले में कुल किसान : 1 लाख 5 हजार
कुल कृषि भूमि : 2 लाख 52 हजार हेक्टेयर
किसान क्रेडिट कार्ड : 84 हजार
अब तक कितने किसानों ने पंजीकरण करवाया है, इसका अपडेट हमारे पास नहीं आ रहा। पहले हमारे पास आंकड़े आते थे, लेकिन अब कृषि विभाग ही यह सबकुछ देख रहा है।
- संजीव सचदेवा, मार्केट कमेटी सचिव।
हमारे पास सही आंकड़े नहीं पहुंच रहे। बीच में पोर्टल में दिक्कत भी आ गई थी, जिसे ठीक करने के लिए राजस्व विभाग को कहा गया था। फिलहाल कुछ पता नहीं है कि पंजीकरण करवाने वाले किसानों की वास्तविक संख्या क्या है।
- राजेश सिहाग, कृषि उप निदेशक।