{"_id":"57b4c5194f1c1ba2506ebf82","slug":"protest-against-nuclear-plant-dharna-on-lal-batta-chowk-fatehabad","type":"story","status":"publish","title_hn":" परमाणु संयंत्र के विरोध से ही बचेगी क्षेत्र की जीवन रेखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परमाणु संयंत्र के विरोध से ही बचेगी क्षेत्र की जीवन रेखा
fatehabad
Updated Thu, 18 Aug 2016 01:42 AM IST
विज्ञापन
लालबत्ती चौक पर धरना देते परमाणु संयंत्र विरोधी मोर्चा के लोग
- फोटो : amar ujala
परमाणु संयंत्र विरोधी मोर्चा के आह्वान पर गोरखपुर परमाणु संयंत्र विरोधी आंदोलन की 9वीं वर्षगांठ लाल बत्ती चौक पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक संगठन पदाधिकारियों ने धरना देकर मनाई। साथ ही एक स्वर में एलान किया कि सरकार चाहे किसी भी तरह का हथकंडा इस संयंत्र को लगाने के लिए अपनाती रहे, जनहित में इसे लगाए जाने का विरोध वे आखिरी सांस तक करते रहेंगे।
धरनास्थल पर मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष पूनिया ने बताया कि गोरखपुर परमाणु संयंत्र लगाए जाने की घोषणा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने वर्ष-2007 में की थी और इसके बाद से ही परमाणु विरोधी मोर्चा आज तक इस संयंत्र को क्षेत्र में लगाए जाने का विरोध करता आ रहा है। धरने को पूर्व प्राचार्या एवं मोर्चा महिला विंग संयोजक विद्या रत्ति, इनेलो महिला विंग जिलाध्यक्ष सरोज सांगा, मोर्चा जिला प्रभारी अधिवक्ता सुमनलता सिवाच, सामाजिक कार्यकर्ता अनीता क्रांति ने बतौर मुख्य वक्ता संबोधित किया। इसके अलावा स्वराज अभियान के पूनमचंद रत्ति, मोर्चा प्रदेश संयोजक प्रदीप चौधरी, डॉ. राजेंद्र शर्मा, पूर्व सरपंच जयभगवान भादू, जयमल बिश्नोई व प्रशांत कुमार, सुनील ढाका ने भी संबोधित किया।
वक्ताओं में विद्या रत्ति ने कहा कि वैज्ञानिक तौर पर यह सिद्ध है कि परमाणु ऊर्जा न तो साफ सुथरी है और न ही सस्ती। इसके अलावा इसके दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में होने वाले विनाश का आकलन कर पाना भी बेहद कठिन है। सुमनलता सिवाच ने कहा कि परमाणु संयंत्र को भारत के राजनीतिज्ञों ने जन सुरक्षा से कहीं ज्यादा अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। सरोज सांगा, अनीता क्रांति ने भी संयंत्र लगाए जाने को पूर्व की कांग्रेस सरकार का तानाशाही निर्णय करार दिया। यदि क्षेत्र में संयंत्र लगता है तो न केवल पेयजल आपूर्ति प्रभावित होगी, बल्कि कृषि योग्य जल की गुणवत्ता में भी गिरावट आएगी, जिसके बाद इस क्षेत्र के किसानों के सामने फसल उत्पादन कर पाने का खतरा भी बढ़ेगा। ऐसे में इस संयंत्र को एकजुट होकर लगने से रोकना ही हमारे क्षेत्र की जीवन रेखा को बचा सकता है।
विज्ञापन
इस अवसर पर बनारसी दास मोंगा, रोशनी पंवार, सुनील ढाका, राकेश कंबोज, महेंद्र सोनी, सुनील पूनिया, वीरेंद्र बुगारियां, तेजेन्द्र थिंद, हुसैन सिंह, मनदीप सिंह, चिरंजीलाल बूरा, राहुल विश्नोई, अनिल कुमार, सुभाष, सुखदेव सिंह, संजय, देवराज, सुखदेव गुज्जर सहित जिला के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
धरनास्थल पर मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष पूनिया ने बताया कि गोरखपुर परमाणु संयंत्र लगाए जाने की घोषणा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने वर्ष-2007 में की थी और इसके बाद से ही परमाणु विरोधी मोर्चा आज तक इस संयंत्र को क्षेत्र में लगाए जाने का विरोध करता आ रहा है। धरने को पूर्व प्राचार्या एवं मोर्चा महिला विंग संयोजक विद्या रत्ति, इनेलो महिला विंग जिलाध्यक्ष सरोज सांगा, मोर्चा जिला प्रभारी अधिवक्ता सुमनलता सिवाच, सामाजिक कार्यकर्ता अनीता क्रांति ने बतौर मुख्य वक्ता संबोधित किया। इसके अलावा स्वराज अभियान के पूनमचंद रत्ति, मोर्चा प्रदेश संयोजक प्रदीप चौधरी, डॉ. राजेंद्र शर्मा, पूर्व सरपंच जयभगवान भादू, जयमल बिश्नोई व प्रशांत कुमार, सुनील ढाका ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
वक्ताओं में विद्या रत्ति ने कहा कि वैज्ञानिक तौर पर यह सिद्ध है कि परमाणु ऊर्जा न तो साफ सुथरी है और न ही सस्ती। इसके अलावा इसके दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में होने वाले विनाश का आकलन कर पाना भी बेहद कठिन है। सुमनलता सिवाच ने कहा कि परमाणु संयंत्र को भारत के राजनीतिज्ञों ने जन सुरक्षा से कहीं ज्यादा अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। सरोज सांगा, अनीता क्रांति ने भी संयंत्र लगाए जाने को पूर्व की कांग्रेस सरकार का तानाशाही निर्णय करार दिया। यदि क्षेत्र में संयंत्र लगता है तो न केवल पेयजल आपूर्ति प्रभावित होगी, बल्कि कृषि योग्य जल की गुणवत्ता में भी गिरावट आएगी, जिसके बाद इस क्षेत्र के किसानों के सामने फसल उत्पादन कर पाने का खतरा भी बढ़ेगा। ऐसे में इस संयंत्र को एकजुट होकर लगने से रोकना ही हमारे क्षेत्र की जीवन रेखा को बचा सकता है।
विज्ञापन
इस अवसर पर बनारसी दास मोंगा, रोशनी पंवार, सुनील ढाका, राकेश कंबोज, महेंद्र सोनी, सुनील पूनिया, वीरेंद्र बुगारियां, तेजेन्द्र थिंद, हुसैन सिंह, मनदीप सिंह, चिरंजीलाल बूरा, राहुल विश्नोई, अनिल कुमार, सुभाष, सुखदेव सिंह, संजय, देवराज, सुखदेव गुज्जर सहित जिला के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।