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Fatehabad News: एआरटी सेंटर खोलने का प्रस्ताव भेजा, नाको से मंजूरी का इंतजार
Sat, 30 Nov 2024 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 30 Nov 2024 11:29 PM IST
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फतेहाबाद। एचआईवी संक्रमितों को जांच और उपचार के लिए जिला मुख्यालय में सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रशासन ने प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा है। यहां से नाको यानि नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन को प्रस्ताव गया है। मंजूरी के बाद यहां एआरटी सेंटर शुरू होगा। संक्रमितों को जांच और उपचार के लिए हिसार-सिरसा या फिर रोहतक पीजीआई जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिला मुख्यालय में फिलहाल लिंक एआरटी सेंटर है। एआरटी में करीब एक साल तक दवाई लेने के बाद मरीज को लिंक एआरटी पर रेफर किया जाता है। जिले में इस साल 30840 लोगों की जांच हुई और इसमें 206 संक्रमित मिले है। इसमें पुरुषों का आंकड़ा ज्यादा है। 10 सालों में जिले में 1289 एचआईवी संक्रमित मिले हैं और इसमें 76 फीसदी पुरुष शामिल है।
सबसे अहम बात यह है कि जागरूकता और समय पर जांच और उपचार लेकर 8 सालों में 122 गर्भवती स्वस्थ शिशु को जन्म दे चुकी है। हालांकि छह माह तक शिशु को दवाई दी जाती है और इसके बाद टेस्टिंग भी होती है। इस साल जिले में 20 गर्भवती पॉजिटिव मिली है और 23 की डिलिवरी हुई है। संवाद
पिछले 10 सालों में ये आए एचआईवी के मामले
वर्ष कुल संक्रमित मिले पुरुष महिला मौत
2015-16 75 46 29 1
2016-17 66 42 24 5
2017-18 73 55 18 3
2018-19 126 94 32 6
2019-20 120 87 33 6
2020-21 77 53 24 1
2021-22 174 139 85 0
2022-23 195 161 34 2
2023-24 147 131 16 3
2024-25 206 155 51 0
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एचआईवी संक्रमित इन गर्भवती ने दिया स्वस्थ शिशु को जन्म
वर्ष कुल डिलिवरी
2017 5
2018 6
2019 8
2020 7
2021 19
2022 22
2023 32
2024 23
गर्भवती समय पर जांच करवाए तो स्वस्थ शिशु का हो सकता है जन्म :
नागरिक अस्पताल में चल रहे एकीकृत जांच एवं सलाह केंद्र के काउंसलर दिनेश ढाका का कहना है कि गर्भवती को पंजीकरण के साथ ही जांच करवाना जरूरी है। अगर जांच में एचआईवी पॉजिटिव मिलता है तो उसका समय पर उपचार शुरू हो सकता है और स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकती है।
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नशा भी युवाओं को बना रहा एचआईवी संक्रमित
नशा भी युवाओं को एचआईवी संक्रमित बना रहा है। नशा मुक्ति केंद्र में चल रहे ओएसटी में 343 मरीजों का उपचार शुरू हुआ है। इन मरीजों की जांच के बाद 59 एचआईवी संक्रमित मिले हैं। काउंसिलिंग में सामने आ रहा है कि कई युवा हेरोइन नशा लेने के लिए एक ही सीरिंज का प्रयोग करते हैं।
286 संक्रमित ले रहे हैं पेंशन
जिले में इसी साल एचआईवी संक्रमितों की पेंशन भी शुरू हो चुकी है। इसमें 286 मरीज शामिल किए गए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाई लेने की हाजिरी भेजने के बाद ही विभाग पेंशन जारी कर रहा है। पेंशन के रूप में 2250 रुपये मिल रहे हैं।
ऐसे फैलता है एचआईवी
- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध से
- एचआईवी संक्रमित रक्त एवं रक्त उत्पाद से
- एचआईवी संक्रमित सुइयों व सीरिंज के इस्तेमाल से
एआरटी सेंटर खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसके बाद रिमांडर भी भेजा गया है। मुख्यालय स्तर पर इसको लेकर फैसला लिया जाना है। अगर यहां खुलता है तो एचआईवी संक्रमितों को फायदा मिलेगा।
- डॉ.भारत भूषण, नोडल अधिकारी, जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी
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सबसे अहम बात यह है कि जागरूकता और समय पर जांच और उपचार लेकर 8 सालों में 122 गर्भवती स्वस्थ शिशु को जन्म दे चुकी है। हालांकि छह माह तक शिशु को दवाई दी जाती है और इसके बाद टेस्टिंग भी होती है। इस साल जिले में 20 गर्भवती पॉजिटिव मिली है और 23 की डिलिवरी हुई है। संवाद
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पिछले 10 सालों में ये आए एचआईवी के मामले
वर्ष कुल संक्रमित मिले पुरुष महिला मौत
2015-16 75 46 29 1
2016-17 66 42 24 5
2017-18 73 55 18 3
2018-19 126 94 32 6
2019-20 120 87 33 6
2020-21 77 53 24 1
2021-22 174 139 85 0
2022-23 195 161 34 2
2023-24 147 131 16 3
2024-25 206 155 51 0
एचआईवी संक्रमित इन गर्भवती ने दिया स्वस्थ शिशु को जन्म
वर्ष कुल डिलिवरी
2017 5
2018 6
2019 8
2020 7
2021 19
2022 22
2023 32
2024 23
गर्भवती समय पर जांच करवाए तो स्वस्थ शिशु का हो सकता है जन्म :
नागरिक अस्पताल में चल रहे एकीकृत जांच एवं सलाह केंद्र के काउंसलर दिनेश ढाका का कहना है कि गर्भवती को पंजीकरण के साथ ही जांच करवाना जरूरी है। अगर जांच में एचआईवी पॉजिटिव मिलता है तो उसका समय पर उपचार शुरू हो सकता है और स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकती है।
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नशा भी युवाओं को बना रहा एचआईवी संक्रमित
नशा भी युवाओं को एचआईवी संक्रमित बना रहा है। नशा मुक्ति केंद्र में चल रहे ओएसटी में 343 मरीजों का उपचार शुरू हुआ है। इन मरीजों की जांच के बाद 59 एचआईवी संक्रमित मिले हैं। काउंसिलिंग में सामने आ रहा है कि कई युवा हेरोइन नशा लेने के लिए एक ही सीरिंज का प्रयोग करते हैं।
286 संक्रमित ले रहे हैं पेंशन
जिले में इसी साल एचआईवी संक्रमितों की पेंशन भी शुरू हो चुकी है। इसमें 286 मरीज शामिल किए गए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाई लेने की हाजिरी भेजने के बाद ही विभाग पेंशन जारी कर रहा है। पेंशन के रूप में 2250 रुपये मिल रहे हैं।
ऐसे फैलता है एचआईवी
- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध से
- एचआईवी संक्रमित रक्त एवं रक्त उत्पाद से
- एचआईवी संक्रमित सुइयों व सीरिंज के इस्तेमाल से
एआरटी सेंटर खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसके बाद रिमांडर भी भेजा गया है। मुख्यालय स्तर पर इसको लेकर फैसला लिया जाना है। अगर यहां खुलता है तो एचआईवी संक्रमितों को फायदा मिलेगा।
- डॉ.भारत भूषण, नोडल अधिकारी, जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी