{"_id":"02c4dd78975e86791830b7bb776b6efe","slug":"problems-in-breathing-by-fogg-and-polution-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पराली के धुएं और स्मोग से थम रही सांसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पराली के धुएं और स्मोग से थम रही सांसें
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिससे सांस लेने में भी लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इसके अलावा आंखों में जलन और एलर्जी से दो-चार होना पड़ रहा है।
हालात इतने खराब हो गए कि चिकित्सकों ने दमा व सांस के रोगों से पीड़ित लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने तक की सलाह दी है। पिछले कुछ दिनों से धान की कटाई जारी है।
इस कारण खेतों में उड़ने वाली धूल मिट्टी व कुछ किसानों द्वारा पराली को आग लगाए जाने से उठने वाले धुएं का गुब्बार बीते कुछ दिनों से आसमान पर छाया हुआ है। बीते दिन से इसकी मात्रा में भारी बढ़ोतरी हुई है।
हालात यह थे कि शाम के वक्त कोहरे की भांति यह गुब्बार घर की छतों तक नीचे उतर आया था। इससे लोगों को आंख में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खुजली व एलर्जी जैसी शिकायतें सामने आई।
विज्ञापन
धुंध में मिलकर धुआं हो जाता है खतरनाक
मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार इन दिनों किसान धान की पराली जला रहे हैं। पराली का धुआं ऊपर उड़ रहा है। सोमवार से यहां धूंध पड़ी। नमी के चलते पराली का धुआं धुंध में मिल गया।
जिससे स्मोग पैदा हुई। बता दें कि इस महीने पड़ने वाली धुंध को स्मोग कहा जाता है। जो कि स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है।
आंखों व मुंह को बार-बार धोएं
बाहर से घर लौटते ही आंखों व मुंह को धोएं और आई ड्रॉप्स डालते रहें। जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें और जाते वक्त आंखों पर चश्मा और मुंह व नाक पर कपड़ा बांध कर जाएं। दमा व श्वास रोगी बाहर जाने से बचें।
डॉ. विनोद शर्मा
नेत्र रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल
बुधवार के बाद कम होगा स्मोग
मौसम में नमी के कारण पराली का धुआं धुंध में मिल रहा है। जिस कारण स्मोग की स्थिति पैदा हुई। बुधवार से इसका असर कम होना शुरू हो जाएगा। जैसे जैसे ठंड बढ़ेगी स्मोग खत्म हो जाएगी।
डा. सुरेन्द्र पाल
निदेशक, मौसम विभाग चंडीगढ़
पराली जलाने वालों पर दर्ज करें मुकदमे
खेतों में धान की पराली जलाने से आमजन को होने वाली समस्याओं व पर्यावरण प्रदूषण पर संज्ञान लेकर एसडीएम डॉ. जेके आभीर ने बुधवार को कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पराली जलाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस व कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि पराली जलाकर पर्यावरण व लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
एसडीएम ने कहा कि आजकल पूरे वातावरण में चारों तरफ धुआं व धुंध का प्रकोप दिखाई देता है। इससे जहां बच्चों व बुजुर्गों को सांस, आंखों की जलन व दमे की समस्या पैदा होती है वहीं इस धुएं से पर्यावरण को भी बहुत नुकसान होता है।
उन्होंने कहा कि खेतों में फसलों के अवशेष जलाना गैर कानूनी है तथा एक दंडनीय अपराध है। डॉ. आभीर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पीके शर्मा को पुलिस के साथ मिलकर ऐसे लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमे दर्ज करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने नायब तहसीलदार कर्णसिंह को भी अपने पटवारियों के माध्यम से ऐसे लोगों पर नजर रखने तथा लोगों को इस बारे आगाह करने के लिए कहा।
इस मौके पर शहर थाना प्रभारी सुरेंद्र, सदर थाना प्रभारी ओमप्रकाश, जाखल थाना प्रभारी रघुवीर सिंह, कृषि विभाग से रामेश्वर दास व क्लर्क मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे।
विज्ञापन
हालात इतने खराब हो गए कि चिकित्सकों ने दमा व सांस के रोगों से पीड़ित लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने तक की सलाह दी है। पिछले कुछ दिनों से धान की कटाई जारी है।
इस कारण खेतों में उड़ने वाली धूल मिट्टी व कुछ किसानों द्वारा पराली को आग लगाए जाने से उठने वाले धुएं का गुब्बार बीते कुछ दिनों से आसमान पर छाया हुआ है। बीते दिन से इसकी मात्रा में भारी बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
हालात यह थे कि शाम के वक्त कोहरे की भांति यह गुब्बार घर की छतों तक नीचे उतर आया था। इससे लोगों को आंख में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खुजली व एलर्जी जैसी शिकायतें सामने आई।
विज्ञापन
धुंध में मिलकर धुआं हो जाता है खतरनाक
मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार इन दिनों किसान धान की पराली जला रहे हैं। पराली का धुआं ऊपर उड़ रहा है। सोमवार से यहां धूंध पड़ी। नमी के चलते पराली का धुआं धुंध में मिल गया।
जिससे स्मोग पैदा हुई। बता दें कि इस महीने पड़ने वाली धुंध को स्मोग कहा जाता है। जो कि स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है।
आंखों व मुंह को बार-बार धोएं
बाहर से घर लौटते ही आंखों व मुंह को धोएं और आई ड्रॉप्स डालते रहें। जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें और जाते वक्त आंखों पर चश्मा और मुंह व नाक पर कपड़ा बांध कर जाएं। दमा व श्वास रोगी बाहर जाने से बचें।
डॉ. विनोद शर्मा
नेत्र रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल
बुधवार के बाद कम होगा स्मोग
मौसम में नमी के कारण पराली का धुआं धुंध में मिल रहा है। जिस कारण स्मोग की स्थिति पैदा हुई। बुधवार से इसका असर कम होना शुरू हो जाएगा। जैसे जैसे ठंड बढ़ेगी स्मोग खत्म हो जाएगी।
डा. सुरेन्द्र पाल
निदेशक, मौसम विभाग चंडीगढ़
पराली जलाने वालों पर दर्ज करें मुकदमे
खेतों में धान की पराली जलाने से आमजन को होने वाली समस्याओं व पर्यावरण प्रदूषण पर संज्ञान लेकर एसडीएम डॉ. जेके आभीर ने बुधवार को कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पराली जलाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस व कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि पराली जलाकर पर्यावरण व लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
एसडीएम ने कहा कि आजकल पूरे वातावरण में चारों तरफ धुआं व धुंध का प्रकोप दिखाई देता है। इससे जहां बच्चों व बुजुर्गों को सांस, आंखों की जलन व दमे की समस्या पैदा होती है वहीं इस धुएं से पर्यावरण को भी बहुत नुकसान होता है।
उन्होंने कहा कि खेतों में फसलों के अवशेष जलाना गैर कानूनी है तथा एक दंडनीय अपराध है। डॉ. आभीर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पीके शर्मा को पुलिस के साथ मिलकर ऐसे लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमे दर्ज करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने नायब तहसीलदार कर्णसिंह को भी अपने पटवारियों के माध्यम से ऐसे लोगों पर नजर रखने तथा लोगों को इस बारे आगाह करने के लिए कहा।
इस मौके पर शहर थाना प्रभारी सुरेंद्र, सदर थाना प्रभारी ओमप्रकाश, जाखल थाना प्रभारी रघुवीर सिंह, कृषि विभाग से रामेश्वर दास व क्लर्क मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे।