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Fatehabad News: मौत की दूत बनकर दौड़ रहीं निजी बसें
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फतेहाबाद/कुलां। जिले में लोकल रूटों पर मौत की दूत बनकर निजी बसें दौड़ रहीं हैं। अधिकतर निजी बसों में न तो फर्स्ट एड बॉक्स है, और न ही अग्निशमन यंत्र। जो अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं तो उनके सिलिंडर खाली पड़े हैं या एक्सपायर हो चुके हैं। यही नहीं जिले में अधिकांश निजी बसें तो बीएस-2 व बीएस-3 मॉडल की हैं, जिनको सड़कों पर चलाने के लिए सरकार ने मना किया हुआ है। रोडवेज निगम ने ही अपनी बीएस-4 मॉडल की बसों का संचालन बंद कर दिया है, लेकिन निजी बसों पर यह नियम लागू नहीं किया जा रहा है।
निजी बसों के संचालक सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। चालक अपनी बसों को तेजगति से भगाते हैं, जिस कारण हादसों का खतरा भी बना रहता है। फर्स्ट एड बॉक्स में तो दवाओं के बजाय चाबी और औजार रखे रहते हैं। ऐसे में कोई हादसा या कई बार बस में बैठे लोगों को परेशानी होने की दशा में भी फर्स्ट एड बॉक्स के उपयोग से सुविधा नहीं मिल पाती है। वहीं यदि बस में कोई आगजनी की घटना होती है, तो यात्रियों के बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। गौरतलब है कि जिले में इस समय 117 निजी बसें विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। बड़ी बात यह है कि सिरसा जिला फतेहाबाद से बड़ा जिला है, लेकिन वहां पर केवल 90 निजी बसों का ही संचालन हो रहा है।
घटना के दौरान नहीं मिलता प्राथमिक उपचार
बसों में मौजूद फर्स्ट एड बॉक्स घटना के दौरान घायलों को प्राथमिक उपचार मरहम पट्टी आदि के लिए होता है, लेकिन ज्यादातर बसों में फर्स्ट एड बॉक्स का प्रबंध न होने से आपातकाल स्थिति में लोगों को इसका इलाज नहीं मिल पाता है। यदि बस में कोई अचानक ब्रेकर या झटका लगने से यात्री के चेहरे या शरीर पर कहीं चोट आ जाएं या रक्त बहने लगे तो फर्स्ट एड बॉक्स से रूई, पट्टी, डिटॉल या अन्य उपचार संबंधी मरहम आदि से प्राथमिक उपचार कर तत्काल चोट से बह रहे रक्त को रोककर उपचार केंद्र में पहुंचाया जा सकता हैं, लेकिन अधिकतर बसों में फर्स्ट एड किट गायब होने या उसमें उपचार सामग्री न होने से आपातकाल में ये सुविधा नहीं मिल पाती हैं।
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फतेहाबाद में एफसीआई गोदाम के पास भी निजी बस में लगी थी आग, नहीं थे अग्निशमन यंत्र
केस नंबर 1
फतेहाबाद में टोहाना से फतेहाबाद करीब 80 सवारियां भरकर आ रही एक निजी बस के इंजन में स्पार्किंग के चलते आग लग गई थी। जिससे सवारियों का पूरा सामान जल गया था। आग रतिया चुंगी के पास लगी, लेकिन चालक को इसका पता नहीं चला। बस में आग देखकर बाइक पर सवार युवकों ने बस को रुकवाकर आग की जानकारी दी थी, जिससे सवारियों की जान बच गई, लेकिन उनका पूरा सामान जल गया था। इस बस में अग्निशमन यंत्र नहीं था, अन्यथा समय पर आग बुझाई जा सकती थी।
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केस नंबर 2
कुलां से एक किलोमीटर आगे करीब एक माह पहले भी स्कूटी सवार चालक निजी बस चालक द्वारा गफलत में बस चलाने का शिकार हो गया था और उसकी मौत हो गई थी। अक्सर देखा जाता है कि निजी बस चालक सवारियाें के चक्कर में तेजगति से बस चलाते हैं और लोग अक्सर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
वर्दी का नियम भी नहीं मान रहे चालक-परिचालक
नियमानुसार बस के ड्राइवर और परिचालक (सहायक) के लिए ड्यूटी समय बकायदा वर्दी में रहना अनिवार्य किया गया है, लेकिन अधिकतर बसों में चालक, परिचालक सादे कपड़ों में ही ड्यूटी टाइम में बसों को चला रहे हैं।
बस स्टाफ के दुर्व्यवहार से परेशान, आरटीओ को शिकायत दी
गांव धारसूल निवासी शमशेर सिंह ने पत्र प्रेषित कर बतौर नाम एक बस आपरेटर की मनमानी की शिकायत आरटीओ को कर कार्रवाई की मांग की है। पत्र में उन्होंने बताया हैं कि जो निजी बस टोहाना से फतेहाबाद चल रही है, वो डबल समय में चलाई जा रही हैं। उन्होंने पत्र में आरटीओ से आग्रह किया है कि ऐसी बस को सिंगल टाइम चलाया जाएं। साथ ही उन्होंने बस चालक व परिचालकों पर यात्रियों से दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया है।
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सभी बसों फर्स्ट एड किट व अग्निशमन यंत्र की पुख्ता व्यवस्था होना अनिवार्य है। यदि कोई नियमों की अवहेलना करता पाया जाता है तो संबंधित बस चालक खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इस संबंधित कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। किसी निजी बस के स्टाफ द्वारा यात्रियों से दुर्व्यवहार या अन्य कोई समस्या है तो इसकी लिखित शिकायत हमें दें तो उस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होगी।
संजय बिश्नोई, आरटीओ फतेहाबाद
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निजी बसों के संचालक सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। चालक अपनी बसों को तेजगति से भगाते हैं, जिस कारण हादसों का खतरा भी बना रहता है। फर्स्ट एड बॉक्स में तो दवाओं के बजाय चाबी और औजार रखे रहते हैं। ऐसे में कोई हादसा या कई बार बस में बैठे लोगों को परेशानी होने की दशा में भी फर्स्ट एड बॉक्स के उपयोग से सुविधा नहीं मिल पाती है। वहीं यदि बस में कोई आगजनी की घटना होती है, तो यात्रियों के बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। गौरतलब है कि जिले में इस समय 117 निजी बसें विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। बड़ी बात यह है कि सिरसा जिला फतेहाबाद से बड़ा जिला है, लेकिन वहां पर केवल 90 निजी बसों का ही संचालन हो रहा है।
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घटना के दौरान नहीं मिलता प्राथमिक उपचार
बसों में मौजूद फर्स्ट एड बॉक्स घटना के दौरान घायलों को प्राथमिक उपचार मरहम पट्टी आदि के लिए होता है, लेकिन ज्यादातर बसों में फर्स्ट एड बॉक्स का प्रबंध न होने से आपातकाल स्थिति में लोगों को इसका इलाज नहीं मिल पाता है। यदि बस में कोई अचानक ब्रेकर या झटका लगने से यात्री के चेहरे या शरीर पर कहीं चोट आ जाएं या रक्त बहने लगे तो फर्स्ट एड बॉक्स से रूई, पट्टी, डिटॉल या अन्य उपचार संबंधी मरहम आदि से प्राथमिक उपचार कर तत्काल चोट से बह रहे रक्त को रोककर उपचार केंद्र में पहुंचाया जा सकता हैं, लेकिन अधिकतर बसों में फर्स्ट एड किट गायब होने या उसमें उपचार सामग्री न होने से आपातकाल में ये सुविधा नहीं मिल पाती हैं।
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फतेहाबाद में एफसीआई गोदाम के पास भी निजी बस में लगी थी आग, नहीं थे अग्निशमन यंत्र
केस नंबर 1
फतेहाबाद में टोहाना से फतेहाबाद करीब 80 सवारियां भरकर आ रही एक निजी बस के इंजन में स्पार्किंग के चलते आग लग गई थी। जिससे सवारियों का पूरा सामान जल गया था। आग रतिया चुंगी के पास लगी, लेकिन चालक को इसका पता नहीं चला। बस में आग देखकर बाइक पर सवार युवकों ने बस को रुकवाकर आग की जानकारी दी थी, जिससे सवारियों की जान बच गई, लेकिन उनका पूरा सामान जल गया था। इस बस में अग्निशमन यंत्र नहीं था, अन्यथा समय पर आग बुझाई जा सकती थी।
केस नंबर 2
कुलां से एक किलोमीटर आगे करीब एक माह पहले भी स्कूटी सवार चालक निजी बस चालक द्वारा गफलत में बस चलाने का शिकार हो गया था और उसकी मौत हो गई थी। अक्सर देखा जाता है कि निजी बस चालक सवारियाें के चक्कर में तेजगति से बस चलाते हैं और लोग अक्सर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
वर्दी का नियम भी नहीं मान रहे चालक-परिचालक
नियमानुसार बस के ड्राइवर और परिचालक (सहायक) के लिए ड्यूटी समय बकायदा वर्दी में रहना अनिवार्य किया गया है, लेकिन अधिकतर बसों में चालक, परिचालक सादे कपड़ों में ही ड्यूटी टाइम में बसों को चला रहे हैं।
बस स्टाफ के दुर्व्यवहार से परेशान, आरटीओ को शिकायत दी
गांव धारसूल निवासी शमशेर सिंह ने पत्र प्रेषित कर बतौर नाम एक बस आपरेटर की मनमानी की शिकायत आरटीओ को कर कार्रवाई की मांग की है। पत्र में उन्होंने बताया हैं कि जो निजी बस टोहाना से फतेहाबाद चल रही है, वो डबल समय में चलाई जा रही हैं। उन्होंने पत्र में आरटीओ से आग्रह किया है कि ऐसी बस को सिंगल टाइम चलाया जाएं। साथ ही उन्होंने बस चालक व परिचालकों पर यात्रियों से दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया है।
सभी बसों फर्स्ट एड किट व अग्निशमन यंत्र की पुख्ता व्यवस्था होना अनिवार्य है। यदि कोई नियमों की अवहेलना करता पाया जाता है तो संबंधित बस चालक खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इस संबंधित कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। किसी निजी बस के स्टाफ द्वारा यात्रियों से दुर्व्यवहार या अन्य कोई समस्या है तो इसकी लिखित शिकायत हमें दें तो उस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होगी।
संजय बिश्नोई, आरटीओ फतेहाबाद