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Fatehabad News: फिर से खोजे जाएंगे प्राण वायु देवता, वन विभाग दूसरी बार करेगा सर्वे
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गांव मेहूवाला के रेलवे स्टेशन पर लगा पीपल का पुराना वृक्ष।
फतेहाबाद। सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई हरियाणा प्राण वायु देवता पेंशन योजना के लिए जिले में एक बार फिर से पुराने वृक्षों का सर्वे किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग ने संबंधित लोगों से पुराने वृक्षों की सूची लोगों से मांगी है। साथ ही विभाग की टीम भी गांवों में जाकर इन बुजुर्ग वृक्षों की देखभाल करेगी।
फतेहाबाद में पिछले चरण में वन विभाग ने जिले के 324 वृक्षों का चयन किया था, जिनको 2750 रुपये की पेंशन भी एकमुश्त वन विभाग की ओर से जारी कर दी गई है। सरकार ने पुराने वृक्षों के रख रखाव के लिए ही यह योजना जारी की थी। इनमें मुख्य तौर पर बरगद, पीपल, कैर, जंडी जैसे पेड़ शामिल हैं, जो काफी पुराने हो चुके हैं। इन पेड़ों के रखरखाव के लिए ही सरकार ने प्राण वायु देवता योजना को लागू किया था। जिले में ऐसे कई पेड़ हैं, जो सालों पुराने हैं। खासतौर पर गांवों के उन स्थानों पर यह पेड़ मिलते हैं, जहां चौक चौराहे हैं और यहां पर ग्रामीण तबके के लोग बैठकर आपस में बातचीत भी करते हैं।
बता दें कि जिले में अब एक बार फिर दोबारा से प्राण वायु देवता योजना के तहत बुजुर्ग पेड़ों की पहचान के लिए वन विभाग सर्वे करेगा। हालांकि अभी वन विभाग ने इसका खाका तैयार किया है और उन लोगों से भी आवेदन मांगे गए हैं, जिनके घरों या खेतों में 75 साल से अधिक के पेड़ हैं। इसके अलावा जिन गांवों में ऐसे पेड़ हैं, उनका भी सर्वे किया जाएगा। साथ ही जिन पेड़ों को पेंशन दी गई है, उन पर टैग भी लगाया जाएगा।
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ये है हरियाणा प्राण वायु देवता पेंशन योजना
सरकार द्वारा शुरू की गई योजना के तहत 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों की देखभाल और परवरिश करने वालों को 2500 रुपये प्रति वर्ष पेंशन दी जाएगी। साथ ही वृद्धावस्था पेंशन की तरह समय-समय पर यह पेंशन राशि बढ़ाई जाएगी। यह राशि सीधा लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
क्या है पेंशन पाने के लिए नियम
योजना के तहत यदि किसी व्यक्ति के घर या स्वयं की जमीन पर 75 साल या उससे ज्यादा की उम्र का पेड़ है तो वो अपने संबंधित जिले के वन विभाग कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद एक समिति द्वारा उस आवेदन का आंकलन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत सभी शर्तें पूरी पाई जाती हैं तो लाभार्थी व्यक्ति को पेड़ों से मिलने वाली पेंशन दी जाएगी।
कोट
वन विभाग की ओर आगामी समय में दूसरे चरण में बुजुर्ग पेड़ों की पहचान की जाएगी। सरकार की ओर से इन पेड़ों को 2750 रुपये की पेंशन दी जाती है। अब तक जिले में 324 ऐसे पेड़ मिले थे, जिनकी पेंशन वितरित की जा चुकी है।
राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।
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फतेहाबाद में पिछले चरण में वन विभाग ने जिले के 324 वृक्षों का चयन किया था, जिनको 2750 रुपये की पेंशन भी एकमुश्त वन विभाग की ओर से जारी कर दी गई है। सरकार ने पुराने वृक्षों के रख रखाव के लिए ही यह योजना जारी की थी। इनमें मुख्य तौर पर बरगद, पीपल, कैर, जंडी जैसे पेड़ शामिल हैं, जो काफी पुराने हो चुके हैं। इन पेड़ों के रखरखाव के लिए ही सरकार ने प्राण वायु देवता योजना को लागू किया था। जिले में ऐसे कई पेड़ हैं, जो सालों पुराने हैं। खासतौर पर गांवों के उन स्थानों पर यह पेड़ मिलते हैं, जहां चौक चौराहे हैं और यहां पर ग्रामीण तबके के लोग बैठकर आपस में बातचीत भी करते हैं।
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बता दें कि जिले में अब एक बार फिर दोबारा से प्राण वायु देवता योजना के तहत बुजुर्ग पेड़ों की पहचान के लिए वन विभाग सर्वे करेगा। हालांकि अभी वन विभाग ने इसका खाका तैयार किया है और उन लोगों से भी आवेदन मांगे गए हैं, जिनके घरों या खेतों में 75 साल से अधिक के पेड़ हैं। इसके अलावा जिन गांवों में ऐसे पेड़ हैं, उनका भी सर्वे किया जाएगा। साथ ही जिन पेड़ों को पेंशन दी गई है, उन पर टैग भी लगाया जाएगा।
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ये है हरियाणा प्राण वायु देवता पेंशन योजना
सरकार द्वारा शुरू की गई योजना के तहत 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों की देखभाल और परवरिश करने वालों को 2500 रुपये प्रति वर्ष पेंशन दी जाएगी। साथ ही वृद्धावस्था पेंशन की तरह समय-समय पर यह पेंशन राशि बढ़ाई जाएगी। यह राशि सीधा लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
क्या है पेंशन पाने के लिए नियम
योजना के तहत यदि किसी व्यक्ति के घर या स्वयं की जमीन पर 75 साल या उससे ज्यादा की उम्र का पेड़ है तो वो अपने संबंधित जिले के वन विभाग कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद एक समिति द्वारा उस आवेदन का आंकलन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत सभी शर्तें पूरी पाई जाती हैं तो लाभार्थी व्यक्ति को पेड़ों से मिलने वाली पेंशन दी जाएगी।
कोट
वन विभाग की ओर आगामी समय में दूसरे चरण में बुजुर्ग पेड़ों की पहचान की जाएगी। सरकार की ओर से इन पेड़ों को 2750 रुपये की पेंशन दी जाती है। अब तक जिले में 324 ऐसे पेड़ मिले थे, जिनकी पेंशन वितरित की जा चुकी है।
राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।