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Fatehabad News: सियासी खींचतान पर विराम, साथ आए चेयरपर्सन-पार्षद
Thu, 20 Aug 2026 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 20 Aug 2026 10:42 PM IST
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विधायक जरनैल सिंह के साथ चेयरपर्सन प्रतिनिधि व पार्षद ,स्त्रोत सोशल मीडिया
रतिया। नगरपालिका चेयरपर्सन प्रीति खन्ना और पार्षदों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया। विधायक जरनैल सिंह के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों में सहमति बनी। इससे चेयरपर्सन के खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव का संकट टल गया। अब शहर के विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
विधायक जरनैल सिंह ने पार्षदों और चेयरपर्सन प्रतिनिधि की अपने आवास पर सुबह 9 बजे संयुक्त बैठक करवाई। बैठक में दोनों पक्षों के बीच चल रहे मतभेदों पर चर्चा हुई। इसके बाद सहमति बनी। चेयरपर्सन पक्ष ने सभी पार्षदों को साथ लेकर चलने का भरोसा दिया।
विधायक ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव दूर हो गया है। अब आपसी तालमेल से शहर के रुके विकास कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शहर के विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ी औपचारिकताओं का जल्द निपटारा कराया जाएगा। इसके लिए जिला उपायुक्त से मुलाकात की जाएगी। विधायक ने कहा कि नगरपालिका में आपसी सहमति बनने से विकास कार्यों को गति मिलेगी। संवाद
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दो साल से चल रहा था सियासी घमासान
रतिया नगरपालिका में चेयरपर्सन और पार्षदों के बीच खींचतान पिछले दो सालों से जारी थी। पिछले वर्ष मई 2025 में 14 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी। मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा और 22 मई को बैठक तय हुई। हालांकि बैठक में केवल 11 पार्षद पहुंचे जिससे कोरम पूरा न होने पर अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था।
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जून 2026 में दोबारा खोला मोर्चा
2 जून को 14 पार्षदों ने उपायुक्त को दोबारा अविश्वास प्रस्ताव का ज्ञापन सौंपा। पार्षदों ने चंडीगढ़ जाकर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की और शहर में विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाया।
9 जुलाई की बैठक हुई थी स्थगित।
प्रशासनिक स्तर पर 9 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक तय की गई थी, लेकिन एडीसी के अवकाश पर जाने के कारण यह स्थगित हो गई।
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मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचा था मामला
विवाद का समाधान निकालने के लिए मामला दो बार मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंचा। मुख्यमंत्री ने हांसी विधायक विनोद भयाना, विधायक जरनैल सिंह को दोनों पक्षों से समन्वय स्थापित कर मामला सुलझाने के निर्देश दिए थे। 15 जुलाई को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई पहली बैठक में सहमति बनने के बावजूद प्रेस वार्ता के दौरान कुछ बिंदुओं पर बात फिर बिगड़ गई थी। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं के लगातार प्रयासों और बैठकों के दौर के बाद विधायक जरनैल सिंह ने दोनों पक्ष गिले-शिकवे भुलाकर एक मंच पर लाने का प्रयास किया और मतभेद दूर करने का दावा किया है।
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विधायक जरनैल सिंह ने पार्षदों और चेयरपर्सन प्रतिनिधि की अपने आवास पर सुबह 9 बजे संयुक्त बैठक करवाई। बैठक में दोनों पक्षों के बीच चल रहे मतभेदों पर चर्चा हुई। इसके बाद सहमति बनी। चेयरपर्सन पक्ष ने सभी पार्षदों को साथ लेकर चलने का भरोसा दिया।
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विधायक ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव दूर हो गया है। अब आपसी तालमेल से शहर के रुके विकास कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शहर के विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ी औपचारिकताओं का जल्द निपटारा कराया जाएगा। इसके लिए जिला उपायुक्त से मुलाकात की जाएगी। विधायक ने कहा कि नगरपालिका में आपसी सहमति बनने से विकास कार्यों को गति मिलेगी। संवाद
दो साल से चल रहा था सियासी घमासान
रतिया नगरपालिका में चेयरपर्सन और पार्षदों के बीच खींचतान पिछले दो सालों से जारी थी। पिछले वर्ष मई 2025 में 14 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी। मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा और 22 मई को बैठक तय हुई। हालांकि बैठक में केवल 11 पार्षद पहुंचे जिससे कोरम पूरा न होने पर अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था।
जून 2026 में दोबारा खोला मोर्चा
2 जून को 14 पार्षदों ने उपायुक्त को दोबारा अविश्वास प्रस्ताव का ज्ञापन सौंपा। पार्षदों ने चंडीगढ़ जाकर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की और शहर में विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाया।
9 जुलाई की बैठक हुई थी स्थगित।
प्रशासनिक स्तर पर 9 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक तय की गई थी, लेकिन एडीसी के अवकाश पर जाने के कारण यह स्थगित हो गई।
मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचा था मामला
विवाद का समाधान निकालने के लिए मामला दो बार मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंचा। मुख्यमंत्री ने हांसी विधायक विनोद भयाना, विधायक जरनैल सिंह को दोनों पक्षों से समन्वय स्थापित कर मामला सुलझाने के निर्देश दिए थे। 15 जुलाई को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई पहली बैठक में सहमति बनने के बावजूद प्रेस वार्ता के दौरान कुछ बिंदुओं पर बात फिर बिगड़ गई थी। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं के लगातार प्रयासों और बैठकों के दौर के बाद विधायक जरनैल सिंह ने दोनों पक्ष गिले-शिकवे भुलाकर एक मंच पर लाने का प्रयास किया और मतभेद दूर करने का दावा किया है।