फतेहाबाद: 24 किसानों को पुलिस ने छोड़ा, दो को भेजा जेल, सात जून को प्रदर्शन का एलान
टोहाना में किसानों ने बैठक की। इस दौरान किसानों ने फैसला लिया कि अगर छह जून तक विधायक देवेंद्र बबली ने माफी नहीं मांगी तो सात जून को प्रदेश के सभी थानों का घेराव किया जाएगा। वहीं पांच जून को तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां भी जलाई जाएंगी। 10 और 11 जून को टोहाना क्षेत्र में विधायक की शव यात्रा भी निकाली जाएगी।
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टोहाना के विधायक देवेंद्र सिंह बबली के घर का घेराव करने जा रहे 24 किसानों को हिरासत में लेने के बाद गुरुवार सुबह छोड़ दिया गया। इन किसानों को बुधवार शाम को हिरासत में लेने के बाद फतेहाबाद स्थित सदर थाना में लाया गया था। अपने साथियों को छुड़वाने के लिए रातभर अन्य किसान सदर थाने के बाहर ही धरना लगाकर बैठे रहे।
सुबह करीब 6 बजे 24 किसानों को छोड़ा गया जबकि एक महिला किसान को रात में ही छोड़ दिया गया था। वहीं, टोहाना सदर थाना पुलिस ने विधायक के घर की तरफ जाने वाले तीन नामजद किसानों सहित 30 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन किसानों पर एएसआई अमरजीत सिंह ने सरकारी काम में बाधा डालने, आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन करने, हुड़दंग करने के आरोप लगाए हैं।
इस केस में तीन किसान नेताओं हिसार जिले के गांव सीसर निवासी विकास, भिवानी जिले के बहल निवासी एवं भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद और सिरसा जिला निवासी विकल पचार को नामजद किया है। इनमें से विकास व रवि आजाद को हिसार जेल भेजा गया है।
यह दी है एएसआई ने शिकायत
सदर थाना टोहाना में एएसआई धर्मबीर सिंह ने शिकायत दी है कि वह एएसआई सर्वजीत कौर, एएसआई अमरजीत सिंह व राजकुमार के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव बिढाईखेड़ा में नहर पुल के पास मौजूद थे। लघु सचिवालय में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में किसानों ने जिला प्रशासन के साथ बातचीत की और समझौता हुआ कि छह मई तक मांग नहीं मानी गई तो सात जून को प्रदर्शन करेंगे।
अधिकतर किसान समझौते के अनुसार वहां से चले गए लेकिन करीब आठ बजे हिसार के गांव सीसर निवासी विकास, भिवानी के बहल निवासी रवि आजाद व सिरसा निवासी विकल पचार अपने साथ 25-30 लोगों को लेकर विधायक की कोठी की तरफ नारेबाजी करते हुए आ गए।
उन्होंने सभी को अन्य कर्मचारियों की मदद से रोक लिया। आरोप है कि इन्होंने सरकारी काम में बाधा डालते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम की उल्लंघन किया। इस आरोप में सदर थाना पुलिस ने धारा 147, 149, 186, 188, 269, 353 एवं डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 51 के तहत केस दर्ज किया है।
किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर सरकार का पुतला फूंका
किसान नेताओं को जेल भेजने से गुस्साए किसानों ने किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा। किसानों ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व टोहाना विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जेल में डाले गए किसान नेताओं को रिहा करने की मांग की। यहां समिति के राज्य संयोजक मनदीप नथवान ने कहा कि सरकार जान-बूझकर किसान आंदोलन को तोड़ना चाह रही है।
टोहाना में किसानों ने की बैठक
टोहाना में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हिसार रोड स्थित टाउन पार्क के बाहर किसानों की बैठक हुई जिसमें मोर्चे के जिला प्रवक्ता रणजीत सिंह ने कहा कि बुधवार को किसानों व प्रशासन के बीच हुई बातचीत के तहत छह जून तक विधायक ने माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर सात जून को प्रदेश के सभी थानों का घेराव किया जाएगा।
10 व 11 जून को हलके के गांवों से विधायक की शव यात्रा निकाली जाएगी। कुछ किसानों ने विधायक के घर का घेराव करने का एलान किया था, उन्हें समझाया जाएगा कि संयुक्त मोर्चे के फैसले को ही मानें। पांच जून को तीनों कृषि कानूनों की प्रतियों भी जलाई जाएंगी।
हिरासत में लिए गए सभी किसानों को सुबह छोड़ दिया गया है। सरकारी काम में बाधा डालने व आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन करने के मामले में तीन नामजद किसानों में से दो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य का तफ्तीश में पता चलेगा। - बिरम सिंह, डीएसपी, टोहाना।