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Fatehabad News: गुलाबी बसें ग्रामीण रूटों पर लगाईं, छात्राएं हो रहीं परेशान
Sat, 06 Dec 2025 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 06 Dec 2025 11:58 PM IST
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जिला मुख्यालय से सरदूलगढ़ रूट पर जाती गुलाबी बस। संवाद
फतेहाबाद। छात्राओं को शिक्षण संस्थानों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए शुरू की गई गुलाबी बसें विशेष रूटों पर कम और ग्रामीण रूटों पर अधिक चलती दिखाई दे रही हैं। इसका सीधा असर महिला कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज समय में उन्हें बस का लाभ नहीं मिल पाता और वे सामान्य बसों में भीड़ के बीच सफर करने को मजबूर होती हैं। रोडवेज डिपो को मिली करीब 10 गुलाबी बसें छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुलभ यात्रा के लिए शुरू की गई थीं, लेकिन इनका इस्तेमाल अक्सर भट्टू और अन्य ग्रामीण रूटों पर सामान्य यात्रियों के लिए किया जा रहा है। छात्राओं ने प्रशासन से अपील की है कि बसों को समय पर और सही रूट पर चलाया जाए, ताकि सुरक्षित और आरामदायक आवागमन सुनिश्चित हो सके।
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छात्राओं को झेलनी पड़ रही परेशानी
गांव भोड़ियाखेड़ा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय और आईटीआई जाने वाली छात्राएं इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। छात्राओं उर्मिला, सुमन, कंचन, प्रीति आदि ने बताया कि उन्हें सुबह और दोपहर के समय बसों के लिए कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो बसें इतनी कम आती हैं कि उन्हें कॉलेज पहुंचने के लिए ऑटो या ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है।
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गुलाबी बसें छात्राओं के लिए भी चलाई जा रही हैं, लेकिन कई बार महिला महाविद्यालयों में छात्राओं की संख्या ज्यादा होती है, गुलाबी बस की 35 सीटों की क्षमता है, जिस कारण छात्राओं के लिए 52 सीटों वाली बड़ी बसें भेजनी पड़ती हैं। छुट्टी के बाद इन बसों का संचालन ग्रामीण रूट पर कर दिया जाता है।
- सुरेंद्र सिंह, यातायात प्रबंधक रोडवेज फतेहाबाद।
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छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज समय में उन्हें बस का लाभ नहीं मिल पाता और वे सामान्य बसों में भीड़ के बीच सफर करने को मजबूर होती हैं। रोडवेज डिपो को मिली करीब 10 गुलाबी बसें छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुलभ यात्रा के लिए शुरू की गई थीं, लेकिन इनका इस्तेमाल अक्सर भट्टू और अन्य ग्रामीण रूटों पर सामान्य यात्रियों के लिए किया जा रहा है। छात्राओं ने प्रशासन से अपील की है कि बसों को समय पर और सही रूट पर चलाया जाए, ताकि सुरक्षित और आरामदायक आवागमन सुनिश्चित हो सके।
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छात्राओं को झेलनी पड़ रही परेशानी
गांव भोड़ियाखेड़ा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय और आईटीआई जाने वाली छात्राएं इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। छात्राओं उर्मिला, सुमन, कंचन, प्रीति आदि ने बताया कि उन्हें सुबह और दोपहर के समय बसों के लिए कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो बसें इतनी कम आती हैं कि उन्हें कॉलेज पहुंचने के लिए ऑटो या ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है।
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गुलाबी बसें छात्राओं के लिए भी चलाई जा रही हैं, लेकिन कई बार महिला महाविद्यालयों में छात्राओं की संख्या ज्यादा होती है, गुलाबी बस की 35 सीटों की क्षमता है, जिस कारण छात्राओं के लिए 52 सीटों वाली बड़ी बसें भेजनी पड़ती हैं। छुट्टी के बाद इन बसों का संचालन ग्रामीण रूट पर कर दिया जाता है।
- सुरेंद्र सिंह, यातायात प्रबंधक रोडवेज फतेहाबाद।