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अभिभावक बच्चों को विद्यालय स्वयं छोड़ें या स्कूल बस का ही करें प्रयोग : डीसी
Tue, 23 Apr 2024 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 23 Apr 2024 01:18 AM IST
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लघु सचिवालय के सभागार में सडक़ सुरक्षित एवं स्कूल वाहन पॉलिसी संबंधी बैठक लेते उपायुक्त राहुल नर
फतेहाबाद। उपायुक्त राहुल नरवाल की अध्यक्षता में सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में सड़क सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को लेकर बैठक हुई। डीसी ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को स्कूल में स्वयं छोड़ें या भेजने के लिए स्कूल बस का ही प्रयोग करें, ऑटो या किसी अन्य अवैध वाहन का प्रयोग न करें।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ई रिक्शा, ऑटो, मैक्सी कैब के अलावा अन्य वाहनों को भी चेक करें और यह सुनिश्चित करें कि इनमें क्षमता से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए और सभी दस्तावेज भी उनके पास होने चाहिए। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं में लापरवाही की वजह से किसी की जान नहीं जानी चाहिए। सभी एजेंसियां यह सुनिश्चित कर लें कि उनके विभागों की सड़क ठीक हों। लोगों में जागरूकता के साथ यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान भी किए जाएं।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर चेतावनी बोर्ड लगाएं। हाईवे व अन्य सड़कों पर अवैध कट नहीं होने चाहिए। अगर ये अवैध कट बने हुए हैं तो इनको जल्द बंद करवाया जाए। नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध एनएचएआई तथा संबंधित विभाग एफआईआर दर्ज करवाएं। उन्होंने आरटीए व जिले में गठित कमेटी को निर्देश दिए कि वे निजी स्कूलों की सभी 1200 बसों की चेकिंग करें। इसके अलावा जिले में अगर अन्य गैर कानूनी रूप से स्कूली बसें चल रही है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करें। यातायात संबंधी सभी प्रकार के सहायता उपकरण स्कूल वाहनों में होने चाहिए। इसके साथ बच्चों के लिए सहायक होना भी जरूरी है। सभी निजी स्कूल संचालक सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के अनुसार की वाहन चलाएं ताकि स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को होने वाली दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
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इस मौके पर आरटीए सचिव संजय बिश्नोई, डीएसपी कुलवंत सिह, डीडीपीओ रविंद्र दलाल, डीईओ संगीता बिश्नोई, एक्सईएन केसी कंबोज, सतीश देसवाल, डिप्टी सीएमओ संगीता, मंगत राम, एसके शर्मा सहित विभिन्न अधिकारी व कमेटी सदस्य मौजूद रहे।
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उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ई रिक्शा, ऑटो, मैक्सी कैब के अलावा अन्य वाहनों को भी चेक करें और यह सुनिश्चित करें कि इनमें क्षमता से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए और सभी दस्तावेज भी उनके पास होने चाहिए। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं में लापरवाही की वजह से किसी की जान नहीं जानी चाहिए। सभी एजेंसियां यह सुनिश्चित कर लें कि उनके विभागों की सड़क ठीक हों। लोगों में जागरूकता के साथ यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान भी किए जाएं।
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दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर चेतावनी बोर्ड लगाएं। हाईवे व अन्य सड़कों पर अवैध कट नहीं होने चाहिए। अगर ये अवैध कट बने हुए हैं तो इनको जल्द बंद करवाया जाए। नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध एनएचएआई तथा संबंधित विभाग एफआईआर दर्ज करवाएं। उन्होंने आरटीए व जिले में गठित कमेटी को निर्देश दिए कि वे निजी स्कूलों की सभी 1200 बसों की चेकिंग करें। इसके अलावा जिले में अगर अन्य गैर कानूनी रूप से स्कूली बसें चल रही है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करें। यातायात संबंधी सभी प्रकार के सहायता उपकरण स्कूल वाहनों में होने चाहिए। इसके साथ बच्चों के लिए सहायक होना भी जरूरी है। सभी निजी स्कूल संचालक सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के अनुसार की वाहन चलाएं ताकि स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को होने वाली दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
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इस मौके पर आरटीए सचिव संजय बिश्नोई, डीएसपी कुलवंत सिह, डीडीपीओ रविंद्र दलाल, डीईओ संगीता बिश्नोई, एक्सईएन केसी कंबोज, सतीश देसवाल, डिप्टी सीएमओ संगीता, मंगत राम, एसके शर्मा सहित विभिन्न अधिकारी व कमेटी सदस्य मौजूद रहे।