फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Panchayat suspension recommended

पंचायत के निलंबित की सिफारिश

Sat, 20 Jun 2020 11:15 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2020 11:15 PM IST
विज्ञापन
Panchayat suspension recommended
रेस्ट हाउस में अधिकारियों और शिकायतकर्ता बाला देवी से बातचीत करती हरियाणा राज्य महिला आयोग की च - फोटो : Fatehabad
ढाणी भोजराज में विधवा महिला को जमीन के बंटवारे के दौरान 15 साल के लिए मायके भेजे जाने का समझौते के मामले में हरियाणा महिला आयोग ने संज्ञान लिया है और ढाणी भोजराज की पंचायत को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के सिफारिश करने की बात कही है। आयोग की अध्यक्षा प्रतिभा सुमन और सदस्य सुमन बेदी शनिवार दोपहर बाद फतेहाबाद रेस्ट हाउस पहुंची और पीड़ित महिला और उसके पिता से जानकारी ली। इतना ही नहीं उन्होंने गांव ढाणी भोजराज के सरपंच व पूरी पंचायत को सोमवार को पंचकूला में महिला आयोग के कार्यालय में तलब कर लिया है। प्रशासन की ओर से तहसीलदार विजय मेहता, डीएसपी दलजीत बैनीवाल, जिला प्रोटेक्शन अधिकारी रेखा अग्रवाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन

महिला आयोग से बातचीत के दौरान पीड़ित महिला के पिता ने समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले गांव चमारखेड़ा के लोगों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आग्रह किया लेकिन उनके आग्रह को महिला आयोग ने अस्वीकार कर दिया। महिला आयोग की टीम ने इसके बाद गांव ढाणी भोजराज में पीड़िता के घर पहुंचकर उसकी बेटी से भी मुलाकात की। इस बीच ये जानकारी भी निकलकर आई है कि ये मामला मई माह का है लेकिन अब जाकर सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो मामले का खुलासा हुआ।
विज्ञापन

पत्रकारों से बातचीत में महिला आयोग की अध्यक्षा प्रतिभा सुमन ने कहा कि पंचायती राज एक्ट में ऐसा कोई नियम नहीं है कि ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर इस तरह के फरमान या फैसला दे सकें। चेयरपर्सन ने कहा कि वे जिला उपायुक्त व सरकार से इस बारे बातचीत करेगी और पंचायत के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई के लिए आयोग सिफारिश करेगा। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब में चेयरर्पसन प्रतिभा सुमन ने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। महिला को उसकी ससुराल ढाणी भोजराज में ही उसकी बेटी के साथ रहने के लिए मकान दिलवाया जाएगा। विधवा महिला बाला देवी के पिता ने इस दौरान ये आरोप लगाया कि पुलिस को पंचायत के इस कदम की जानकारी थी लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं मौके पर मौजूद भूना थाने के सब इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह ने इससे इंकार किया। इस पर चेयरमैन प्रतिभा सुमन ने कहा कि वो पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच करवाएंगी अगर वो दोषी निकले तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये है मामला : गांव ढाणी भोजराज में विवाहित महिला बाला देवी के पति की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। इसके बाद पारिवारिक जमीन-जायदाद के बंटवारे के समझौते के दौरान मई माह में गांव के लेटरहेड पर समझौते की शर्तें लिखी गई जिसमें एक शर्त ये भी थी कि बाला देवी अब गांव भोजराज में नहीं रहेगी बल्कि 15 साल के लिए अपने मायके गांव यानी चमारखेड़ा गांव में रहेगी। इतना ही नहीं, इस समझौते पर गांव चमारखेड़ा के मौजिज सदस्यों के भी हस्ताक्षर हैं। मई माह का मामला होने के बाद अब जाकर ये मामला सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद खुला है। उधर विवाहिता के पिता अब ये कह रहे हैं कि गांव चमारखेड़ा के मौजिज लोगों ने हस्ताक्षर करने से पहले उनकी सहमति नहीं ली थी। उन्हें अब अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed