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Fatehabad News: पंचायत समिति सदस्य ने चेयरमैन पर लगे आरोप बताए झूठे
Thu, 02 Jan 2025 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 02 Jan 2025 11:02 PM IST
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सोशल मीडिया के माध्यम सेवीडियो जारी कर पत्रकारों को जानकारी देते हुए पंचायत समिति सदस्य नवीन व
रतिया। नवीन का अपहरण करने का केस दर्ज करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। वीरवार को पंचायत समिति सदस्य नवीन कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए सामने आकर चेयरमैन पर लगे आरोप झूठे बताए हैं।
नवीन ने शपथ पत्र द्वारा बयान दर्ज करवा कर कहा है कि उसका अपहरण नहीं हुआ बल्कि वह अपने काम के सिलसिले में समिति के अन्य सदस्य सुनील कुमार के साथ पहले गुरुग्राम, उसके बाद चंडीगढ़ गया था। उसे जानकारी मिली कि उसके अपहरण के आरोप लगाकर पंचायत समिति चेयरमैन केवल मेहता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जो कि सरासर गलत है।
समिति सदस्य नवीन ने कहा कि उसने सदर थाना प्रभारी को भी बताया था कि वह अपने काम के सिलसिले में गया है, उसका कोई अपहरण नहीं हुआ। उसके अलावा ब्लॉक समिति सदस्य सुनील ने भी शपथ पत्र दिया है। दोनों ने केवल मेहता पर दर्ज केस रद्द करने की मांग की। इस मामले को लेकर समिति सदस्य नवीन के पिता आसाराम, हरकिशन, भाना राम सहित अन्य ग्रामीण वीरवार दोपहर बाद सदर थाना प्रभारी राजवीर सिंह से मिले और उन्होंने भी शपथ पत्र देकर केवल मेहता के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की।
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सदर थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि नवीन के परिजन मिले थे। नवीन के काम के सिलसिले में बाहर होने की बात कही गई है। मामले की जांच पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। जांच में जो भी सामने आएगा, उसी के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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आज होनी है अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक
बता दें कि पंचायत समिति चेयरमैन केवल मेहता के खिलाफ 16 सदस्यों ने उपायुक्त से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर शपथ पत्र दिया था। उपायुक्त ने अविश्वास प्रस्ताव पर एडीसी की अध्यक्षता में 4 दिसंबर की बैठक निर्धारित की थी। मगर उस दिन एडीसी की गैरमौजूदगी के चलते बैठक स्थगित हो गई। इसके बाद 3 जनवरी को शाम 4 बजे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक रखी गई है। मगर 1 जनवरी को ही सदर पुलिस ने वार्ड 22 से सदस्य नवीन के भाई के बयान पर चेयरमैन केवल मेहता पर अपहरण के आरोप में केस दर्ज कर लिया। इस पूरे मामले को राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि केवल मेहता विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा समर्थित थे। चुनाव के दौरान वह भाजपा छोड़ कर तत्कालीन विधायक लक्ष्मण नापा के साथ कांग्रेस में चले गए। उसी के बाद से ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की राजनीति शुरू हो गई थी। अब केवल मेहता अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को बचाने के लिए संख्या बल जुटाने में लगे हुए हैं। चर्चा है कि केवल मेहता के पक्ष में अब 10 से अधिक पंचायत समिति सदस्य जुट गए हैं।
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नवीन ने शपथ पत्र द्वारा बयान दर्ज करवा कर कहा है कि उसका अपहरण नहीं हुआ बल्कि वह अपने काम के सिलसिले में समिति के अन्य सदस्य सुनील कुमार के साथ पहले गुरुग्राम, उसके बाद चंडीगढ़ गया था। उसे जानकारी मिली कि उसके अपहरण के आरोप लगाकर पंचायत समिति चेयरमैन केवल मेहता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जो कि सरासर गलत है।
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समिति सदस्य नवीन ने कहा कि उसने सदर थाना प्रभारी को भी बताया था कि वह अपने काम के सिलसिले में गया है, उसका कोई अपहरण नहीं हुआ। उसके अलावा ब्लॉक समिति सदस्य सुनील ने भी शपथ पत्र दिया है। दोनों ने केवल मेहता पर दर्ज केस रद्द करने की मांग की। इस मामले को लेकर समिति सदस्य नवीन के पिता आसाराम, हरकिशन, भाना राम सहित अन्य ग्रामीण वीरवार दोपहर बाद सदर थाना प्रभारी राजवीर सिंह से मिले और उन्होंने भी शपथ पत्र देकर केवल मेहता के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की।
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सदर थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि नवीन के परिजन मिले थे। नवीन के काम के सिलसिले में बाहर होने की बात कही गई है। मामले की जांच पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। जांच में जो भी सामने आएगा, उसी के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
आज होनी है अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक
बता दें कि पंचायत समिति चेयरमैन केवल मेहता के खिलाफ 16 सदस्यों ने उपायुक्त से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर शपथ पत्र दिया था। उपायुक्त ने अविश्वास प्रस्ताव पर एडीसी की अध्यक्षता में 4 दिसंबर की बैठक निर्धारित की थी। मगर उस दिन एडीसी की गैरमौजूदगी के चलते बैठक स्थगित हो गई। इसके बाद 3 जनवरी को शाम 4 बजे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक रखी गई है। मगर 1 जनवरी को ही सदर पुलिस ने वार्ड 22 से सदस्य नवीन के भाई के बयान पर चेयरमैन केवल मेहता पर अपहरण के आरोप में केस दर्ज कर लिया। इस पूरे मामले को राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि केवल मेहता विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा समर्थित थे। चुनाव के दौरान वह भाजपा छोड़ कर तत्कालीन विधायक लक्ष्मण नापा के साथ कांग्रेस में चले गए। उसी के बाद से ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की राजनीति शुरू हो गई थी। अब केवल मेहता अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को बचाने के लिए संख्या बल जुटाने में लगे हुए हैं। चर्चा है कि केवल मेहता के पक्ष में अब 10 से अधिक पंचायत समिति सदस्य जुट गए हैं।