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94 वार्डों को पंचायतों में नहीं मिलेगा प्रतिनिधित्व, एक भी नामांकन नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Sat, 23 Jan 2016 12:24 AM IST
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शैक्षणिक योग्यता लागू होने के बीच एक ओर जहां गांवों की पंचायती राज संस्थाओं में एमबीए और पीएचडी पास लोग चुने जा रहे हैं, वहीं इसका दूसरा पक्ष भी प्रशासन के सामने आ खड़ा हुआ है। इस बार 24 जनवरी को जब पंचायत चुनाव के आखिरी चरण के सरपंच-पद के विजेताओं की घोषणा होगी तो भी जिले के 94 वार्ड ऐसे होंगे, जिन्हें उनकी पंचायतों में ही प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाएगा। इन वार्डों में पंच पद के लिए एक भी नामांकन नहीं आया है। सर्वसम्मति से प्रदेश भर में सबसे ज्यादा सरपंच बनाने की खुमारी में डूबे जिला प्रशासन के सामने अब इन 94 खाली पदों को भरना एक नई चुनौती है।
टोहाना-रतिया में खाली वार्ड सबसे अधिक
जिला विकास एवं पंचायत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पंचों के खाली पदों के मामले में रतिया और टोहाना ब्लॉक सबसे ज्यादा प्रभावित रहें हैं। इन दोनों खंडों में पंचों के 30-30 पद खाली रहेंगे। फतेहाबाद ब्लॉक में पंचों के लगभग 12 वार्ड खाली रहेंगे। जाखल और भूना में भी 8-8 पंच पदों के लिए कोई नामांकन नहीं आया है। पूरे ब्लॉक में एक भी सरपंच या पंचायत सर्वसम्मति से ना चुनने वाला भट्टू ब्लॉक भी इस चुनौती से अछूता नहीं है। हालांकि, भट्टू में यह आंकड़ा जिले में सबसे कम यानी महज छह है।
जून तक निकालना होगा समाधान
जिला विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारी इस बात से इंकार नहीं करते कि इतने वार्डों में एक भी नामांकन ना आने के पीछे सबसे बड़ी वजह सरकार द्वारा लागू की गई शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्य शर्त है। हालांकि अधिकारी अभी भी पंचायती चुनाव के मौजूदा दौर से संतुष्ट हैं। उनके मुताबिक, पंचायत समिति, सरपंच और जिला परिषद के नामांकन में इस प्रकार की समस्या का ना आना एक अच्छा संकेत है। विभाग अब इन सभी 94 वार्डों में जून में दोबारा चुनाव करवा सकता है।
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पंच पदों के 94 वार्डों में कोई नामांकन नहीं आया है। इनके लिए जून में चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा सकने की संभावना है।
राजेश खोथ, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, फतेहाबाद।
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टोहाना-रतिया में खाली वार्ड सबसे अधिक
जिला विकास एवं पंचायत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पंचों के खाली पदों के मामले में रतिया और टोहाना ब्लॉक सबसे ज्यादा प्रभावित रहें हैं। इन दोनों खंडों में पंचों के 30-30 पद खाली रहेंगे। फतेहाबाद ब्लॉक में पंचों के लगभग 12 वार्ड खाली रहेंगे। जाखल और भूना में भी 8-8 पंच पदों के लिए कोई नामांकन नहीं आया है। पूरे ब्लॉक में एक भी सरपंच या पंचायत सर्वसम्मति से ना चुनने वाला भट्टू ब्लॉक भी इस चुनौती से अछूता नहीं है। हालांकि, भट्टू में यह आंकड़ा जिले में सबसे कम यानी महज छह है।
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जून तक निकालना होगा समाधान
जिला विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारी इस बात से इंकार नहीं करते कि इतने वार्डों में एक भी नामांकन ना आने के पीछे सबसे बड़ी वजह सरकार द्वारा लागू की गई शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्य शर्त है। हालांकि अधिकारी अभी भी पंचायती चुनाव के मौजूदा दौर से संतुष्ट हैं। उनके मुताबिक, पंचायत समिति, सरपंच और जिला परिषद के नामांकन में इस प्रकार की समस्या का ना आना एक अच्छा संकेत है। विभाग अब इन सभी 94 वार्डों में जून में दोबारा चुनाव करवा सकता है।
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पंच पदों के 94 वार्डों में कोई नामांकन नहीं आया है। इनके लिए जून में चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा सकने की संभावना है।
राजेश खोथ, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, फतेहाबाद।